Tuesday, July 28, 2026

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने पत्रकारों पर बढ़ते हमलों और धमकियों पर जताई चिंता, सुरक्षा के लिए डीएम, एडिशनल कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


प्रयागराज। पत्रकारों की सुरक्षा, को लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब का एक प्रतिनिधि मंडल जिला अधिकारी मनीष कुमार वर्मा और एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा से मिला। मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि पत्रकार निर्भय होकर अपना काम करें अगर कोई अराजक तत्व इनको हनी पहुंचाएगी उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारी को कार्रवाई का आदेश दिया। इसी तरह एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ अजय पाल शर्मा ने प्रतिनिधि मंडल की बातों को सुना और तत्काल संबंधित थाने के प्रभारी को दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया सम्मान और निर्भय होकर कार्य वातावरण सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने क्लब के संस्थापक संरक्षक वीरेंद्र पाठक के नेतृत्व में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा को और एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ अजय पाल शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने हाल के दिनों में पत्रकारों के साथ हुई घटनाओं से जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था किए जाने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि 25 जुलाई को प्रयागराज में छात्रों के प्रदर्शन की कवरेज के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने महिला पत्रकार अनम फातिमा सहित कई पत्रकारों के साथ अभद्रता की ।  महिला पत्रकार के साथ अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया तथा शारीरिक क्षति भी पहुंचाई। महिला पत्रकार ने इस संबंध में जिलाधिकारी को पूरी घटना से अवगत कराया। इसके अलावा नवाबगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले एक राष्ट्रीय समाचार चैनल के पत्रकार विकास मिश्रा ने भी जिलाधिकारी को बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में तालाब की भूमि पर  अवैध कब्जे की खबर प्रसारित की थी। इससे नाराज कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोककर जान से मारने की धमकी दी और भविष्य में इस प्रकार की खबर प्रकाशित या प्रसारित करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। क्लब के संस्थापक संरक्षक वीरेंद्र पाठक ने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले पत्रकारों को अक्सर विभिन्न प्रकार के दबाव, धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीति और सख्त नियम बनाए जाने की आवश्यकता है, ताकि वे निर्भीक होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी और पत्रकारों को हरसंभव सहयोग तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल में अनम फातिमा आरव भरद्वाज अरविन्द सिंह विकास मिश्र शम्स ताज,  धीरज। आयुष श्रीवास्तव हिमांशु राज राजिक आदि उपस्थित थे।

विश्वविद्यालय और स्कूल-कॉलेजों में लागू होना चाहिए प्रवासन पर पाठ्यक्रम- डॉ अजय कुमार मिश्र प्राचार्य

ब्यूरो रिपोर्ट- सुनील कुमार

महराजगंज : "बेटा विदेश चला गया, 1 लाख भेजता है" - ये एक लाइन आज भारत के हर छोटे-बड़े कस्बे में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली लाइन बन गई है। माँ-बाप गर्व से कहते हैं, पड़ोसी सुनकर आंखें फाड़ लेते हैं। लेकिन इस एक लाइन के पीछे कितने घर बिके, कितनी जमीन गिरवी रखी गई, कितने बेटे पासपोर्ट छिनने के बाद विदेश की जेलों में सड़ रहे हैं, ये कोई नहीं बताता। कारण बहुत सीधा है। हमारे स्कूल और कॉलेज बच्चों को कैलकुलस, कोडिंग, अकाउंटिंग, GST सब सिखा देते हैं। लेकिन जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला, यानी "विदेश कैसे सुरक्षित जाएं", इस पर एक पीरियड भी नहीं लगता। नतीजा ये है कि हर साल हजारों युवा एजेंटों के झूठे वादों में आकर तस्करी, बंधुआ मजदूरी और धोखे का शिकार बन रहे हैं। विदेश मंत्रालय और संसद में पिछले तीन सत्रों में दिए गए आंकड़े डराने वाले हैं। 2023 से 2025 के बीच सिर्फ खाड़ी देशों, कंबोडिया, लाओस, म्यांमार, थाईलैंड और यूरोप के "डंकी रूट" से जुड़े मामलों में भारतीय दूतावासों में 15,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 62 प्रतिशत मामले ऐसे थे जहां युवा को टूरिस्ट या विजिट वीजा पर भेजकर वहां अवैध रूप से काम करवाया गया। इन पीड़ितों में 70 प्रतिशत 18 से 30 साल की उम्र के ग्रेजुएट, डिप्लोमा होल्डर या ITI पास युवा थे। सबसे ज्यादा मामले पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से आए। एक अनुमान के अनुसार "फ्री जॉब", "2 महीने में कनाडा", "दुबई में 1.5 लाख सैलरी" के नाम पर चलने वाला ये अवैध नेटवर्क हर साल 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का कारोबार करता है। ये सिर्फ पैसों का खेल नहीं है। ये सपनों, कर्ज और जिंदगियों का सौदा है। अब सवाल उठता है कि ये सब हो क्यों रहा है। क्या युवा आलसी हैं? नहीं। क्या परिवार लालची हैं? नहीं। असल समस्या जानकारी की कमी है। एक 19 साल का लड़का जो http://B.Com कर रहा है, उसे ये नहीं पता कि वर्क वीजा और टूरिस्ट वीजा में क्या फर्क है। उसे नहीं पता कि भारत सरकार का eMigrate पोर्टल क्या है और POE यानी Protector of Emigrants से रजिस्टर्ड एजेंट की लिस्ट कहां मिलती है। उसे ये नहीं बताया गया कि अगर कोई एजेंट कहे "पहले 10 लाख दो, वीजा पक्का है" तो वो 100 प्रतिशत फ्रॉड है। उसे ये नहीं पता कि विदेश में मुसीबत आने पर 1800-11-3090 हेल्पलाइन या नजदीकी भारतीय दूतावास से कैसे संपर्क करना है। हम स्कूल में सड़क पार करना, साइबर फ्रॉड से बचना, गुड टच बैड टच सब सिखाते हैं। लेकिन दुनिया के सबसे बड़े श्रम निर्यातक देश का नागरिक बनने की शिक्षा नहीं देते। कॉलेज की स्थिति और भी गंभीर है। प्लेसमेंट सेल कंपनियां लाता है, पर उन कंपनियों की विदेश में वैधता कौन चेक करेगा ये कोई नहीं बताता। करियर काउंसलिंग में "अमेरिका में MS करो" या "कनाडा में PR लो" की बात होती है, पर उसके लिए जरूरी IELTS स्कोर, स्किल सर्टिफिकेट, बैंक बैलेंस और कानूनी प्रक्रिया कौन समझाएगा। इसी खालीपन को एजेंट भरते हैं। वो Instagram, Facebook, WhatsApp पर "No IELTS, No Experience, 15 Days में जर्मनी" जैसे विज्ञापन चलाते हैं। युवा फॉर्म भरता है, इंटरव्यू होता है, फर्जी ऑफर लेटर आता है और 3 महीने बाद वो लड़का कंबोडिया के किसी साइबर फ्रॉड सेंटर में 16 घंटे कंप्यूटर पर बैठा मिलता है। पासपोर्ट जमा, मारपीट, और टारगेट पूरा न करने पर बिजली के झटके। 2024 में म्यांमार और कंबोडिया से 500 से ज्यादा भारतीय युवाओं को विदेश मंत्रालय और सेना की मदद से छुड़ाया गया। इनमें से अधिकांश ने कहा "सर हमें लगा था IT की नौकरी है"। इसलिए अब वक्त आ गया है कि हम प्रवासन को टैबू की तरह न देखें। युवा विदेश जाएंगे, ये तय है। भारत दुनिया को सबसे ज्यादा रेमिटेंस भेजने वाला देश है। 2024 में ही 120 बिलियन डॉलर से ज्यादा विदेश से भारत आया। ये देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। लेकिन ये रेमिटेंस सम्मान से कमाया जाए, जान जोखिम में डालकर नहीं। इसके लिए समाधान सिर्फ पुलिस और कानून नहीं है। समाधान कक्षा से शुरू होगा।
  स्कूल स्तर पर कक्षा 9 से 12 तक "सुरक्षित प्रवासन" का एक बेसिक मॉड्यूल जोड़ा जाना चाहिए। ये 8-10 पीरियड का मॉड्यूल होगा। इसमें बच्चों को बताया जाए कि विदेश में नौकरी के प्रकार क्या होते हैं, वीजा के प्रकार क्या होते हैं। उन्हें सिखाया जाए कि किसी भी विदेश जॉब के लिए एजेंट का लाइसेंस नंबर मांगना जरूरी है और उसे http://www.emigrate.gov.in पर चेक करना है। उन्हें फर्जी ईमेल, फर्जी कंपनी वेबसाइट, और "पैसे पहले" वाले ऑफर की पहचान सिखाई जाए। उन्हें ये भी बताया जाए कि अगर दोस्त या रिश्तेदार विदेश से "जल्दी आ जाओ, काम पक्का है" कहे तो भी पहले दूतावास से वेरिफाई करना जरूरी है। साथ में गुड टच बैड टच की तरह "सुरक्षित प्रवासन के 5 नियम" का पोस्टर हर क्लास में लगे। कॉलेज स्तर पर इसे और गंभीरता से लेना होगा। UGC को निर्देश देना चाहिए कि हर डिग्री और डिप्लोमा कोर्स के साथ "Safe and Legal Migration" नाम का 2 क्रेडिट का अनिवार्य पेपर हो। ये पेपर थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों हो। थ्योरी में अंतरराष्ट्रीय श्रम कानून, गंतव्य देशों के नियम, वित्तीय साक्षरता, लोन और स्कॉलरशिप के विकल्प पढ़ाए जाएं। प्रैक्टिकल में छात्रों से कहा जाए कि वो किसी एक देश की कंपनी को चुनें और उसके वर्क परमिट की प्रक्रिया खुद रिसर्च करके प्रेजेंटेशन दें। प्लेसमेंट ऑफिसर की ट्रेनिंग में विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल हों। हर कॉलेज में "Career and Safe Migration Cell" बने जिसका काम सिर्फ प्लेसमेंट नहीं, बल्कि छात्रों को धोखे से बचाना भी हो। हर 6 महीने में दूतावास, NGO और पुलिस मिलकर कैंपस में वर्कशॉप करें जहां लौटकर आए पीड़ित अपनी कहानी सुनाएं। इस पाठ्यक्रम में 4 चीजें जरूर होनी चाहिए। पहला कानूनी साक्षरता। छात्र को पता होना चाहिए कि टूरिस्ट वीजा पर काम करना गैरकानूनी है, पासपोर्ट किसी को गिरवी नहीं रखा जा सकता, और विदेश में कम से कम मजदूरी कितनी है। दूसरा वित्तीय जागरूकता। 15 लाख एजेंट को देने के बजाय बैंक से एजुकेशन लोन, स्किल इंडिया के प्रोग्राम, और सरकारी स्कॉलरशिप कैसे मिलती है। तीसरा भाषा और स्किल। IELTS, PTE, जर्मन, जापानी भाषा और टेक्निकल स्किल के बिना विदेश में आप सिर्फ सस्ता मजदूर बनेंगे। चौथा असली कहानियां। किताबी ज्ञान से डर नहीं लगता। जब छात्र सुनेंगे कि कैसे एक इंजीनियरिंग का लड़का "कॉल सेंटर जॉब" के नाम पर लाओस ले जाया गया और 8 महीने तक ऑनलाइन ठगी करवाई गई, तब उन्हें समझ आएगी। अब कोई कहेगा कि सिलेबस पहले ही बहुत भारी है, टीचर पहले ही कम हैं, ये नया बोझ क्यों। इसका जवाब ये है कि क्या एक क्रेडिट कोर्स एक जिंदगी से भारी है। क्या एक पीरियड एक परिवार को कर्ज और शर्म से नहीं बचा सकता। हमने कोरोना के बाद सिलेबस में डिजिटल साक्षरता जोड़ी, साइबर सुरक्षा जोड़ी। तो प्रवासन सुरक्षा क्यों नहीं जोड़ सकते। इसके लिए नया टीचर रखने की जरूरत नहीं है। सामाजिक विज्ञान, वाणिज्य और कानून के प्रोफेसरों को 15 दिन की ट्रेनिंग देकर ये काम करवाया जा सकता है। खर्च भी बहुत नहीं है। विदेश मंत्रालय, IOM और कई NGO इस काम के लिए फंड और ट्रेनर देने को तैयार हैं। इसके साथ सरकार को 3 काम और करने होंगे। पहला, POE से अप्रूव्ड एजेंटों की लिस्ट को हर स्कूल-कॉलेज की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर लगाना अनिवार्य हो। दूसरा, सोशल मीडिया कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया जाए। Facebook और Instagram पर "विदेश जॉब" का विज्ञापन तभी चले जब उसमें POE नंबर हो। तीसरा, लौटकर आए पीड़ितों के लिए पुनर्वास। उन्हें अपराधी की तरह न देखा जाए। उन्हें स्किल देकर दोबारा खड़ा किया जाए ताकि वो दूसरों को जागरूक कर सकें। अंत में ये समझना जरूरी है कि हम प्रवासन रोकना नहीं चाहते। भारत का युवा दुनिया में झंडा गाड़े, ये हमारी ताकत है। NASA में, Google में, दुबई में, जर्मनी की फैक्ट्रियों में भारतीयों का नाम है। लेकिन फर्क इस बात का है कि वो सम्मान से गए या मजबूरी में फंसे। एक तरफ वो युवा हैं जो स्कॉलरशिप लेकर MIT गए। दूसरी तरफ वो युवा हैं जो 12 लाख देकर कंबोडिया में साइबर गुलाम बने। दोनों में फर्क सिर्फ जानकारी का है। इसलिए सरकार "कौशल भारत" के साथ "सुरक्षित भारत" को भी जोड़े। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के साथ "प्रधानमंत्री सुरक्षित प्रवासन योजना" भी चले। हर जिले में एक हेल्प डेस्क हो जहां माता-पिता जाकर पूछ सकें कि ये एजेंट सही है या नहीं। कॉलेज सिर्फ डिग्री नहीं देता। वो जिंदगी के लिए तैयार करता है। और आज की जिंदगी में सबसे जरूरी स्किल है - सुरक्षित निर्णय लेना। अगर हमने आज स्कूल और कॉलेज में प्रवासन की शिक्षा शुरू कर दी, तो 5 साल बाद हमारे आंकड़े बदल जाएंगे। दूतावासों में शिकायतें कम होंगी, कर्ज के मामले कम होंगे, और भारत का नाम "कुशल और सुरक्षित" कामगारों के देश के रूप में होगा। क्योंकि अंत में बात बहुत छोटी है। सपना देखना गलत नहीं है। गलत है आंख बंद करके सपनों के पीछे भागना। एक घंटे की क्लास, एक सही जानकारी, एक जागरूक छात्र - ये तीनों मिलकर तस्करों के दस जाल तोड़ सकते हैं। और यही समय की मांग है। "डिग्री के साथ सुरक्षा भी जरूरी है। सपना विदेश का हो, पर रास्ता कानून का हो"

Monday, July 27, 2026

प्रयागराज पुलिस, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में “Skill enhancement workshop of police investigation officers in Medicolegal cases” के सम्बन्ध में पाँच दिवसीय विशेष कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ...


रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


प्रयागराज : पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज द्वारा आपराधिक विवेचनाओं को अधिक वैज्ञानिक, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पाँच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला (“Skill enhancement workshop of police investigation officers in Medicolegal cases”) का आयोजन मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज में किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य विवेचना की गुणवत्ता में व्यापक सुधार, वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग, नवीन आपराधिक कानूनों का विधिसम्मत क्रियान्वयन तथा माननीय न्यायालय की अपेक्षाओं के अनुरूप अनुसंधान प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।दिनांक 27 जुलाई से 31 जुलाई, 2026 तक आयोजित होने वाली यह विशेष कार्यशाला प्रोफेसर प्रीतमदास ऑडिटोरियम, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज में संचालित की जा रही है। कार्यशाला में प्रतिदिन लगभग 230 विवेचकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस प्रकार पाँच दिनों में कुल 1,150 पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक विवेचना पद्धतियों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगाकार्यशाला का भव्य शुभारम्भ माननीय न्यायाधीश,  मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद, श्री अरुण कुमार  सिंह देशवाल के कर-कमलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम पुलिस आयुक्त, प्रयागराज श्री जोगेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) वी.बी. सहाय, प्राचार्य प्रो. (डॉ.ए.के. वर्मा, निदेशक राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला, लखनऊ, प्रो. (डॉ.) आदर्श कुमार, विभागाध्यक्ष एवं आयोजन अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अर्चना कौल तथा एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमार राय मंचासीन रहे। पुलिस विभाग की ओर से अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. अजय पाल शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय श्री विजय ढुल, पुलिस उपायुक्त अपराध, पुलिस उपायुक्त नगर, पुलिस उपायुक्त गंगानगर, पुलिस उपायुक्त यमुनानगर, पुलिस उपायुक्त लाइन्स एवं पुलिस उपायुक्त मुख्यालय सहित पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
विवेचना को वैज्ञानिक और न्यायोन्मुखी बनाना कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य, कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य विवेचकों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रावधानों की गहन एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है। इसके साथ ही प्रतिभागियों को वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों के प्रभावी संकलन और उपयोग, घटनास्थल के सुरक्षित एवं विधिसम्मत प्रबंधन, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संरक्षण, केस डायरी के गुणवत्तापूर्ण लेखन, आरोप-पत्र की विधिक सुदृढ़ता तथा प्रभावी अभियोजन की तैयारी के संबंध में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से विवेचकों को ऐसी आधुनिक अनुसंधान तकनीकों से परिचित कराया जाएगा, जिनके प्रभावी प्रयोग से विवेचना में होने वाली प्रक्रियागत त्रुटियों को न्यूनतम किया जा सके, साक्ष्यों की विश्वसनीयता सुनिश्चित हो तथा न्यायालय में अभियोजन पक्ष को अधिक सुदृढ़ता प्रदान की जा सके। कार्यशाला का लक्ष्य केवल विवेचना पूर्ण करना नहीं, बल्कि ऐसी दोषरहित एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करना है, जो पीड़ित को समयबद्ध न्याय दिलाने और अपराधी को विधिसम्मत दंड दिलाने में प्रभावी सिद्ध हो। गुणवत्तापूर्ण विवेचना प्रभावी न्याय व्यवस्था की आधारशिला- कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए माननीय न्यायाधीश श्री अरुण कुमार सिंह देशवाल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक विवेचना किसी भी प्रभावी न्याय व्यवस्था की आधारशिला होती है। विवेचना जितनी तथ्यपरक, विधिसम्मत और वैज्ञानिक होगी, न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्य उतने ही अधिक विश्वसनीय और प्रभावी होंगे। उन्होंने कहा कि अपराध की निष्पक्ष एवं सूक्ष्म विवेचना न केवल दोषियों को दंडित कराने के लिए आवश्यक है, बल्कि निर्दोष व्यक्ति के हितों की रक्षा के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अनुसंधान के दौरान वैज्ञानिक दृष्टिकोण, विधिक प्रक्रियाओं और साक्ष्यों की शुचिता का पालन किए जाने से न्यायालय में दोषसिद्धि की संभावना अधिक सुदृढ़ होती है। माननीय न्यायाधीश ने सभी विवेचकों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान, अनुभव और आधुनिक तकनीकों को अपने कार्यों में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विवेचक का दायित्व है कि वह विवेचना को केवल एक विभागीय प्रक्रिया न मानकर न्याय प्रदान करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में ग्रहण करे। प्रत्येक विवेचना को पारदर्शी, समयबद्ध और उच्च गुणवत्तापूर्ण बनाना हमारा संकल्प—पुलिस आयुक्त, पुलिस आयुक्त, प्रयागराज श्री जोगेन्द्र कुमार ने कहा कि पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज का स्पष्ट संकल्प प्रत्येक विवेचना को निष्पक्ष, पारदर्शी, समयबद्ध, वैज्ञानिक एवं उच्च गुणवत्तापूर्ण बनाना है। गुणवत्तापूर्ण विवेचना ही अपराध नियंत्रण, प्रभावी अभियोजन और न्यायालय में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
उन्होंने कहा कि बदलती आपराधिक प्रवृत्तियों, तकनीक के बढ़ते प्रयोग और डिजिटल साक्ष्यों की बढ़ती भूमिका को देखते हुए विवेचकों को नवीन कानूनों एवं आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों से निरंतर अद्यतन रखना अत्यंत आवश्यक है। यह प्रशिक्षण पुलिस अधिकारियों की व्यावसायिक दक्षता, विधिक समझ तथा वैज्ञानिक अनुसंधान क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करेगा। पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध का अनावरण करना नहीं, बल्कि साक्ष्यों पर आधारित ऐसी निष्पक्ष एवं त्रुटिरहित विवेचना सुनिश्चित करना है, जिससे पीड़ितों को त्वरित न्याय मिले और अपराधियों के विरुद्ध न्यायालय में प्रभावी अभियोजन किया जा सके। इस प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाएं पुलिस व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी एवं न्यायोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। विशेषज्ञों द्वारा दिया जाएगा विषयगत एवं केस-आधारित प्रशिक्षण, पाँच दिवसीय कार्यशाला के दौरान विषय-विशेषज्ञों द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों, फॉरेंसिक विज्ञान, साइबर अपराध अनुसंधान, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, घटनास्थल प्रबंधन, महिला एवं बाल अपराधों की संवेदनशील विवेचना, चिकित्सकीय एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों, न्यायालयीन प्रक्रिया तथा प्रभावी अभियोजन से संबंधित विषयों पर विस्तृत व्याख्यान एवं प्रस्तुतियां दी जाएंगी। प्रतिभागियों के लिए संवादात्मक प्रशिक्षण सत्र, व्यावहारिक अभ्यास, वास्तविक प्रकरणों का अध्ययन तथा केस-आधारित विश्लेषण भी आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से विवेचकों को अनुसंधान के दौरान उत्पन्न होने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान, साक्ष्यों के समुचित अभिलेखीकरण तथा मा0 न्यायालय में अभियोजन को सुदृढ़ बनाने की प्रभावी तकनीकों से परिचित कराया जाएगा। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला पुलिस विवेचना को अधिक वैज्ञानिक, साक्ष्य-आधारित, प्रभावी एवं न्यायोन्मुखी बनाने की दिशा में एक दूरगामी पहल सिद्ध होगी। इससे न केवल पुलिस अधिकारियों की अनुसंधान क्षमता एवं व्यावसायिक दक्षता में वृद्धि होगी, बल्कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी अभियोजन, दोषसिद्धि दर में सुधार तथा पीड़ितों को त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

थाना जार्जटाउन पुलिस ने तीन अभियुक्त को गिरफ्तार कर, कब्जे से 01 टैबलेट, 03 मोबाइलफोन व 01 ई-रिक्शा बरामद किया

रिपोर्ट - ईश्वर दीन साहू

प्रयागराज : थाना जार्जटाउन पुलिस द्वारा थाना स्थानीय के पंजीकृत मु0अ0सं0-118/2026 धारा 305a BNS से सम्बन्धित 03 अभियुक्तों 01. उज्जवल सोनी उर्फ मंटू सोनी पुत्र संतोष सोनी निवासी म0नं0 356 ,माली चौराहा, अल्लापुर थाना जार्जटाउन जनपद प्रयागराज 02. पंकज कुमार सिंह उर्फ ठाकुर पुत्र अशोक कुमार सिंह निवासी 849/1A/2K बाघम्बरी गद्दी रोड, अल्लापुर थाना जार्जटाउन जनपद प्रयागराज हाल पता केदार मानसरोवर अपार्टमेन्ट 2बी, निकट लेबर चौराहा, अल्लापुर थाना जार्जटाउन, जनपद प्रयागराज 03. मुन्द्रिका वर्मा पुत्र छोटेलाल वर्मा निवासी 213/28A, चन्द्रशेखर आजाद स्कूल, अल्लापुर थाना जार्जटाउन जनपद प्रयागराज आज दिनांक 27.07.2026 को रेलवे लाइन के किनारे हरी नगर के पास थाना क्षेत्र जार्जटाउन से गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से चोरी का 01 टैबलेट, 03 मोबाइलफोन व घटना में प्रयुक्त 01 ई-रिक्शा बरामद किया गया। गिरफ्तारी/बरामदगी के आधार पर उक्त अभियोग में धारा 317(2) B.N.S की बढोत्तरी की गयी।  नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी। गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरणः- 1- उज्जवल सोनी उर्फ मंटू सोनी पुत्र संतोष सोनी निवासी म0नं0 356 ,माली चौराहा, अल्लापुर थाना जार्जटाउन, जनपद प्रयागराज, उम्र करीब 20 वर्ष। 
2- पंकज कुमार सिंह उर्फ ठाकुर पुत्र अशोक कुमार सिंह निवासी 849/1A/2K बाघम्बरी गद्दी रोड , अल्लापुर थाना जार्जटाउन जनपद प्रयागराज (हाल पता केदार मानसरोवर अपार्टमेन्ट 2बी, निकट लेबर चौराहा, अल्लापुर थाना जार्जटाउन जनपद प्रयागराज), उम्र करीब 40 वर्ष । 
3- मुन्द्रिका वर्मा पुत्र छोटेलाल वर्मा निवासी 213/28A, चन्द्रशेखर आजाद स्कूल, अल्लापुर थाना जार्जटाउन , जनपद प्रयागराज, उम्र करीब 25 वर्ष। बरामदगी की विवरणः-
चोरी का 01 टैबलेट, 03 मोबाइलफोन व घटना में प्रयुक्त 01 ई-रिक्शा (वाहन सं0 UP70RT0087) संबंधित अभियोग का विवरण- मु0अ0सं0- 118/2026 धारा 305a,317(2)  BNS थाना जार्जटाउन कमिश्नरेट प्रयागराज। अभियुक्त उज्जवल सोनी उर्फ मंटू सोनी का आपराधिक इतिहासः- 1. मु0अ0सं0- 13/2025 धारा 305(a),317(2) BNS थाना जार्जटाउन  कमिश्नरेट प्रयागराज। 2. मु0अ0सं0- 118/2026 धारा 305a,317(2)  BNS थाना जार्जटाउन कमिश्नरेट प्रयागराज। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम का विवरणः- 1. उ0नि0 बब्बन राम, थाना प्रभारी जार्जटाउन कमिश्नरेट प्रयागराज। 2. उ0नि0 सुमित कुमार वर्मा, थाना जार्जटाउन कमिश्नरेट प्रयागराज। 3. उ0नि0 अश्वनी सविता थाना जार्जटाउन कमिश्नरेट प्रयागराज। 4. हे0का0 विनोद कुमार यादव, थाना जार्जटाउन कमिश्नरेट प्रयागराज। 5. कां0 रवि कुमार, थाना जार्जटाउन कमिश्नरेट प्रयागराज। 6. कां0 शाहीद जंमा थाना जार्जटाउन कमिश्नरेट प्रयागराज। 7. कां0 अभिषेक कुमार थाना जार्जटाउन कमिश्नरेट प्रयागराज। 8. रि0का0 अनिल कुमार थाना जार्जटाउन कमिश्नरेट प्रयागराज।

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बाढ़ क्षेत्रों का किया भ्रमण, व्यवस्थाओं के सम्बंध में अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू 


प्रयागराज : जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सोमवार को नगर आयुक्त श्री सीलम सांई तेजा के साथ सम्भावित बाढ़ के दृष्टिगत बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों-छोटा बघाड़ा, दारागंज, गंगानगर का भ्रमण करते हुए सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने वहां के स्थानीय लोगो से संवाद करते हुए कहा कि जब जलस्तर बढ़ने लगे तो बाढ़ आने का इंतजार न करें, पहले से प्रशासन के द्वारा बनाये गये बाढ़ राहत केन्द्रों पर चले जाये, जिससे कि बाढ़ के समय किसी भी प्रकार की परेशानी न होने पाये। उन्होंने छोटा बघाड़ा क्षेत्र का भ्रमण करते हुए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व तथा उपजिलाधिकारी सदर को बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में बाढ़ कंट्रोल रूम, सम्बंधित लेखपाल व अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारियों के मोबाइल नम्बर छोटे-छोटे बोर्ड पर लगवाये जाने के लिए कहा है। अपर जिलाधिकारी के द्वारा बताया गया कि बघाड़ा में पूर्व वर्षों में बनने वाले बाढ़ राहत शिविर एनी बेसेंट गर्ल्स इण्टर कालेज के स्थान पर इस बार होलीटेट्री स्कूल को बाढ़ राहत केन्द्र के रूप में बनाया गया है। जिलाधिकारी ने बघाड़ा क्षेत्र में चौपाल लगाकर तथा अन्य माध्यमों से लोगो को नए बनाये गये बाढ़ राहत शिविर के बारे में जानकारी उपलब्ध कराये जाने के लिए कहा है, जिससे कि लोगो को बाढ़ आने के समय बाढ़ राहत केन्द्र की जानकारी रहे जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को सभी बाढ़ राहत केन्द्रों में खाना, पानी, साफ-सफाई, शौचालय, मेडिकल सहित अन्य सुविधाओं की पहले से ही आवश्यक व्यवस्थायें एवं तैयारियां सुनिश्चित करा लिए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को भी जहां पर बाढ़ आने की सम्भावना रहती है, वहां पर बाढ़ चौकियों को क्रियाशील किए जाने तथा वहां पर सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित किए जाने हेतु उस सम्बंध में पहले से ही तैयारी सुनिश्चित कराये जाने के लिए कहा है। जिलाधिकारी ने बाढ़ आने के समय स्लूज गेट को समय से बंद करने तथा जल निकासी के लिए लगाये गये पम्पों को क्रियाशील बनाये रखने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों एवं अन्य सम्बंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणकर सभी आवश्यक व्यवस्थायें पहले से ही सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती विनीता सिंह, तहसीलदार सदर सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Tuesday, July 21, 2026

जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारी युवाओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सड़क पर उतरकर सकिपा ने किया हल्लाबोल...

रिपोर्ट - ईश्वर दीन साहू

कौशाम्बी : परीक्षा के दौरान हुए कथित पेपर लीक के मुद्दे पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतान्त्रिक ढंग से जंतर मंतर नई दिल्ली में अनशन और प्रदर्शन कर रहे देश के छात्रों और युवाओं की जायज मांगों पर केंद्र सरकार की चुप्पी के परिणामस्वरूप संसद परिसर घेराव के लिए मार्च कर रहे युवाओं और छात्रों के साथ केंद्र सरकार के इशारे पर दिल्ली पुलिस द्वारा अमानवीय तरीके से किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों के प्रहार से आक्रोशित समर्थ किसान पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जिला मुख्यालय मंझनपुर में विरोध प्रदर्शन करते हुए हल्लाबोल किया और इंकलाब ज़िंदाबाद के क्रांतिकारी नारों के साथ महामहिम राष्ट्रपति महोदय को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन कौशांबी को सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और दोषी पुलिस कमियों को बर्खास्त करने सहित केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस द्वारा देश के युवाओं और छात्रों से माफी मांगने को लेकर मांग की गई।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को समर्थ किसान पार्टी के दर्जनों कार्यकर्ता जिला मुख्यालय मंझनपुर के डायट मैदान में एकजुट हुए और बैठक की। बैठक को सम्बोधित करते हुए पार्टी नेता अजय सोनी ने कहा केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ कर रही है और पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने का काम कर रही है। आगे कहा कि छात्रों, युवाओं द्वारा धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांगने पर उन्हें लाठियों से पीटा जा रहा है। यह सरकार की तानाशाही है जिसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के साथ अजय सोनी ने कहा कि जंतर मंतर से संसद परिसर की ओर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से मार्च कर रहे निहत्थे युवाओं एवं छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रहार करना लोकतंत्र की हत्या और आपातकाल की शुरुआत है। जिलाध्यक्ष मुन्ना लाल तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार तत्काल धर्मेंद्र प्रधान को को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करे और केंद्र सरकार एवं दिल्ली पुलिस देश के युवाओं एवं छात्रों से माफी मांगे। आगे कहा कि केंद्र सरकार युवा विरोधी सरकार है। बैठक के उपरांत पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जिला प्रशासन कौशांबी को जिलाध्यक्ष मुन्ना लाल तिवारी की अगुवाई में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र केसरवानी, जिला सचिव भैरव प्रसाद गौतम, राजेश गौतम, राधा कृष्ण शुक्ल, सुनील तिवारी, बबलू केसरवानी, परिहार लोधी, राम सुमेर सोनी, बुद्ध प्रकाश मौर्य, मुन्ना पटेल, शिव प्रसाद गौतम (बीडीसी) आदि मौजूद रहें।

गुप्त नवरात्रि की सप्तमी पर मां कल्याणी का किया गया भव्य श्रृंगार एवं शतचंडी पाठ एवं ललिता सहस्त्रार्जन...

रिपोर्ट - ईश्वर दीन साहू 

प्रयागराज : गुप्त नवरात्रि के सप्तमी दिवस पर महाशक्ति पीठ मां कल्याणी देवी के धाम अतरसुइया में प्रातः 5:30 बजे पंडित श्याम जी पाठक के द्वारा विधि विधान पूर्वक माता कल्याणी की मंगला आरती की गई । और शाम 4:00 से शतचंडी पाठ एवं ललिता सहस्त्रार्जन विधि विधान के साथ किया गया। शाम 6: 00 बजे  से लेकर रात्रि 11:00 तक माता कल्याणी का श्रृगार किया गया और रात्रि 11:00 बजे तक हजारों भक्तों ने मां कल्याणी का श्रृगार दर्शन प्राप्त किया। आचार्य पंडित सुशील कुमार पाठक ने मां कल्याणी की शयन आरती की और उन्होंने बताया कि 22 जुलाई को अष्टमी दिवस पर मां कल्याणी का अति सुन्दर विशेष श्रृंगार एवं महाआरती और भंडारा प्रसाद वितरण किया जाएगा और वैदिक शास्त्रों के द्वारा मंदिर प्रांगण में चल रही शतचंडी पाठ एवं हवन 23 जुलाई तक  किया जाएगा।

KHABREIN UTTAR RADESH KI NEWS PAPER

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