Thursday, May 7, 2026

मंडल अध्यक्ष श्रवण पाल ने कार्यकर्ताओं के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी का जन्मदिन मनाया...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


प्रयागराज : उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी का जन्म दिवस जमुना पट्टी मंडल अध्यक्ष श्रवण पाल के नेतृत्व में झलवा साईं मंदिर के पास मनाया गया जिसमें जिला कोषाध्यक्ष राम लोचन साहू अनिल मौर्य मंडल अध्यक्ष गंगा पट्टी ज्ञान बाबू केसरवानी पूर्व मंडल अध्यक्ष आलोक सिंह पटेल, मंडल महामंत्री सोनी लखवानी, मंडल महामंत्री राहुल कुशवाहा, मंडल उपाध्यक्ष दिलीप सिंह पटेल, मंडल उपाध्यक्ष  शैलेंद्र द्विवेदी, मंडल मंत्री दिव्या गौड़,  मंडल मंत्री राहुल साहू, सेक्टर संयोजक सुखनंदन भारतीय, बूथ अध्यक्ष और सभी कार्यकर्ता बंधु उपस्थित हुए।

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने मकान सूचीकरण जनगणना-2027 का शुभारम्भ किया...



रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


प्रयागराज : जनपद में मकान सूचीकरण जनगणना-2027 का गुरूवार से प्रारम्भ हुआ। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा ने पोर्टल पर आवास की स्वगणना कर आईडी नंबर प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि पोर्टल के माध्यम से लोग स्वयं ही जनगणना पोर्टल पर अपने मकान की जनगणना कर सकते है। उन्होंने बताया कि इस बार की जनगणना पारंपरिक कागजी कार्यवाही के बजाय पूरी तरह डिजिटल होगी। प्रशासन ने इस बार नागरिकों को स्वगणना का विकल्प दिया गया है, जिससे लोग खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे। जनगणना के पहले चरण को दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है। 7 मई से 21 मई तक नागरिक स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी भर सकते हैं। इसके बाद, 22 मई से 20 जून तक गणनाकर्मी घर-घर जाकर डेटा का सत्यापन और मकान सूचीकरण करेंगे। स्वगणना के लिए नागरिक पोर्टल https://se.census.gov.in  पर जाकर स्वप्रेरणा से अपनी स्वजनगणना कर सकते हैं। इसमें राज्य का चयन, मोबाइल नंबर और ईमेल से पंजीकरण शामिल है। ओटीपी सत्यापन के बाद भाषा और जिले का चयन करना होगा। इसके बाद मैप पर अपने घर की सटीक लोकेशन मार्क करनी होगी और मकान व परिवार से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। फॉर्म सबमिट करने पर एक 11 अंकों की स्वगणना आईडी प्राप्त होगी, जिसे क्षेत्र प्रगणक को उपलब्ध कराकर अपनी जनगणना पूर्ण करनी है। उल्लेखनीय है कि जनगणना केवल नागरिकों की संख्या का आकलन मात्र ही नहीं अपितु यह आयु, लिंग, साक्षरता, आर्थिक गतिविधि आदि महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों के संग्रह की एक प्रमुख प्रक्रिया है, जिसके आधार पर भविष्य की नीतियों एवं योजनाओं का निर्धारण किया जाता है। इस अवसर पर नगर आयुक्त श्री सीलम सांई तेजा, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जनगणना अधिकारी सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Wednesday, May 6, 2026

मनौरी गैराज में लगी आग दो लग्जरी कार जल कर हुई ख़ाक...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू

कौशाम्बी :जनपद के पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार के गैराज में खड़ी दो लग्जरी कार में बुधवार दोपहर अचानक आग लग गई देखते देखते आग ने विकराल रूप ले लिया जिससे मौके पर मौजूद लोगों में दहशत और भय व्याप्त हो गया मामले की सूचना थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने पानी डालकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया है तब तक दोनों लग्जरी कार जलकर खाक हो गई है जानकारी के मुताबिक पिपरी थाना क्षेत्र मनौरी बाजार महमूदपुर महर्षि दयानंद चौराहे के पास गेराज में खड़ी दो लग्जरी चार पहिया वाहन में बुधवार को दोपहर लगभग 2:00 बजे आग लग गई देखते देखते आग ने विकराल रूप ले लिया मौके पर अफरा तफरी मच गई मामले की सूचना फायर ब्रिगेड और थाना पुलिस को दी गई मौके पर फायर ब्रिगेड और पुलिस पहुंची फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने पानी डालकर मेहनत के बाद आग पर काबू पा लिया है लेकिन दोनों लग्जरी कार जल के खाक हो गई जिसकी कीमत लगभग 50 से 60 लाख रुपए है यह घटना उस समय हुई एडवोकेट मनीष केसरवानी अपनी एक्सयूवी 700 और  एडवोकेट अनूप केसरवानी अपनी एमजी हेक्टर को गैरेज में खड़ी कर चुके थे अनूप केसरवानी बुधवार दोपहर करीब लगभग दो बजे अपनी गाड़ी खड़ी कर घर पहुंचे थे अचानक शोर सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि गैरेज में खड़ी दोनों गाड़ियां धू-धू कर जल रही थीं।आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोगों को तत्काल आग बुझाने का मौका नहीं मिल सका।सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया,लेकिन तब तक दोनों वाहन पूरी तरह नष्ट हो चुके थे प्रारंभिक अनुमान के अनुसार,अत्यधिक गर्मी के चलते आग लगने की आशंका जताई जा रही है। जिस स्थान पर वाहन खड़े थे,वहां टीन शेड तो लगा था,घटना के बाद इलाके में काफी देर तक दहशत और चर्चा का माहौल बना रहा।

जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने की जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


कौशाम्बी : जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल की अध्यक्षता में उदयन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने परिवार कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारियों से विगत माह अप्रैल में शिशु मृत्यु के कारणों की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश  दिए। उन्होंने फीडिंग के कार्य में लापरवाही/शिथिलता पाए जाने पर बी.पी.एम. सिराथू एवं सरसवा का वेतन रोकने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने आभा आई.डी. के कार्य में प्रगति लाने एवं एम.सी.पी. कार्ड पूर्ण रूप से भरे जाने के कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत कार्ययोजना बनाकर लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के कार्य में तेजी से प्रगति सुनिश्चित की जाय। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारियों से चिन्हित निष्क्रिय आशाओं को हटाए जाने की स्थिति की समीक्षा के दौरान कहा कि इनके स्थान पर नई आशाओं के चयन की कार्यवाही इस माह तक करा लिया जाए। उन्होंने नियमित टीकाकरण की समीक्षा के दौरान टीकाकरण में शिथिलता पाए जाने पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी से चिकित्सकों की उपलब्धता एवं एम्बुलेंस की स्थिति आदि की जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने की जिला पोषण समिति की बैठक...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


कौशाम्बी : जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल की अध्यक्षता में उदयन सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने पोषण ट्रैकर पर ऑगनबाड़ी केन्द्रों के खुलने की स्थिति की समीक्षा के दौरान कुछ ऑगनबाड़ी केन्द्र आउट ऑफ जियो फेंस पाए जाने पर नाराजगी प्रकट करते हुए सभी सी.डी.पी.ओ. को विशेष ध्यान देते हुए प्रतिदिन अनुश्रवण कर सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निजी भवनों में संचालित ऑगनबाड़ी केन्द्रों को सरकारी भवनों में शिफ्ट कराने की स्थिति की समीक्षा के दौरान सी.डी.पी.ओ से कहा कि जहॉ पर ऑगनबाड़ी केन्द्र, सरकारी भवन में शिफ्ट कराया जाना सम्भव नहीं है, वहॉ पर ऑगनबाड़ी केन्द्र के निर्माण के लिए उप जिलाधिकारी/तहसीलदार से समन्वय कर भूमि चिन्हित करते हुए प्रस्ताव उपलब्ध करा दिया जाए। उन्होंने सभी सी.डी.पी.ओ. को ऑगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति और बढ़ाने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य सेविकाओं से सैम बच्चों की संख्या/पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराए जाने एवं उनका फॉलोअप की जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि और सैम बच्चों को चिन्हित कर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाए। उन्होंने सभी सी.डी.पी.ओ. से कहा कि शत-प्रतिशत होम विजिट एवं पुष्टाहार का वितरण सुनिश्चित कराया जाय। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के अंतर्गत लंबित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करा दिया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा प्रदर्शनी का किया अवलोकन, उभरती स्वदेशी क्षमताओं को सराहा...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


प्रयागराज : नॉर्थ टेक सिम्पोजियम-2026 में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ ने रक्षा प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए देश की उभरती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं की सराहना की। तीन दिवसीय इस आयोजन में आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप विकसित अत्याधुनिक तकनीकों और उपकरणों का व्यापक प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेना, उद्योग और स्टार्टअप्स की सहभागिता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। प्रदर्शनी के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी ने बुलेटप्रूफ जैकेट, टैक्टिकल गियर, अत्याधुनिक हेलमेट और मल्टी-टेरेन ऑपरेशंस के लिए विकसित सैन्य उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेषज्ञों से तकनीकी विशेषताओं की जानकारी ली और उत्पादों की उपयोगिता पर चर्चा की। विशेष रूप से ‘हेड-टू-बूट’ सुरक्षा प्रणाली, अत्यधिक विषम तापमान में पहने जाने वाले कपड़े और मॉड्यूलर प्रोटेक्शन सिस्टम जैसे इनोवेशन आकर्षण का केंद्र रहे। सिम्पोजियम में प्रदर्शित तकनीकों में ड्रोन, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम, कम्युनिकेशन उपकरण और भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए विकसित एआई आधारित समाधान भी शामिल रहे। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि भारत अब पारंपरिक युद्ध से आगे बढ़कर मल्टी-डोमेन वॉरफेयर यानी साइबर, स्पेस और इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रम में भी अपनी तैयारी मजबूत कर रहा है। प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में एमएसएमई, स्टार्टअप्स और रक्षा कंपनियों की भागीदारी ने ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती दी है। समापन अवसर पर समूह फोटो में सैन्य अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं की संयुक्त उपस्थिति इस बात का संकेत देती है कि भविष्य का युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि तकनीक, नवाचार और साझेदारी से तय होगा और प्रयागराज का यह मंच उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में नॉर्थ टेक सिम्पोजियम-2026 के समापन कार्यक्रम में हुए सम्मिलित...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू

प्रयागराज : मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ बुधवार को न्यू कैण्ट, प्रयागराज में आयोजित ‘‘नार्थ टेक सिम्पोजियम-2026’’ के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री एवं रक्षामंत्री के विजन को आज हम सब यहां पर नॉर्थ टेक सिम्पोजियम के माध्यम से रक्षा त्रिवेणी संगम के रूप में इस त्रिवेणी के पावन धरा पर साकार होते हुए देख रहे हैं। उन्होंने प्रयागराज की इस पावन धरा पर स्थित त्रिवेणी संगम, वेणी माधव, अक्षय वट, सोमेश्वर महादेव, महर्षि भारद्वाज, नागवासुकी को नमन करते हुए इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए आर्मी के सेंट्रल कमाण्ड और नार्थ कमाण्ड को बधाई देते हुए प्रदेश सरकार की ओर से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज की पावन धरा प्राचाीन काल से ही ज्ञान, आध्यात्मिक विरासत और न्याय की पावन त्रिवेणी के रूप में विख्यात रही है। आज ‘‘नार्थ टेक सिम्पोजियम’’ के माध्यम से हम सब नॉलेज एंड इनोवेशन के संगम के रूप में भी प्रस्तुत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लड़ाई सीमाओं से बढ़कर साइबर, स्पेस, डेटा नेटवर्क और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम तक फैल चुकी है। पारंपरिक युद्ध कौशल के साथ-साथ अब तकनीकी दक्षता, रणनीतिक सोच और मानसिक दृढ़ता भी अनिवार्य हो गई है। आज के युद्ध में कीबोर्ड, सेटेलाइट और डेटा उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितने पारंपरिक हथियार। दुश्मन के संचार नेटवर्क को बाधित करना तथा अपने सिस्टम को सुरक्षित रखना नई युद्ध रणनीति का आधार बन रहा है। ऐसे परिदृश्य में वही राष्ट्र आगे रहेगा, जो साहस और तकनीक के बीच संतुलन स्थापित कर सके। “नेशन फस्र्ट” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हर भारतीय सैनिक के जीवन का संकल्प है। यह हर नागरिक के लिए भी मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए, क्योंकि राष्ट्र सर्वोपरि है और उससे बढ़कर कुछ भी नहीं। 'आधुनिक युद्ध में कीबोर्ड भी एक प्रभावी हथियार' मुख्यमंत्री ने कहा कि सियाचिन की जमा देने वाली ठंड हो, रेगिस्तान की तपती रेत, घने जंगलों का अंधकार या समुद्र व आकाश की अनंत चुनौतियां, हमारे सैनिक हर परिस्थिति में तत्पर रहते हैं। उनकी सतर्क निगाहों के कारण ही पूरा देश सुरक्षित और निश्चित रह पाता है। आधुनिक युद्ध अब केवल जल, थल और नभ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस के युग में प्रवेश कर चुका है। युद्ध में साइबर, स्पेस और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम जैसे क्षेत्र भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं। कीबोर्ड भी एक प्रभावी हथियार बन चुका है। दुश्मन के पावर ग्रिड, राडार, जीपीएस, बैंकिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम को बाधित करना या अपने नेटवर्क को सुरक्षित व अभेद्य बनाना, नई सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। सेटेलाइट्स के माध्यम से निगरानी, खुफिया जानकारी और नेविगेशन अब युद्ध की ‘आंख’ और ‘दिमाग’ बन चुके हैं। अब लड़ाई सिग्नल्स और डेटा के माध्यम से भी लड़ी जा रही है। 'डिफेंस सेक्टर में यूपी ने की उल्लेखनीय प्रगति' मुख्यमंत्री जी कहा कि वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर युद्ध जैसी स्थितियों ने यह स्पष्ट किया है कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता कितनी आवश्यक है। कुछ वर्ष पहले भारत का रक्षा निर्यात लगभग 600 करोड़ रुपये ही था, लेकिन निरंतर प्रयासों से आज हमारी सामथ्र्य 38 हजार से 50 हजार करोड़ रुपये तक के रक्षा उत्पाद निर्यात करने की है। भारत अब मित्र देशों को रक्षा उत्पाद उपलब्ध करा रहा है। उत्तर प्रदेश ने भी इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह प्रमुख नोड्स लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट पर तेजी से कार्य हो रहा है। इन नोड्स में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतर रहे हैं। सरकार ने डिफेंस एवं एयरोस्पेस पॉलिसी के तहत बड़े लैंड बैंक का निर्माण किया है और निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अलीगढ़ छोटे हथियारों और रक्षा उपकरणों के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है, जबकि कानपुर गोला-बारूद, मिसाइल, डिफेंस टेक्सटाइल और प्रोटेक्टिव गियर के उत्पादन का महत्वपूर्ण हब बन रहा है। लखनऊ और झांसी नोड्स में ब्रह्मोस मिसाइल और हैवी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे देश की सैन्य क्षमता और मजबूत हो रही है। चित्रकूट और आगरा नोड्स में एयरोस्पेस और प्रिसिजन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विकास जारी है, ताकि स्पेस डोमेन सहित रक्षा के सभी आयामों में देश की क्षमता को सुदृढ़ किया जा सके। 'यूपी डिफेंस कॉरिडोर सैनिकों की क्षमता और सुरक्षा में मददगार' मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी डिफेंस कॉरिडोर के तहत तोप के गोले, स्वदेशी ड्रोन, बुलेटप्रूफ जैकेट और उन्नत संचार प्रणालियों का निर्माण किया जा रहा है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उत्तर प्रदेश में उपलब्ध हैं। प्रदेश के पास 56 प्रतिशत युवा एवं स्किल्ड वर्कफोर्स और 96 लाख एमएसएमई इकाइयों का मजबूत आधार है, जो विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। सभी 6 स्ट्रेटेजिक नोड्स पर पर्याप्त लैंड बैंक भी उपलब्ध है। राज्य सरकार स्किल, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के माध्यम से मार्केट-रेडी और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में आईआईटी कानपुर के साथ ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया गया है, जबकि स्टेट फॉरेंसिक संस्थान के माध्यम से भी विभिन्न क्षेत्रों में नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। सभी स्ट्रेटेजिक नोड्स में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। ज्ञान जहां से भी आए, उसे स्वीकारना हमारी परंपरा' मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सिम्पोजियम के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में प्रधानमंत्री के विजन को साकार होते देखना गर्व का विषय है। यह सिम्पोजियम ज्ञान, अनुभव और नवाचार के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। उन्होंने भारतीय   संस्कृति के मूल मंत्र “आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः” का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान जहां से भी आए, उसे स्वीकार करना हमारी परंपरा रही है और यह सिम्पोजियम उसी भावना को आगे बढ़ा रहा है। 'हाईटेक क्षेत्रों में स्थापित हुए स्टार्टअप' माननीय मुख्यमंत्री जी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 21,000 से अधिक स्टार्टअप्स स्थापित हुए हैं, जो एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग जैसे हाईटेक क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। सेफ्टी, टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट के समन्वय से प्रदेश ने बीमारू छवि को पीछे छोड़ते हुए देश के ग्रोथ इंजन के रूप में पहचान बनाई है। अपराध और अव्यवस्था के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति हमारा संकल्प रहा है। माफिया से कानून के राज और उपद्रव से उत्सव तक की यात्रा तय करते हुए यूपी इस मुकाम तक पहुंचा है। हमारी उदारता को कोई कमजोरी न समझे मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने सदैव “वसुधैव कुटुम्बकम” के सिद्धांत को आत्मसात किया है। उदारता हमारे संस्कार का हिस्सा है, लेकिन इसकी रक्षा के लिए शक्ति व सामर्थ्य का होना अनिवार्य है। उन्होंने इस संदर्भ में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षमा व शांति की भाषा वही प्रभावी ढंग से बोल सकता है, जिसके पास पर्याप्त शक्ति हो। भारत अपनी सामरिक और आंतरिक शक्ति इसलिए नहीं बढ़ा रहा कि किसी पर आक्रमण करे, बल्कि इसलिए कि उसकी उदारता को कोई कमजोरी न समझे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में हमारी सरकार आने के पहले प्रदेश अराजकता, अव्यवस्था और पहचान के संकट से जूझ रहा था। तब हमने ‘रूल ऑफ लॉ’ को स्थापित करने का संकल्प लिया और अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पूरी सख्ती के साथ लागू की। इसी सुदृढ़ कानून-व्यवस्था ने प्रदेश में विश्वसनीय और निवेश अनुकूल इकोसिस्टम तैयार किया, जिसने उद्योग व रोजगार के नए अवसरों को गति दी। डिफेंस कॉरिडोर भी इसका एक हिस्सा है। आज प्रदेश के पास एक्सप्रेसवे, हाईवे, आधुनिक रेलवे कनेक्टिविटी, मेट्रो नेटवर्क व एयर कनेक्टिविटी के रूप में देश का विशालतम इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क है।मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ़ (GOC-in-C), लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने अपने संबोधन में उद्योग, शिक्षा जगत और सशस्त्र बलों के बीच सहयोग के 'ट्रिपल हेलिक्स मॉडल' की सराहना की। लेफ्टिनेंट जनरल सेनगुप्ता ने यह उम्मीद भी जताई कि  उत्तर प्रदेश डिफ़ेंस कॉरिडोर एक 'नॉलेज कॉरिडोर' (ज्ञान गलियारा) बन जाएगा और नए रक्षा उपकरणों के विकास का एक केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कमान ने पिछले वर्ष 28 अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं शुरू कीं, जिनके परिणामस्वरूप राज्य में 600 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए, सेना कमांडर ने कहा कि यूपीडीआईसी इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सेना कमांडर ने कहा कि रक्षा त्रिवेणी संगम नागरिक सरकार और सशस्त्र बलों के बीच घनिष्ठ साझेदारी का प्रमाण है, और उन्होंने नॉर्थ टेक संगोष्ठी को सफल बनाने में सभी हितधारकों की भूमिका के लिए धन्यवाद दिया। लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ़ (GOC-in-C), उत्तरी कमान ने देश में रक्षा विनिर्माण, उद्योगों और एक्सप्रेसवे के विकास में उत्तर प्रदेश की भूमिका की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अत्याधुनिक रक्षा क्षमताओं का विकास निजी उद्योग और सरकारी संस्थानों के साथ-साथ सशस्त्र बलों की साझेदारी के माध्यम से ही संभव है। इस अवसर पर प्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, विधायकगण, लेफ्टिनेंट जनरल वी. हरिहरन, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, एसआईडीएम के वाइस प्रेसिडेंट नीरज गुप्ता, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर श्री ए.के. घोष, मण्डलायुक्त  सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के साथ ही सेना व प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारीगण और स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहे।

KHABREIN UTTAR RADESH KI NEWS PAPER

KHABREIN UTTAR RADESH KI NEWS PAPER

VIDEOS