रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू
कौशाम्बी : सिराथू सर्किल के तत्कालीन क्षेत्राधिकारी (सीओ) अवधेश विश्वकर्मा और उनके मुंशी श्याम जी शर्मा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित उमाकांत साहू पुत्र रामलोटन साहू निवासी भरवारी ने गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर शिकायती पत्र सौंपा है। पीड़ित का आरोप है कि उसके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 59/25, धारा 115(2), 352, 351(2), BNS 3(2), 3(1)घ एससी/एसटी एक्ट में फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है। उसने उसने मुख्यमंत्री को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया कि मैं एक पढ़ने लिखने वाला छात्र हूं तथा एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र जन सेवा केंद्र द्वारा भरवारी जनपद कौशांबी में अपनी अजीविका चलाता हूं बताया कि दिनांक 27 एक 2025 को समय 2:00 बजे दिन में जिस प्रकार से वादी मुकदमा द्वारा घटना दिखाई जा रही है ऐसी कोई घटना नहीं घटी है मात्र रंजिश वश अनिल कुमार जो कि थाना कोखराज में चौकीदार पद पर कार्यरत है एससी एसटी कानून का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया ,इन बातों को लेकर प्रार्थी पुनः क्षेत्राधिकार सिराथू से मिला और उसने सारी बातें बताई तो उन्होंने कहा कि मेरा मुंशी श्याम जी शर्मा जो तुम्हें कह रहा है उसकी तुम्हें बात माननी पड़ेगी । मुंशी ने मुझसे एक लाख रुपए की मांग की,प्रार्थी पैसे की व्यवस्था नहीं कर सका जिसके कारण मनगढ़ंत तरीके से आरोप पत्र लगाकर न्यायालय भेज दिया गया, पीड़ित का कहना है किसी क्षेत्राधिकारी के कार्यालय में तैनात श्याम जी शर्मा विगत 6 वर्षों से कार्यरत हैं ,वही श्याम जी शर्मा मुंशी मुझे पैसे मांगने के लिए व्हाट्सएप वॉइस कॉल किया करते थे इसका भी सी डि आर निकलवाया जा जाए तो सारी पोल खुल सकती है।श्याम जी शर्मा ने मेरे पक्ष के गवाह दारो का बयान लेने के लिए जब-जब अपने कार्यालय में बुलाया और कहा कि तुम लोगों का बयान होना है जिसके फल स्वरुप मुंशी श्याम जी शर्मा मेरे गवाहदारों से सिर्फ और सिर्फ सादा सफेद कागज में हस्ताक्षर करवा लेता था, मै लगातार 5 महीने से इस फर्जी मुकदमे की वजह से मानसिक रूप से परेशान हो चुका था, वादी मुकदमा शराब के नशे में धुत होकर आए दिन गाली गलौज करता है और जिस दिन की घटना होना बताई जा रही है उस दिन की वास्तविकता यह है कि अनिल कुमार सरोज वादी शराब के नशे में धुत होकर मेरे एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र सहज जन सेवा केंद्र गौरा में आकर कहने लगा कि मुझे ₹10000 निकालना है तो मैंने कहा कि अभी सर्वर नहीं चल रहा है थोड़ी देर बाद आईए तो वादी मुकदमा ने कहा कि तुम मेरा आधार कार्ड रख लो और मुझे ₹10000 दे दो बाद में पैसा निकाल लेना तो मैंने कहा कि मैं ऐसा नहीं कर पाऊंगा तो वादि मुकदमा मुझे गाली गलौज करने लगा तो शोरगुल सुनकर मेरी मम्मी वा बहन निकल आई और गाली देने से मना किया तो अनिल कुमार सरोज ने मेरे मां बहन को भी भद्दी भद्दी गालियां दी, और प्रार्थी के विरुद्ध फर्जी एससी एसटी का मुकदमा भी पंजीकृत करा दिया, जिससे पीड़ित उमाकांत साहू पूरी तरह से परेशान है इसी क्रम में उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोरखपुर जाकर मुलाकात कर शिकायती पत्र सौंपते हुए पूरी घटना के साथ-साथ तत्कालीन क्षेत्राधिकारी अवधेश विश्वकर्मा और भ्रष्टाचार में लिफ्ट मुंशी श्याम जी शर्मा के खिलाफ जांच की मांग की और इस मामले की पुनः जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। सूत्रों की मानें तो भ्रष्टाचार में संलिप्त बताए जा रहे मुंशी श्याम जी शर्मा पिछले छह वर्षों से सीओ कार्यालय सिराथू में ही तैनात हैं, जिससे विभागीय नियमों के उल्लंघन और पक्षपात के आरोप और गहरे हो गए हैं। पीड़ित ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी को भी ज्ञापन सौंपा है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।
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