Saturday, April 11, 2026

उप जिलाधिकारी, सिराथू ने ग्राम गनपा में भूमि विवाद की शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


कौशाम्बी : उप जिलाधिकारी, सिराथू योगेश कुमार गौड़ ने “टॉप 10 भूमि विवादों का मौके पर समाधान” अभियान के अंतर्गत आज ग्राम गनपा में कैम्प आयोजित कर राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा भूमि विवाद से संबंधित शिकायतों का ग्राम स्तर पर ही त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया गया।उप जिलाधिकारी की उपस्थिति में कुल  03 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया। इनमें गाटा संख्या 600 व 618, जो कि बंजर खाते की भूमि है,पर हुए अवैध कब्जे को हटवाया गया। इन शिकायतों के निस्तारण से शिकायतकर्ता संतुष्ट हैं।  कैम्प में आमजन को भूमि विवाद से बचने एवं कोर्ट से भूमि विवाद निपटाने की प्रक्रिया की भी जानकारी दिया गया। उप जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में भी इसी प्रकार संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने थाना महेवाघाट का आकस्मिक निरीक्षण किया...

ररिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


 कौशाम्बी : पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत द्वारा थाना महेवाघाट का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, कार्यालय अभिलेख, मालखाना, हवालात, शस्त्रागार, बैरक एवं साफ-सफाई की व्यवस्था का गहनता से निरीक्षण किया गया। इस दौरान अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण तथा थाना परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही पुलिस कर्मियों को अनुशासन, तत्परता एवं जनसुनवाई में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रो. राजेन्द्र सिंह रज्जू भय्या विश्वविद्यालय में 25 नव निर्मित शैक्षणिक सुविधाओं का लोकार्पण किया...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


प्रयागराज : प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय, प्रयागराज परिसर में 25 नव निर्मित शैक्षणिक सुविधाओं का बटन दबाकर लोकार्पण किया। सर्वप्रथम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने कुलाधिपति को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्रम प्रदान कर अभिनंदन किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में माननीय राज्यपाल जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए निर्मित शैक्षणिक सुविधाएं उत्कृष्ट एवं उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से प्रयोगशालाओं के प्रभावी एवं नियमित उपयोग पर बल देते हुए कहा कि इनके माध्यम से विद्यार्थी अधिक व्यावहारिक ज्ञान अर्जित कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे शिक्षा अधिक पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी बन सके। उन्होंने अभिभावकों से भी आह्वान किया कि वे समय-समय पर विश्वविद्यालय आकर यह अवलोकन करें कि उनके बच्चे क्या सीख रहे हैं और किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में उन्होंने वर्तमान विश्व परिस्थितियों एवं संघर्षों का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि किसी भी राष्ट्र का विकास उसकी दूरदर्शिता पर निर्भर करता है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए माननीय राज्यपाल जी ने कहा कि वे स्वयं को केवल अपने परिवार की अपेक्षाओं तक सीमित न समझें, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों के सपनों का प्रतिनिधि मानते हुए अपने लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे यह विचार करें कि वे राष्ट्र निर्माण में क्या योगदान दे सकते हैं, क्योंकि प्रत्येक युवा की सकारात्मक सोच एवं प्रयास ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज का भारत अवसरों से परिपूर्ण है, जहां प्रत्येक विद्यार्थी के पास अपने सपनों को साकार करने की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल रोजगार तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार, शोध एवं सृजनात्मक कार्यों के माध्यम से देश के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि आज का भारत एक आकांक्षी भारत है, जहां हर व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक, नवाचार एवं डिजिटल क्रांति का युग है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों ने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को प्रभावित किया है। तकनीक के साथ-साथ मानवीय मूल्यों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे केवल तकनीकी रूप से दक्ष न बनें, बल्कि नैतिक रूप से भी सशक्त बनें तथा अपने ज्ञान का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के कल्याण के लिए करें। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का वर्तमान दशक चुनौतियों एवं संभावनाओं का संगम है, जहां वैश्विक परिस्थितियों के बीच आत्मनिर्भरता की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। भारत ने कठिन परिस्थितियों को अवसर में परिवर्तित करने की क्षमता प्रदर्शित की है तथा तकनीकी क्षेत्र में तीव्र गति से प्रगति करते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। माननीय राज्यपाल जी ने देश में सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हो रहे विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत के तकनीकी आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्थापित हो रहे सेमीकंडक्टर संयंत्र देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने बताया कि जनभवन, उत्तर प्रदेश की पहल पर डॉ० ए०पी०जे० अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय एवं सीमेंस कंपनी के मध्य हुए समझौते के तहत सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन एवं सिमुलेशन जैसे क्षेत्रों में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जा रही है। इसके अंतर्गत लगभग 200 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, जो आगे चलकर हजारों विद्यार्थियों को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इस प्रकार की पहलें युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी दक्षता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि आज का भारत केवल परिवर्तन का साक्षी नहीं, बल्कि परिवर्तन का नेतृत्वकर्ता बन चुका है। ऊर्जा, तकनीक एवं नवाचार के क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे समय के साथ चलने के साथ-साथ समय को दिशा देने का संकल्प लें, ताकि वे स्वयं के साथ-साथ राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम के दौरान माननीय राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित देवालय का भी दर्शन किया। इसके पश्चात उन्होंने फार्मेसी विभाग, विज्ञान विभाग एवं कृषि विभाग के नव-निर्मित एवं उद्घाटित प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं एवं अन्य शैक्षिक अवसंरचनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने इन सुविधाओं की गुणवत्ता, आधुनिकता एवं उपयोगिता की प्रशंसा करते हुए इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही विश्वविद्यालय के लोकार्पित मुख्य पूर्वी द्वार का भी भ्रमण किया। कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में राज्यपाल जी का अभिनंदन करते हुए कहा कि माननीय कुलाधिपति महोदया ज्ञान, प्रेरणा और शक्ति का स्त्रोत है जिनके कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लोकार्पण के माध्यम से आधुनिक युग के मार्गदर्शन की दिशा और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि मूल्य एवं विचारों का भी संवाहक है। विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न शैक्षिक योजनाओं, नवीन पाठ्यक्रमों तथा अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नव स्थापित प्रयोगशालाओं में विद्यार्थी केवल शोध कार्य ही नहीं करेंगे, बल्कि तर्क, विश्लेषण एवं नवाचार की क्षमता भी विकसित करेंगे। यहाँ से निकलने वाले शोध समाज एवं राष्ट्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। नव निर्मित सुविधाओं के अन्तर्गत सम्मेलन कक्ष, संगोष्ठी सभागार, बायोकेमेस्ट्री प्रयोगशाला, यंत्र कक्ष, प्लांट एंड जेनेटिक ब्रीडिंग प्रयोगशाला, पूर्वी मुख्य द्वार, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, फार्मास्यूटिकल प्रयोगशाला, फर्माकोलाजी प्रयोगशाला, नवनिर्मित देवालय, एस्पेक्टिक रूम, वनस्पति विज्ञान प्रयोगशाला, भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला, फार्माकोग्नासी प्रयोगशाला, रसायन प्रयोगशाला, हॉर्टिकल्चर प्रयोगशाला, डाटा सेंटर, कंप्यूटर लैब, जीव विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट कक्ष, रसायन विज्ञान प्रयोगशाला, फार्मास्यूटिकल रसायन प्रयोगशाला, एग्रोनॉमी प्रयोगशाला इत्यादि हैं, जिनका कुलाधिपति महोदया ने संयुक्त रुप से लोकार्पण किया।कुलसचिव डॉ. विनीता यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी आस्था तिवारी, कुलानुशासक प्रो. राजकुमार गुप्त, अधिष्ठाता विद्यार्थी कल्याण प्रो.आशुतोष कुमार सिंह, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. विवेक कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी, प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गीतांजलि श्रीवास्तव ने किया।

अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने थाना कड़ाधाम में की जनसुनवाई...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


कौशाम्बी : थाना समाधान दिवस के अवसर पर राजेश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना कड़ाधाम पर जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना गया। भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद एवं राजस्व से संबंधित प्रकरणों सहित विभिन्न मामलों में फरियादियों से संवाद स्थापित कर कई शिकायतों का मौके पर ही संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में निस्तारण किया गया। शेष प्रकरणों के संबंध में संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

Friday, April 10, 2026

उप जिलाधिकारी, सिराथू ने ग्राम अठसरई में भूमि विवाद की शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


कौशाम्बी : उप जिलाधिकारी, सिराथू योगेश कुमार गौड़ एवं क्षेत्राधिकारी ने “टॉप 10 भूमि विवादों का मौके पर समाधान” अभियान के अंतर्गत आज ग्राम अठसरई में कैम्प आयोजित कर राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा भूमि विवाद से संबंधित शिकायतों का ग्राम स्तर पर ही त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया गया। उप जिलाधिकारी की उपस्थिति में कुल  05 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया। इनमें गाटा संख्या 687 भूमिधरी भूमि पर  कब्जे के विवाद का समाधान किया गया। इसी प्रकार गाटा संख्या 959 भूमिधरी भूमि पर कब्जे के विवाद का समाधान किया गया।शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण से सभी शिकायतकर्ता संतुष्ट हैं। कैम्प में आमजन को भूमि विवाद से बचने एवं कोर्ट से भूमि विवाद निपटाने की प्रक्रिया की भी जानकारी दिया गया। उप जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में भी इसी प्रकार संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्षा ने पिछड़ा वर्ग से सम्बंधित समस्याओं एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण से सम्बंधित विषयों के सम्बंध में की समीक्षा बैठक...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


प्रयागराज : अध्यक्ष-राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग साध्वी निरंजन ज्योति जी ने जनपद प्रयागराज भ्रमण कार्यक्रम के क्रम में शुक्रवार को सर्किट हाउस के सभागार में पिछड़ा वर्ग से सम्बंधित समस्याओं एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण से सम्बंधित विषयों के सम्बंध में समीक्षा बैठक की। बैठक में अध्यक्षा ने कौशाम्बी में हुई दुर्घटना में घायल तथा स्वरूपरानी अस्पताल में भर्ती श्री केसन के द्वारा इलाज में लापरवाही बरतने तथा जो मरीज ठीक हो गये, उनको एम्बुलेंस नहीं उपलब्ध कराये जाने की शिकायत से सम्बंधित प्रकरण की सुनवाई करते हुए उन्होंने प्रधानाचार्य-मोती लाल नेहरू मेडिकल कालेज डॉ0 वी0के0 पाण्डेय को प्रकरण की जांच कर आख्या उपलब्ध कराये जाने का निर्देश दिया है। अध्यक्षा ने अस्पताल में भर्ती मरीजों का पूरी संवेदना के साथ समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि बाहर से कोई भी दवा नहीं लिखी जानी चाहिए तथा मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाये। समीक्षा बैठक में माननीय अध्यक्षा ने कहा कि आयोग के द्वारा जो भी प्रकरण सम्बंधित अधिकारियों को संदर्भित किया जाये, उनका निस्तारण समय से सुनिश्चित हो जाये। इसके साथ ही साथ उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि पिछड़ा वर्ग से सम्बंधित जो भी शिकायत या आवेदन पत्र प्राप्त हो, उनका समय से सम्बंधित अधिकारियों के द्वारा निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वरूपरानी अस्पताल में कितने चिकित्सक है, कितने पैरामेडिकल स्टॉफ है तथा कितने सफाई कर्मी तैनात है, इसकी श्रेणीवार सूची उपलब्ध कराये जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि नियुक्ति में आरक्षण के मानको का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। समीक्षा बैठक में मा0 अध्यक्ष ने सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि जाति प्रमाणपत्र बनवाने में किसी आवेदक को कोई भी परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसके लिए जो समयसीमा निर्धारत की गयी है, उस समय सीमा के अंदर ही जाति प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से बन जाये। इस अवसर पर डीआईजी विजय धुल व अन्य पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगणों के अलावा अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह, प्रधानाचार्य मोती लाल नेहरू मेडिकल कालेज,  सीएमएस डॉ0 नीलम सिंह, दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी/प्रभारी पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अशोक कुमार गौतम सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी-ओ0टी0डी0 सेल की बैठक की...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


प्रयागराज : जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को संगम सभागार में वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी-ओ0टी0डी0 सेल की बैठक संपन्न हुई तथा सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। अवगत कराया गया कि जनपद का सकल जिला घरेलू उत्पाद रु0 96456 करोड़ का हो गया है ,गत वर्ष की तुलना में 28.9% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई। जनपद प्रदेश में चौथे स्थान पर है। प्रति व्यक्ति जिला निवल घरेलू उत्पाद रु0116895 है, गत वर्ष की तुलना में 27.2% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई।बैठक में जिलाधिकारी ने  कृषि उप निदेशक को प्रयागराज जनपद में गेहूं के उत्पादन क्षेत्र एवं कुल उत्पादन में कमी के कारणों के संबंध में आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए ।जिला उद्यान अधिकारी को जनपद में पुष्प खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए ।जिला अग्रणी बैंक मैनेजर आईडीएम को सीडी अनुपात बढ़ाने के निर्देश दिए गए। ओटीडी सेल के सदस्य जीएस दरबारी द्वारा सुझाव दिया गया कि प्रयागराज से हल्दिया जल मार्ग का प्रारंभ तो हो गया है किंतु प्रयागराज से वाराणसी के बीच मार्ग सुलभ न होने के कारण जल मार्ग से आवागमन नहीं हो पा रहा है इसलिए आवागमन को शुरू करने हेतु आवश्यक कार्रवाई  की जाये। उन्होंने टूरिज्म को बढ़ावा दिये जाने एवं वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी तथा इस प्रकार का प्रबंध किया जाए जिससे जनपद में आने वाले श्रद्धालुओं की पहुँच संगम तक ही सीमित न रहे बल्कि अन्य प्रमुख स्थलों की भी वे विजिट करे, का सुझाव दिया गया।ओटीडी सेल के अन्य सदस्य श्री विनय टंडन द्वारा जनपद में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जनपद में स्थाई होटल एवं रेस्टोरेंट की स्थापना, फ़्रेश वेजीटेबलस एवं फ्रूट्स के एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिये जाने, ग्लास मैन्यूफैक्टिंरिंग में प्रयुक्त होने वाली शंकरगढ़ क्षेत्र की सिलिका सैंड के उत्पादन व बिक्री बढ़ाये जाने तथा जनपद प्रयागराज को नॉलेज हब के रूप में  विकसित किए जाने के सुझाव दिए गए जिसपर जिलाधिकारी के द्वारा उक्त सुझाव पर अमल करने का आश्वासन दिया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को इनोवेटिव एवं क्रिएटिव आईडियाज़ को शेयर करने तथा अपने -अपने विभाग में योजनाबद्ध तरीक़े से लागू करने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने आगामी बैठकों में प्रोग्रेसिव किसानों को भी सम्मिलित किए जाने के निर्देश दिये हैं। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी विनीता सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतोष कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

KHABREIN UTTAR RADESH KI NEWS PAPER

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