Tuesday, September 8, 2026

मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. राकेश शर्मा, सीएमओ, सीएमएस एसआरएन ने स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय का निरीक्षण किय...


रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू 

प्रयागराज : मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. राकेश शर्मा, सीएमओ प्रयागराज डॉ. अरुण तिवारी, सीएमएस एसआरएन चिकित्सालय डॉ. नीलम एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। ट्रॉमा सेंटर में स्टैंडर्ड हॉस्पिटल प्रोटोकॉल एवं एंटीसेप्टिक कंडीशंस बनाए रखने पर जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान सफाई, संक्रमण नियंत्रण, मेडिकल सामग्री के रख-रखाव एवं क्विक रिस्पॉन्स व्यवस्था में कमियां मिली। विभिन्न वार्डों एवं ओपीडी के निरीक्षण तथा मरीजों से बातचीत के दौरान दवाइयां एवं जांच बाहर से कराए जाने की शिकायतें सामने आईं। मरीजों द्वारा बाहर की दवाइयों के पर्चे एवं जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गईं। उपकरणों की स्टेरिलाइजेशन, बेडशीट, बायोमेडिकल वेस्ट सेग्रीगेशन एवं स्वच्छता व्यवस्था में भी कमियां मिलीं। मंडलायुक्त ने सीएमएस को सभी व्यवस्थाएं निर्धारित प्रोटोकॉल एवं एसओपी के अनुरूप चार दिन में दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही अपर निदेशक स्वास्थ्य से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई हेतु रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी तथा चार दिन बाद पुनः औचक निरीक्षण किया जाएगा। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने आज अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. राकेश शर्मा, सीएमओ प्रयागराज डॉ. अरुण तिवारी, सीएमएस एसआरएन चिकित्सालय डॉ. नीलम एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सर्वप्रथम ट्रॉमा सेंटर स्थित हेल्प डेस्क, ट्रॉमा ट्रायेज रूम एवं वार्ड संख्या-01 का निरीक्षण किया। ट्रॉमा सेंटर में सफाई व्यवस्था अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई तथा मंडलायुक्त के पहुंचने के समय ही सफाई का कार्य कराया जा रहा था। ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की देखभाल एवं क्विक रिस्पॉन्स व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली और व्यवस्थाएं काफी ढीली-ढाली एवं धीमी पाई गईं।
ट्रॉमा ट्रायेज रूम में दवाइयों, इंजेक्शनों एवं अन्य मेडिकल सामग्री के रख-रखाव में निर्धारित एसओपी का पालन नहीं पाया गया। मौके पर धूल एवं गंदगी, बायोमेडिकल वेस्ट का उचित सेग्रीगेशन न होना तथा फोर्सेप्स एवं अन्य उपकरणों की समुचित सफाई न होने जैसी कमियां मिलीं। फोर्सेप्स की सफाई के लिए प्रयुक्त लिक्विड भी पुराना पाया गया तथा एंटीसेप्टिक व्यवस्था मानक के अनुरूप नहीं मिली। कुछ बेडशीट पर गंदगी एवं ब्लड लगा हुआ पाया गया, जो संक्रमण फैलने का कारण बन सकता है। मंडलायुक्त ने उपस्थित रेजिडेंट एवं इंटर्न डॉक्टरों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली और कहा कि यहां बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर एवं गरीब मरीज उपचार के लिए आते हैं, इसलिए उन्हें स्वच्छ, सुरक्षित एवं मानक के अनुरूप चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। ट्रॉमा सेंटर के समीप माइनर ओटी/ड्रेसिंग रूम का निरीक्षण करने पर भी सफाई व्यवस्था खराब मिली। एक महिला मरीज के खुले घाव के उपचार की स्थिति अच्छी नहीं थी और वह अनअटेंडेड पाई गई। मंडलायुक्त ने संबंधित चिकित्सकीय स्टाफ को मरीजों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। एक्स-रे कक्ष की ओर जाते समय मंडलायुक्त ने एक वृद्ध गंभीर मरीज को ऑक्सीजन लगी अवस्था में अनअटेंडेड पाया। पूछताछ में पता चला कि मरीज के अटेंडेंट के पास एक्स-रे की पर्ची नहीं थी, जिसके कारण वे एक्स-रे के लिए इंतजार कर रहे थे। मंडलायुक्त ने संबंधित प्रभारी एवं चिकित्सकों को तत्काल मरीज का एक्स-रे कराने तथा उसके अटेंडेंट के साथ उसे संबंधित वार्ड में भेजने के निर्देश दिए। एक्स-रे कक्ष के निरीक्षण में सफाई व्यवस्था अत्यंत खराब पाई गई। एक्स-रे मशीन के आसपास धूल एवं गंदगी, टूटी कुर्सी, कार्टन में स्क्रैप सामग्री तथा स्टाफ के हेलमेट रखे पाए गए। मशीन के आसपास अनावश्यक सामान रखा होना भी पाया गया। एक स्थान पर कई पुरानी पर्चियां भी डंप की गई थीं। मंडलायुक्त ने संबंधित टेक्नीशियन को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सफाई कराने, स्क्रैप एवं अनावश्यक सामग्री हटाने तथा पूरे एक्स-रे कक्ष को निर्धारित एसओपी के अनुरूप व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। मेल ऑर्थो वार्ड संख्या-02 में मंडलायुक्त ने भर्ती मरीजों से बातचीत की। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें दवाइयां बाहर से लाने के लिए पर्चे दिए जाते हैं। मरीजों ने बाहर से कराई गई एक्स-रे एवं अन्य जांचों की पर्चियां तथा रिपोर्ट भी दिखाईं। इन पर्चियों एवं रिपोर्टों को देखने के बाद मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं सीएमएस से पूछताछ की। उपस्थित डॉक्टरों ने बताया कि कॉरपोरेशन द्वारा उन्हें बहुत सारी आवश्यक दवाइयां उपलब्ध नहीं हो पाती हैं, जिस वजह से बहुत से मरीजों को बाहर से मेडिसिन लेने के लिए भेजना पड़ता है। निरीक्षण के दौरान मरीजों को इंजेक्शन की डोज पहले से दिए जाने की स्थिति भी मिली। पूछने पर बताया गया कि 24 घंटे की डोज मरीज को पहले से उपलब्ध करा दी जाती है। मंडलायुक्त ने इस व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्धारित एसओपी के अनुसार ही दवाइयों एवं इंजेक्शनों के रख-रखाव एवं उपयोग के निर्देश दिए। ईएनटी ओपीडी के निरीक्षण में जांच के लिए प्रयुक्त उपकरण, फोर्सेप्स एवं अन्य सामग्री पर्याप्त रूप से स्टेरिलाइज्ड नहीं मिली। बेडशीट गंदी थी तथा कॉटन/गॉज सहित अन्य सामग्री भी अस्वच्छ एवं अव्यवस्थित स्थिति में पाई गई। मंडलायुक्त ने वहां उपस्थित रेजिडेंट एवं संबंधित स्टाफ को बुलाकर कहा कि मरीज बड़ी अपेक्षा और विश्वास के साथ अस्पताल आते हैं। इसलिए पूर्ण स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, उपकरणों की उचित स्टेरिलाइजेशन व्यवस्था एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करना सभी का दायित्व है। महिला ऑर्थो वार्ड के निरीक्षण के दौरान रैंडम आधार पर मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत की गई। कई मरीजों ने दवाइयां एवं जांच बाहर से लिखे जाने की जानकारी दी। कुछ मरीजों ने बाहर से खरीदी गई दवाइयों के पर्चे एवं बाहर कराई गई जांचों की रिपोर्ट साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की, जबकि कुछ मरीजों एवं परिजनों द्वारा छोटी-छोटी सेवाओं के लिए कर्मचारियों द्वारा पैसे मांगे जाने की बात भी मंडलायुक्त के संज्ञान में लाई गई। मंडलायुक्त ने सीएमएस एसआरएन चिकित्सालय डॉ. नीलम को अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित प्रोटोकॉल एवं एसओपी के अनुरूप चार दिन के भीतर दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चार दिन बाद अस्पताल का पुनः औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का सत्यापन किया जाएगा। निरीक्षण में सामने आई कमियों एवं मरीजों द्वारा प्रस्तुत तथ्यों के दृष्टिगत अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. राकेश शर्मा से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में जो भी अधिकारी/कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हेतु जांच रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी।

पुलिस उपायुक्त नगर सागर जैन ने फरियादियों की सुनी समास्याएं, संबंधित को दिए निर्देश...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू 


प्रयागराज : पुलिस उपायुक्त नगर सागर जैन ने  पुलिस कार्यालय में जनसुनवाई कर फरियादियों की शिकायतें सुनी गयीं तथा उनके समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

Monday, September 7, 2026

जिला पंचायत द्वारा मनमाने तरीके से कराए जा रहे निर्माण कार्य को लेकर जिला पंचायत कार्यालय का हुआ घेराव, प्रदर्शन...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू 


कौशाम्बी : सिराथू ब्लॉक के ग्राम मलाक पिंजरी में जिला पंचायत कौशांबी द्वारा मनमाने तरीके से कराये जा रहे नाला निर्माण कार्य के खिलाफ जिला पंचायत सदस्य अजय सोनी के साथ तमाम ग्रामीणों ने सोमवार को जिला पंचायत कार्यालय मंझनपुर का घेराव किया और प्रदर्शन कर कराए जा रहे निर्माण कार्य को रोकने एवं प्रस्तावित स्थल पर निर्माण कार्य कराने की मांग की। इस अवसर पर ग्रामीणों का कहना था कि जिस स्थान पर नाला निर्माण कराया जा रहा है वहां न तो जल भराव है न तो कीचड़ है और न ही नाला निर्माण की कोई जरूरत है। वहां जिला पंचायत द्वारा जबरजस्ती नाला निर्माण कराया जा रहा है। जबकि जिस स्थान पर भारी जलभराव और कीचड़ फैला है और लोगों को आने जाने पर भारी दिक्कत होती है,  जिला पंचायत सदस्य अजय सोनी द्वारा उस स्थान पर नाला निर्माण कराए जाने का प्रस्ताव विभाग को दिया गया है उसी स्थान पर जनहित मे  नाला निर्माण कराया जाना चाहिए। इस संबंध में वार्ड के जिला पंचायत सदस्य अजय सोनी ने बताया कि मेरे द्वारा साल 2023_24 और 2024_25 एवं 2025_26 में मलाक पिंजरी गांव में हीरा सिंह यादव के दरवाजे के पास से बिरिया तलाब तक नाला निर्माण का प्रस्ताव दिया गया था और तत्कालीन अवर अभियंता सना असद ने मौके पर पहुंचकर सर्वे भी किया था। बावजूद इसके उस स्थान के बजाय जहां गैर जरूरी है वहां नाला निर्माण किया जा रहा है। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि जीतेंद्र सोनकर से मिलकर तत्काल हस्तक्षेप कर नाला निर्माण कार्य रुकवाने एवं जनहित में आवश्यक स्थल पर नाला निर्माण कराने हेतु एक मांगपत्र सौंपा। इसके बाद अजय सोनी और तमाम ग्रामीणों ने जिला पंचायत के इंजीनियर राकेश कुमार के कार्यालय पहुंचकर वार्ता की। वार्ता के क्रम में राकेश कुमार ने बुधवार को मौका मुआयना करने और जरूरी कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर मनमाने तरीके से नाला निर्माण कराया गया तो निर्माण नही होने दिया जाएगा और विभाग के अधिकारियों के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर अजय सोनी के साथ ग्राम प्रधान दिनेश कुमार, क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय गुप्ता, हीरालाल यादव, राजेश यादव, किशन पाल आदि मौजूद रहे।

Saturday, September 5, 2026

थाना सराय अकिल पुलिस ने अवैध पटाखा निर्माण/भंडारण करने वाले 02 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार...

रिपोर्ट - ईश्वर दीन साहू 


कौशाम्बी : थाना सराय अकिल पुलिस टीम द्वारा अवैध पटाखा निर्माण/भंडारण करने वाले 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया व भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद। कार्यवाही का विवरण- सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिगत जनपद में अवैध पटाखा निर्माण/भंडारण/विक्रय की रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी श्री सत्यनारायण द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत समस्त थानों की पुलिस टीम द्वारा कस्बो/बाजारों एवं अन्य सम्भावित स्थानों पर चेकिंग/तलाशी की कार्यवाही व्यापक स्तर पर की जा रही है। 1. उपरोक्त क्रम में कल दिनांक 04.09.2026 को थाना सराय अकिल पुलिस टीम द्वारा मुखबिर खास की सूचना के आधार पर रसूलपुर टप्पा मोड के पास रहमान मार्केट में दबिस देकर अभियुक्त मो० सलमान पुत्र मो० फारुख निवासी बुद्धपुरी थाना सराय अकिल जनपद कौशाम्बी को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के कब्जे से 62 अदद प्लास्टिक की छोटी-बडी बोरी में तैयार पटाखे 18 कार्टून में आतिशबाजी व 08 किलो बारूद बरामद किया गया। आज दिनांक 05.09.2026 को थाना सराय अकिल पुलिस टीम द्वारा मुखबिर खास की 2. सूचना के आधार पर ग्राम खरका मन्नत मैरिज हाल के पास एक मकान में दबिस देकर अभियुक्त मो० तालिब पुत्र मो० केशर निवासी बुद्धपुरी थाना सराय अकिल जनपद कौशाम्बी को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के कब्जे से 26 प्लास्टिक की बोरियों में अवैध पटाखा व 11 किलोग्राम बारूद बरामद किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम पता - 1. मो0 सलमान पुत्र मो० फारुख निवासी बुद्धपुरी थाना सराय अकिल जनपद कौशाम्बी। 2. मो0 तालिब पुत्र मो० केशर निवासी बुद्धपुरी थाना सराय अकिल जनपद कौशाम्बी। पंजीकृत अभियोग - 1. मु0अ0सं0 283/2026 धारा 288 बीएनएस, धारा 5/9B (1) (b) विस्फोटक अधिनियम व धारा 4/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम थाना सराय अकिल जनपद कौशाम्बी। 2. मु0अ0सं0 284/2026 धारा 288 बीएनएस, धारा 5/9B (1) (b) विस्फोटक अधिनियम व धारा 4/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम थाना सराय अकिल जनपद कौशाम्बी। बरामदगी विवरण - 1. 62 प्लास्टिक की छोटी-बडी बोरी तैयार अवैध पटाखा व18 कार्टून में आतिशबाजी व 08 किलो बारूद। 2. 26 प्लास्टिक की बोरियों में तैयार अवैध पटाखा व 11 किलोग्राम बारूद गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली टीम- थाना सराय अकिल पुलिस टीम।

मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने समाधान दिवस में आयी शिकायतों को गुणवत्तापूर्वक एवं समयबद्धता के साथ निस्तारित करने के दिए निर्देश...


रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू 


प्रयागराज : जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को तहसील हण्डिया में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी सम्बंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए निर्देशित किया कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने शिकायतों का निस्तारण समयबद्धता के साथ गुणवत्तापूर्ण ढंग से करने के लिए निर्देशित किया है। इस अवसर पर तहसील परिसर में विभिन्न विभागों के द्वारा कार्यक्रमों एवं योजनाओं के बारे में लगाये गये स्टॉलों का अवलोकन करते हुए जानकारी प्राप्त की एवं सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराते हुए पात्र लोगो को योजनाओं से लाभान्वित कराये जाने हेतु निर्देशित किया है। मुख्य विकास अधिकारी ने तहसील में पोषण अभियान के अन्तर्गत 3 महिलाओं-श्रीमती मनीषा, श्रीमती साधना एवं श्रीमती कुसुम की गोदभराई एवं 2 बच्चों-सोमेश एवं प्रतीक्षा का अन्नप्राशन भी कराया। मुख्य विकास अधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जनसमस्याओं को सुनते हुए राजस्व, पुलिस एवं अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को प्रकरण की जमीनी स्तर पर जांच कर शिकायतों को गुणवत्तापूर्वक एवं समयबद्धता के साथ निस्तारित करने एवं प्रार्थनापत्रों की समयबद्ध जांच, कार्रवाई एवं समस्याओं के निस्तारण में विलम्ब होने पर सम्बंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जन-शिकायतों का निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले बिंदुओं में से एक है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने शिकायतकर्ता का फीडबैक लेने और शिकायतों के निस्तारण से शिकायतकर्ता संतुष्ट भी कराये जाने के लिए कहा। उन्होंने समाधान दिवस में आयें हुए वरासत, अवैध कब्जा व अन्य शिकायतों का शीघ्रता से निस्तारण किए जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने ने प्रार्थनापत्रों की अलग-अलग सूची बनाकर सम्बंधित को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। सम्पूर्ण समाधान दिवस पर तहसील हण्डिया में कुल 608 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें राजस्व विभाग से सम्बंधित 320, पुलिस विभाग 95, विकास विभाग-71, आपूर्ति विभाग-55, विद्युत-25, चकबंदी-11, लोक निर्माण विभाग-06, नगर पंचायत हण्डिया-05, सिंचाई विभाग-04, शिक्षा विभाग-03 तथा अन्य विभागों की 13 शिकायत थी, जिनमें से 35 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने शेष शिकायतों के निस्तारण हेतु सम्बंधित विभागांें के अधिकारियों को शिकायतों को आज ही प्राप्त करते हुए प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समयसीमा के अन्तर्गत गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंनेे सभी सम्बंधित अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा है कि शिकायतों का निस्तारण अनिवार्य रूप से निर्धारित समयसीमा के अन्तर्गत हो जाना चाहिए, जिससे शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी हण्डिया नंदिनी शाह सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

पुलिस उपायुक्त नगर व अपर जिलाधिकारी नगर ने सलोरी में दधिकांधो मेला क्षेत्र का भ्रमण कर, संबंधित को दिशा-निर्देश दिए...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू 

प्रयागराज : पुलिस उपायुक्त नगर व अपर जिलाधिकारी नगर द्वारा थाना कर्नलगंज क्षेत्रान्तर्गत सलोरी में आयोजित होने वाले दधिकांदो मेला क्षेत्र का भ्रमण किया गया तथा सर्व-सम्बन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। इस दौरान सहायक पुलिस आयुक्त कर्नलगंज,पुलिस व नगर निगम/राजस्व/विद्युत विभाग के अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहे।

थाना खुल्दाबाद पुलिस टीम ने सर्विलांस सेल नगर के सहयोग से कुल 28 गुम मोबाइल फोन बरामद कर, स्वामियों को सुपुर्द किया...

रिपोर्ट - ईश्वर दीन साहू 

प्रयागराज : पुलिस आयुक्त व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त नगर व अपर पुलिस उपायुक्त नगर व सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली के कुशल पर्यवेक्षण में जन-सामान्य के खोए हुए मोबाइल फोन के सम्बन्ध में प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों पर गम्भीरता पूर्वक कार्यवाही करते हुए थाना खुल्दाबाद पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस-सेल नगर के सहयोग से खोए हुए कुल 28 मोबाइल फोन को बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किया गया । इन मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित कीमत करीब दस लाख रूपये है । पुलिस टीम ने मोबाइल फोनों की बरामदगी के लिए तकनीकि साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया और कई स्थानों पर भौतिक जांच भी की । कॉल डिटेल, www.ceir.gov.in पोर्टल और लोकेशन ट्रैकिंग आदि जैसे आधुनिक तकनीकि साधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग करते हुए उक्त मोबाइल फोनों का पता लगाया । खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाने के इस अभियान ने, न केवल नागरिकों को उनकी बहुमूल्य वस्तुएं लौटाई है, बल्कि उनके महत्वपूर्ण निजी डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की है । खोए हुए मोबाइल को वापस पाकर मोबाइल स्वामियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कमिश्नरेट प्रयागराज पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। जनता से अपील-
आम जनमानस से अपील की जाती है कि भविष्य में गुम होने वाले मोबाइल फोन के सम्बन्ध में सूचना अपने सम्बन्धित थाने के माध्यम से www.ceir.gov.in पोर्टल पर मोबाइल रशीद, पहचान पत्र के साथ अपलोड कराये अथवा स्वयं उक्त पोर्टल के माध्यम से सूचना दर्ज करवा सकते हैं । सूचना पोर्टल पर अपलोड होने के बाद आपके द्वारा दिये गये मोबाइल नम्बर पर रिक्वेस्ट नम्बर प्राप्त होगा और यदि भविष्य में कभी भी किसी व्यक्ति के द्वारा आपका मोबाइल फोन प्रयोग किया जायेगा तो मैसेज के माध्यम से आपको नोटिफिकेशन प्राप्त होगा, जिसे सम्बंधित थाने के माध्यम से बरामद कर आपको सुपुर्द किया जायेगा। सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम-
1. निरीक्षक केशव वर्मा थाना प्रभारी खुल्दाबाद कमिश्नरेट प्रयागराज। 2. उ0नि0 राहुल कुमार – नोडल CEIR, थाना खुल्दाबाद कमिश्नरेट प्रयागराज। 3. क0आ0 ग्रेड बी किशन सिंह, थाना खुल्दाबाद कमिश्नरेट प्रयागराज। 4. का0 सौरभ उत्तम, सर्विलांस सेल नगर जोन कमिश्नरेट प्रयागराज। 5. का0 चन्दन शर्मा, सर्विलांस सेल नगर जोन कमिश्नरेट प्रयागराज। 6. का0 ब्रह्मानंद, सर्विलांस सेल नगर जोन कमिश्नरेट प्रयागराज। 7. का0 राहुल कनौजिया, सर्विलांस सेल नगर जोन कमिश्नरेट प्रयागराज। 8. का0 मुकेश यादव, सर्विलांस सेल नगर जोन कमिश्नरेट प्रयागराज।

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