Tuesday, September 15, 2026

पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण द्वारा की गई जनसुनवाई, शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु दिए निर्देश...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू

कौशाम्बी : पुलिस अधीक्षक श्री सत्यनारायण द्वारा पुलिस कार्यालय में आमजन की समस्याओं के समाधान हेतु जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना गया।पुलिस अधीक्षक द्वारा प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों के संबंध में संबंधित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रत्येक शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कर आमजन को त्वरित राहत प्रदान करने हेतु निर्देश दिए।

डीसीपी नगर सागर जैन ने थाना कोतवाली व शाहगंज क्षेत्रांतर्गत प्रमुख बाजारों, कस्बों व भीड़भाड़ वाले अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पैदल गश्त किया...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू 

प्रयागराज : पुलिस उपायुक्त नगर सागर जैन द्वारा आज थाना कोतवाली व शाहगंज क्षेत्रांतर्गत प्रमुख बाजारों, कस्बों व भीड़भाड़ वाले अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पैदल गश्त कर कानून व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

मोंगरी के ताल में जलभराव का सकिपा अध्यक्ष ने लिया जायजा, फसलों के नुकसान की भरपाई की प्रशासन से की मांग...

रिपोर्ट - ईश्वर दीन साहू 

कौशाम्बी : समर्थ किसान पार्टी के तत्वावधान में 15 सितंबर मंगलवार को जिले के कई गांवों जैसे उदहिन खुर्द, घाटमपुर, मनौरी, पूरब शरीरा, भींटी, घोसरा आदि में जनहित और किसानहित के मुद्दों को लेकर ग्राम मासिक बैठक का आयोजन किया गया। बाढ़, जलभराव, विद्युत कटौती, जर्जर मार्ग और भारी बारिश से कच्चे मकानों के गिरने आदि विषयों पर बैठकों में परिचर्चा हुईं। इस अवसर पर ग्राम उदहिन खुर्द के साथ जुड़े मोगरी के ताल में जलभराव का पार्टी नेता अजय सोनी ने स्थलीय जायजा लिया और किसानो की फसलों के हुए नुकसान की भरपाई हेतु उपजिलाधिकारी सिराथू को मौका मुआयना करने और आंशिक या पूर्ण नुकसान हुईं फसलों का समुचित मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई। इसी क्रम में ग्राम ग्राम घाटमपुर में पार्टी नेता जयचंद्र लोधी ने घाटमपुर विद्युत उपकेंद्र समेत कई अन्य विद्युत उपकेंद्रों से शाम को हो रही विद्युत कटौती की बंद करने की मांग की। इसी क्रम में ग्राम भीटी में विजय सिंह की अगुवाई में हुई ग्राम मासिक बैठक में भारी बारिश से गरीबों के गिरे घरों के सर्वे कराकर पीड़ित लोगों को आवासीय सुविधा प्रदान करने की मांग हुई। ग्राम घोसरा में परिहार लोधी की अगुवाई में हुई बैठक में जिले के कई जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने और ग्राम पूरब शरीरा में पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र केसरवानी की अगुवाई में हुई बैठक में नदियों के किनारे बसे गांवों में बाढ़ से हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण कराकर पीड़ित लोगों को मुआवजा देने एवं ग्राम मनौरी में मनोज सोनी की अगुवाई में हुई बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सक्षम अधिकारियों द्वारा जायजा लिए जाने की मांग की गई। इस अवसर पर डॉक्टर संदीप कुमार, भैरव प्रसाद, राम तीरथ लोधी, रोहन गौतम, रामबाबू गौतम आदि मौजूद रहे।

Monday, September 14, 2026

अधिवक्ताओं को सालाना पांच लाख तक कैशलेस चिकितसा सुविधा, चैम्बर में फर्नीचर व उपकरण के लिए शासन करेगा सहयोग- मुख्यमंत्री...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू 


प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि नई पीढ़ी के अधिवक्ता संवैधानिक मूल्यों के प्रहरी बनें और न्याय को जमीनी धरातल तक पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हाईकोर्ट और जिला अदालतों में सक्रिय सभी अधिवक्ताओं को सालाना पांच लाख रुपये तक की कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस सुविधा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के चैम्बर में फर्नीचर व उपकरण के लिए शासन सहयोग करेगा और 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट दिए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य विधि अधिकारियों की फीस में भी 50 फीसदी से अधिक वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी पुलिस में 45 से 50 प्रतिशत पद खाली थे। व्यवस्था में पारदर्शिता-जवाबदेही, कानून-व्यवस्था और न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी चुनौती थी। वहीं अब पुलिस प्रशिक्षण क्षमता 3,000 से बढ़ाकर 60,000 कार्मिक प्रतिवर्ष की गई है। पहले 10 जनपदों में जिला अदालतें अस्थायी व किराए के भवनों में चलती थीं और अधिवक्ताओं के चैम्बर जर्जर थे। अब 700 करोड़ रुपये की लागत से 10,000 से अधिक अधिवक्ताओं के लिए एडवोकेट चैम्बर बनाए जा चुके हैं। उन्होंने अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि 1.5 लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये और अधिवक्ता के निधन पर परिजनों को आर्थिक सहायता की पात्रता आयु 60 से बढ़ाकर 70 वर्ष करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। हिंदी दिवस के साथ हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का भी अवसर है। उन्होंने आस्था की इस भूमि से प्रदेशवासियों को हिंदी दिवस, हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी की हृदय से बधाई और शुभकामनाएं दीं। स्वाधीनता आंदोलन से राष्ट्र निर्माण तक अधिवक्ता समाज की अहम भूमिका  मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ता समाज देश के प्रबुद्ध समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वह समाज की राय बनाने के साथ उसके विश्वास का प्रतीक भी माना जाता है। स्वाधीनता आंदोलन से लेकर संविधान निर्माण, स्वतंत्र भारत में शासन-प्रशासन के संचालन, लोकतंत्र के सभी स्तंभों को मजबूती देने और राष्ट्र निर्माण के वर्तमान अभियान तक अधिवक्ता समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि भारत का स्वतंत्रता आंदोलन लंबे समय तक बिखरा रहा। दक्षिण अफ्रीका से अपनी वकालत छोड़कर महात्मा गांधी के आंदोलन की कमान संभालने के बाद इसे नई दिशा और गति मिली। प्रयागराज की धरती भी ऐसे अनेक अधिवक्ताओं की गवाह रही है, जिन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट में प्रैक्टिस के साथ स्वाधीनता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित मोतीलाल नेहरू और महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जैसे अधिवक्ताओं ने लंबे समय तक देश और स्वतंत्रता आंदोलन को गति दी तथा क्रांतिकारियों के पक्ष में खड़े दिखाई दिए। सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भी देश की आजादी के आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद के प्रयागराज से जुड़े जीवन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संगम तट पर स्थित प्रेसिडेंशियल सूट भारत की संविधान सभा के अध्यक्ष और देश के प्रथम राष्ट्रपति की याद दिलाता है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद प्रत्येक कुंभ के दौरान प्रयागराज आते थे और माघ मेले में कल्पवास करते थे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार और प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्वयं सोमनाथ पहुंचे थे। राष्ट्र के प्रति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के योगदान और संविधान निर्माण से लेकर स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में उनकी भूमिका के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रयागराज में डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी स्थापित करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के तीनों प्रमुख स्तंभ अपनी-अपनी व्यवस्था के तहत काम करते हैं, लेकिन उनके बीच बेहतर समन्वय और संवाद लोकतंत्र को अधिक परिपक्व और मजबूत बनाता है। न्यायपालिका भी विधि के शासन और सुशासन के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि न्याय के रथ के बार और बेंच दो महत्वपूर्ण पहिए हैं। दोनों के बीच बेहतर संवाद और समन्वय हमेशा बना रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश की बैठकों में केवल न्यायपालिका से जुड़े विषयों पर चर्चा नहीं होती, बल्कि अधिवक्ताओं की समस्याओं को भी समान महत्व दिया जाता है। मुख्य न्यायाधीश, न्यायपालिका के संरक्षक के रूप में, अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों को भी शासन के सामने प्रभावी तरीके से रखते हैं और उनके समाधान का रास्ता निकालने का प्रयास होता है।बार-बेंच के बीच सम्मान, संवाद और समन्वय जरूरी  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि न्याय प्रशासन के लिए बार और बेंच के बीच आपसी सम्मान, शिष्टाचार, संवाद, समन्वय और सहयोग निरंतर बना रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी 2017 से पहले की स्थिति की ओर ध्यान दिलाया। उस समय चुनौती केवल संसाधनों की नहीं, बल्कि व्यवस्था के दृष्टिकोण, प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही, कानून-व्यवस्था तथा न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भी थी। न्याय व्यवस्था की पहली कड़ी पुलिस है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 56 जनपदों में सबसे ऊंची इमारतों में पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर, पुलिस बैरक या प्रशिक्षण संस्थान शामिल हैं। उन्होंने लखनऊ में 2017 में किए गए पुलिस बैरक के अचानक निरीक्षण का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि वहां दो पुलिसकर्मी रह रहे थे और छत टूटी होने के साथ जाले लगे थे। मा0 मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों से दिन-रात, सर्दी-गर्मी और बरसात में रक्षक की भूमिका निभाने की अपेक्षा है, उन्हें बुनियादी सुविधाएं देना भी व्यवस्था की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों की स्थिति भी बेहद खराब थी। कई अदालतें अस्थायी और किराए के भवनों में संचालित होती थीं। सरकार ने प्रभावी विटनेस प्रोटेक्शन की व्यवस्था मजबूत की है। पहले गवाहों के डर के कारण मुकर जाने से गंभीर आपराधिक मामलों में सजा दिलाना चुनौती बन जाता था। अपराधियों को जेल से अदालत लाने के लिए पुराने और असुरक्षित वाहनों की जगह व्यवस्था को सुरक्षित बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यपालिका और न्यायपालिका के बेहतर समन्वय से व्यवस्था में रिफॉर्म और ट्रांसफॉर्मेशन के परिणाम सामने आ रहे हैं। सुदृढ़ न्यायपालिका सुशासन की आधारशिला को मजबूत करती है और सुशासन चुनी हुई सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पुलिस-प्रॉसिक्यूशन कोऑर्डिनेशन से कन्विक्शन रेट में सुधार हुआ है। अभियोजन प्रणाली को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़कर समय पर चार्जशीट दाखिल करने और वैज्ञानिक साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष मजबूती से रखने की व्यवस्था की गई है।


 जिला अदालतों और जेलों को हाईस्पीड इंटरनेट व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया है। न्याय श्रुति प्रणाली के माध्यम से अदालतों में गवाही वर्चुअल दर्ज कराने की शुरुआत हुई है। अदालती दस्तावेजों की स्कैनिंग और डिजिटाइजेशन में भी तेजी लाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 जनपदों में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसके लिए मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली के प्रयासों की सराहना की। इन परिसरों में एक ही छत के नीचे सभी न्यायिक कार्यों के साथ न्यायिक अधिकारियों के आवास, अधिवक्ताओं के चेंबर, स्पोर्ट्स और इंडोर स्टेडियम तथा अधिवक्ताओं के लिए सस्ती कैंटीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था को बढ़ाया गया है। 700 करोड़ से बने अधिवक्ता चेंबर  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रयागराज में करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से 10,000 से अधिक अधिवक्ताओं के लिए एडवोकेट चेंबर बनाए जा चुके हैं। इसके साथ मल्टीलेवल पार्किंग, डाइनिंग हॉल, कॉमन रूम और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। जनपदीय स्तर पर भी एडवोकेट चेंबर के निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है। कौशांबी, लखनऊ, कासगंज, श्रावस्ती समेत करीब एक दर्जन जनपदों में अधिवक्ताओं के चेंबर बनाए जा चुके हैं या निर्माणाधीन हैं। न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत आम आदमी का विश्वास  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में तीन नए कानून लागू हुए हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिवक्ताओं को बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण की चुनौती थी, लेकिन बार ने जिस तेजी से नए कानूनों को अपनाया, वह सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत आम आदमी का विश्वास है। न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका तभी लोकतंत्र की कसौटी पर खरी उतरती हैं, जब नागरिकों का विश्वास कायम रहे। इसके लिए समय पर न्याय सबसे महत्वपूर्ण है। नागरिक को निष्पक्ष सुनवाई, भेदभाव रहित व्यवहार और कानून की नजर में समानता का भरोसा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील और सशक्त न्याय व्यवस्था के लिए पारदर्शिता, निर्णयों में सत्यनिष्ठा, संस्थाओं में जवाबदेही और नागरिकों का विश्वास जरूरी है। बदलते दौर में कानून के सामने साइबर क्राइम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा प्राइवेसी, डिजिटल कॉमर्स, फिनटेक, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और क्लाइमेट लिटिगेशन जैसी नई चुनौतियां और संभावनाएं सामने हैं। अधिवक्ताओं को टेक्नोलॉजी, बदलती अर्थव्यवस्था और समाज में हो रहे परिवर्तनों की गहरी समझ विकसित करनी होगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी नई पीढ़ी के अधिवक्ताओं की है। युवा अधिवक्ता केवल सफल लीगल प्रोफेशनल बनने तक सीमित न रहें, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के प्रहरी और समाज के प्रति संवेदनशील एवं उत्तरदायी नागरिक बनें। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता की जिम्मेदारी केवल मुकदमे के परिणाम तक सीमित नहीं है। उसके प्रयास किसी व्यक्ति के विश्वास और जीवन की दिशा बदलने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ’चैम्बर में सुविधाओं के लिए सरकार देगी पूरा सहयोग’  मुख्यमंत्री जी ने इस दौरान अधिवक्ता भवन की चाबी भी सौंपी। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट परिसर में 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए मल्टीलेवल पार्किंग और चैंबर बनाए गए हैं। चैंबर में फर्नीचर और आवश्यक उपकरणों जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए न्यायपालिका या बार एसोसिएशन के माध्यम से मुख्य न्यायमूर्ति की ओर से जो प्रस्ताव आएगा, राज्य सरकार उसमें हर प्रकार का सहयोग करेगी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज की धरती पर आगमन पर मुख्यमंत्री जी का स्वागत करते हुए आज के दिन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने सरकार की ओर से व अपनी ओर से अधिवक्ताओं को भवन की चाभी सौंपी गयी है, उसके लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद का गौरवशाली इतिहास पूरे देश की न्यायायिक परम्परा की अमूल धरोहर है, इस पर हमें गर्व है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज का विशेष महत्व है। यहां एक ओर आस्था का संगम है और दूसरी ओर न्याय की गौरवशाली परम्परा है। यहां से निकला संदेश पूरे उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे देश में जाता है। न्यायालय वह स्थान है, जहां सत्य की शक्ति होती है। यहां के अधिवक्ताओं ने लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका समय-समय पर निभाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि संविधान हमें अधिकार देता है और न्याय व्यवस्था उन अधिकारों की रक्षा का विश्वास दिलाती है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून बनाती है और उस कानून का लाभ अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उपमुख्यमंत्री जी ने कहा कि न्याय व्यवस्था में हमारी प्राथमिकता यही होनी चाहिए कि गरीब हो या प्रभावशाली, कानून सबके लिए समान हो। प्रधानमंत्री के कुशलनेतृत्व में देश में इज ऑफ लिविंग के साथ इज आफ जस्टिस की दिशा में तकनीक डिजिटल व्यवस्था एवं आधुनिक न्यायिक इफ्रास्ट्रक्च्चर को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पुराने औपनिवेशिक आपराधिक कानूनों के स्थान पर नए न्याय केन्द्रित कानून लागू किए गए है, यह बदलते भारत न्याय व्यवस्था में एक ऐतिहासिक परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प में तेज विकास के साथ तेज, सरल और सुलभ न्याय की भी व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका में है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की नीति साफ है कि निर्दोश को छेड़ेगे नहीं और अपराधी को छोडं़ेगे नहीं। मा0 उपमुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिवक्ता को सम्मान भी मिले, सुरक्षा भी मिले और कार्य करने के लिए आधुनिक सुविधाएं भी मिले, क्योंकि मजबूत बार और बेंच मिलकर मजबूत न्याय व्यवस्था का निर्माण करते है। इस अवसर पर उच्च न्यायालय, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से सभी स्वागत करते हुए कहा कि प्रयागराज की इस पावन धरती पर न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका के प्रतिनिधियों का एक मंच पर उपस्थित होना अपने आप में एक महत्वपूर्णक्षण है। उन्होंने कहा कि  मुख्यमंत्री का अधिवक्ता समाज के प्रति स्नेह, सम्मान और संवेदनशीलता सदैव सराहनीय रही है। कहा कि मुख्यमंत्री जी आप हमारे लिए केवल प्रदेश के मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि हमारे संरक्षक व प्रेरणा स्त्रोत भी है। कहा कि मुख्यमंत्री के कर-कमलों से आज इस भवन की चाभी को सौंपे जाने का ऐतिहासिक क्षण हम सभी को देखने को मिला है। उन्होंने बार एसोसिएशन की ओर से सभी का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायमूर्ति श्री अरूण भंसाली एवं वरिष्ठ न्यायमूर्ति श्री अरिदमन सिन्हा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर 
 प्रभारी मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री श्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सभी न्यायूर्तिगण, महाधिवक्ता अजय मिश्रा, अपर महाधिवक्तागण, बार एसोसिएशन के महासचिव श्री अखिलेश कुमार शर्मा, बार के सभी पदाधिकारीगण, सांसद फूलपुर श्री प्रवीण पटेल, महापौर श्री उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, माननीय विधायक फूलपुर श्री दीपक पटेल, विधायक शहर उत्तर श्री हर्षवर्धन वाजपेयी, विधायक शहर पश्चिम श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, विधायक फाफामऊ श्री गुरू प्रसाद मौर्य, विधायक करछना श्री पीयूष रंजन निषाद, विधायक कोरांव श्री राजमणि कोल, विधान परिषद सदस्य श्री सुरेंद्र चौधरी व अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित भारी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

थाना मंझनपुर अन्तर्गत कार की डिग्गी में मिले शव की घटना का पुलिस ने सफल अनावरण कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू 


कौशाम्बी : जनपद में दिनांक 13.09.2026 को थाना मंझनपुर अंतर्गत ग्राम महमदपुर के एक खेत में खड़ी सफेद रंग की स्विफ्ट की डिग्गी में शव पड़े होने की सूचना पर स्थानीय पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर जानकारी की गई तो मृतक की पहचान रवि यादव निवासी बलीपुर जैतवार डीह थाना थरवई जनपद प्रयागराज के रूप में हुयी, जो दिनांक 12.09.2026 की रात्रि में अपने मामा के लड़कों के साथ ग्राम महमदपुर आया था। साध्य संकलन के क्रम में फील्ड यूनिट/फोरेंसिक टीम एवं उच्चाधिकारीगण द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। स्थानीय पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्यवाही करते हुये शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना मंझनपुर पर मु0अ0सं0 394/2026 धारा 103A/238A/61(2)/3(5) बीएनएस पंजीकृत किया गया था। घटना की गम्भीरता के दृष्टिगत श्री सत्यनारायण पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी द्वारा घटना के शीघ्र सफल अनावरण एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु टीमों का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये थे। कार्यवाही का विवरण- इसी क्रम में गठित टीमों द्वारा इलेक्ट्रानिक सर्विलांस की मदद, सीसीटीवी कैमरों के अवलोकन तथा आस पास के लोगो से पूछताछ के उपरान्त पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित 02 वांछित अभियुक्तों 1. संदीप यादव पुत्र रमेश यादव 2. शानू यादव पुत्र जंग बहादुर निवासीगण यादवपुर थाना धूमनगंज जनपद प्रयागराज की तलाश की जा रही थी कि आज दिनांक 14.09.2026 को मुखबिर खास की सूचना के आधार पर फनगांव वाटर पार्क के पास से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त की निशादेही पर आला कत्ल ईट एवं मृतक का 02 मोबाइल, आधार, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान कार्ड व 02 डेविट कार्ड बरामद किया गया। विधिक कार्यवाही के पश्चात अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। पछतांछ का विवरण- कड़ाई से पूछताछ करने पर अभियुक्त संदीप द्वारा बताया गया कि हम दोनो मृतक रवि के साथ महमदपुर कौशाम्बी गांव के बाहर अर्ध निर्मित प्लाट पर बैठ कर शराब पीने लगे नशा अधिक होने के कारण रवि यादव मुझसे गाली गलौज करते हुये मेरी बहन से शादी करने की बात करने लगा मैने समझाया कि मैं तेरे मामा का लड़का हूं और वह तेरी बहन लगेगी। इसी बात को लेकर उससे हम लोगों का विवाद हो गया जिससे मैंने गुस्से में उसको मारना शुरू किया और वही पड़ी ईट से उनके चेहरे, सीने और सर पर काफी प्रहार किया जिससे उसकी मौत हो गयी। फिर हम दोनों ने उसको उठाकर कार की डिग्गी में रखा और गाडी को चलाकर भागना चाहा तो गाड़ी खेत में उतारकर फस गयी और गाड़ी वहां छोड़कर मौके से हम लोग भाग गये। गिरफ्तार अभियुक्त - 1. संदीप यादव पुत्र रमेश यादव निवासी यादवपुर थाना धूमनगंज जनपद प्रयागराज। 2. शानू यादव पुत्र जंग बहादुर निवासी यादवपुर थाना धूमनगंज जनपद प्रयागराज।पंजीकृत अभियोग- मु0अ0सं0 394/2026 धारा 103A/238A/61(2)/3 (5) बीएनएस थाना मंझनपुर जनपद कौशाम्बी। बरामदगी का विवरण- आला कत्ल ईट। मृतक का 02 मोबाइल, आधार, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान कार्ड व 02 डेविट कार्ड। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम- थाना मंझनपुर पुलिस एवं सी०आई० डब्लू० व सर्विलांस की टीम।

सुलेम सराय दधिकांधो मेला में हौदे पर सवार होकर निकले श्रीकृष्ण-बलदाऊ...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू 

प्रयागराज : सुलेम सरांय का सैकड़ों वर्ष पुराना ऐतिहासिक दधिकांदो मेला रविवार रात आस्था, उल्लास और राजसी वैभव के बीच शुरू हुआ। रात करीब आठ बजे सुलेम सरांय स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण-बलदाऊ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती हुई।सुलेम सरांय का सैकड़ों वर्ष पुराना ऐतिहासिक दधिकांदो मेला रविवार रात आस्था, उल्लास और राजसी वैभव के बीच शुरू हुआ। रात करीब आठ बजे सुलेम सरांय स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण-बलदाऊ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती हुई। इसके बाद शंखनाद के बीच भगवान श्रीकृष्ण-बलदाऊ प्रतीकात्मक हाथी पर चांदी के हौदे में सवार होकर भक्तों को सजीव दर्शन देने निकले। भगवान के दर्शन के लिए मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।पूजा-आरती में बाघंबरी मठ के महंत बलवीर गिरि महाराज, सांसद प्रवीण पटेल, एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा, विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह, महापौर गणेश केसरवानी, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, पूर्व सांसद केशरी देवी, पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता, डॉ. सुशील कुमार सिन्हा, पूर्व सांसद शैलेंद्र कुमार और सत्यवीर मुन्ना समेत कई लोग शामिल हुए। शोभायात्रा में आगे ध्वजा-पताका, डीजे-बैंड और गणेश, हनुमान, विष्णु, दुर्गा व शंकर की झांकियां चल रही थीं। 40 सदस्यों की धमाल पार्टी और ब्रास बैंड ने माहौल में उत्साह भर दिया। वहीं 25 से अधिक रोशनी कमेटियों ने आधुनिक रंग-बिरंगी रोशनी से मेला क्षेत्र को जगमगा दिया। कृष्ण लीला, राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, कृष्ण-सुदामा संवाद और सामाजिक सौहार्द व जागरूकता के संदेश पर आधारित 22 से अधिक चौकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बेगम बाजार व्यापार मंडल ने रोशनी कमेटी का किया था आयोजन, जिसमें रोशनी की सजावट भरमार थी, और साथ में चौकी भी निकाली गई। मौके पर बेगम बाजार व्यापार मंडल अध्यक्ष सोनू साहू (मेला प्रमुख, मनोज सिंह उपाध्यक्ष (मेला संरक्षक)  सुभाष साहू महामंत्री, राजू पटेल कोषाध्यक्ष जिला महामंत्री पि. मो. महानगर प्रयागराज, रोहित साहू मेला संरक्षक मैनेजर के.डी. कॉन्वेंट स्कूल, कुंतु भाई मेला संरक्षक, भाजपा मंडल सदर मंडल अध्यक्ष अनिल मौर्य, पार्षद भगवान दास पासी के साथ बड़े संख्या में पदाधिकारीगण उपस्थित रहें।

Saturday, September 12, 2026

विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका- केशव प्रसाद मौर्य...

रिपोर्ट - ईश्वर दीन साहू 


लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के 60वें प्रांतीय अधिवेशन को संबोधित किया। उन्होंने अधिवेशन की सफलता पर संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संगठनों द्वारा समय-समय पर अपने नेतृत्व का चयन किया जाना स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने निवर्तमान पदाधिकारियों के कार्यकाल की सराहना करते हुए नव निर्वाचित नेतृत्व के सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल आबादी वाले प्रदेश में सरकार की गरीब कल्याण, किसान हित, महिला सशक्तिकरण सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का दायित्व प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी का है। श्री मौर्य ने कहा कि देश और प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, ऐसे में कार्यप्रणाली में भी तेजी, तत्परता और चुस्ती आवश्यक है। पुरानी कार्यशैली और सुस्ती से अब काम नहीं चलेगा। प्रत्येक कर्मचारी को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करना होगा, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल क्रांति का दौर है। मोबाइल और डिजिटल माध्यमों ने आम नागरिक को भी पहले की अपेक्षा अधिक जागरूक और सशक्त बनाया है। सरकारी सेवाओं और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की अपेक्षा लगातार बढ़ी है। ऐसे में प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता एवं सुचिता के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनियमितता अथवा गलत कार्य का प्रयास न केवल शासन की छवि को प्रभावित करता है, बल्कि संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के लिए भी गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी योजनाओं की धनराशि लाभार्थियों तक पहुंचने की प्रक्रिया में अनेक स्तरों पर बिचौलियों की संभावना रहती थी। आज प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था के माध्यम से योजनाओं की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता आई है और भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर प्रभावी अंकुश लगा है। उन्होंने कहा कि इसी भावना के अनुरूप सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में भी पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए युवा कठिन परिश्रम करते हैं। ऐसे में किसी छोटी सी चूक अथवा गलत कार्य के कारण नौकरी और प्रतिष्ठा दोनों पर संकट आ सकता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे सरकार की मंशा के अनुरूप पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा के साथ कार्य करें तथा आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारी भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी अपनी भी व्यक्तिगत एवं सामाजिक समस्याएं होती हैं। यदि किसी कर्मचारी की व्यक्तिगत अथवा स्थानीय स्तर की कोई उचित समस्या सामने आती है तो शासन स्तर से संबंधित जनपद के अधिकारियों को निर्देशित कर उसका नियमानुसार समाधान कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को न्याय मिले और उसकी समस्या का समयबद्ध एवं उचित समाधान हो। अधिवेशन में उत्तर प्रदेश मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के पदाधिकारी एवं सदस्यगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

KHABREIN UTTAR RADESH KI NEWS PAPER

KHABREIN UTTAR RADESH KI NEWS PAPER

VIDEOS