रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू, मनोज सोनी
प्रयागराज : एनसीसी निदेशालय उत्तर प्रदेश के अंतर्गत, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 16 यूपी बटालियन एनसीसी, प्रयागराज द्वारा राम दुलारी बच्चू लाल जायसवाल पीजी कॉलेज, नवाबगंज, प्रयागराज में आयोजित 12 दिवसीय सीओसी ड्रोन प्रशिक्षण शिविर अपने उद्देश्यों की सफल पूर्ति की ओर अग्रसर है। यह शिविर 12 मार्च से प्रारंभ होकर 23 मार्च तक संचालित किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के 8 एनसीसी ग्रुप मुख्यालयों के सीनियर डिवीजन (SD) एवं सीनियर विंग (SW) के कैडेट्स उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं। शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स को आधुनिक युद्धक एवं नागरिक उपयोग की उन्नत ड्रोन तकनीक से परिचित कराना है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने हेतु तकनीकी रूप से दक्ष बन सकें। प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने ड्रोन डिजाइनिंग, असेम्बलिंग, संचालन एवं उड़ान की जटिल प्रक्रियाओं को न केवल समझा, बल्कि उन्हें व्यवहारिक रूप में आत्मसात भी किया। सीमित समय में ड्रोन असेंबल करने की दक्षता एवं ऑन-ग्राउंड परीक्षण के सफल निष्पादन ने कैडेट्स की तकनीकी क्षमता और तत्परता का परिचय दिया। प्रशिक्षण के अंतर्गत कैडेट्स को ड्रोन संचालन के सुरक्षा मानकों, निगरानी प्रणाली, आपदा प्रबंधन तथा रक्षा क्षेत्र में इसके बहुआयामी उपयोगों की गहन जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, हथियार प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेट्स की फायरिंग दक्षता को भी सुदृढ़ किया जा रहा है, जो उनके सैन्य अनुशासन और आत्मविश्वास को और अधिक सशक्त बनाता है। शिविर के आठवें दिन एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कंदील ने शिविर का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत ड्रोन फ्लाइंग का सजीव एवं प्रभावशाली प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास, सटीकता और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। कैडेट्स के अनुशासित प्रदर्शन एवं तकनीकी प्रवीणता से प्रभावित होकर ग्रुप कमांडर ने उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि एन सी सी कैडेट्स भी ड्रोन एवं साइबर तकनीक से लैस होंगे तथा उन्हें भविष्य में और उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु प्रेरित किया। यह शिविर कैंप कमांडेंट कर्नल निशांत बरियार एवं डिप्टी कैंप कमांडेंट कर्नल योगेंद्र चिनवान के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। इस अवसर पर कर्नल निशांत बरियार ने अपने उद्बोधन में कहा कि आधुनिक तकनीक, विशेषकर ड्रोन, भविष्य के सैन्य एवं रणनीतिक परिदृश्य का अभिन्न अंग है। इसका समुचित ज्ञान एवं दक्षता कैडेट्स की सैन्य क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह ड्रोन प्रशिक्षण शिविर न केवल कैडेट्स को तकनीकी रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि उनमें अनुशासन, नेतृत्व, त्वरित निर्णय क्षमता एवं राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण की भावना को भी सुदृढ़ कर रहा है। निस्संदेह, यह पहल राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त और दूरदर्शी कदम सिद्ध हो रही है।
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