रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू
लखनऊ : उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) के निर्देशन में आज प्रदेश के 44 जनपदों की 118 तहसीलों में "बाढ़ आपदा पर राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज-2026" का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान विभिन्न विभागों एवं आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों की तैयारियों, समन्वय क्षमता तथा त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र का परीक्षण एवं सुदृढ़ीकरण करना था। राज्य आपदा मोचन बल, उ०प्र० लखनऊ (SDRF UP) द्वारा इस मॉक एक्सरसाइज में सक्रिय सहभागिता करते हुए प्रदेश के 16 जनपदों में (गोरखपुर, सिद्धार्थ नगर, बदायूं, प्रयागराज, मिर्ज़ापुर, बरेली, उन्नाव, कानपुर, मथुरा ,जालौन, अयोध्या, गोंडा, वाराणसी, बाराबंकी, मेरठ, लखनऊ) अपनी प्रशिक्षित टीमों को तैनात किया गया। मॉक अभ्यास में अंतर्राज्यीय समन्वय के तहत मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान एवं बिहार की टीमों ने क्रमशः प्रयागराज, बरेली, मथुरा एवं गोरखपुर में सहभागिता की। अभ्यास के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खोज एवं बचाव (Search & Rescue), नाव संचालन, जलमग्न क्षेत्रों से सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार की कार्यवाही की गयी एवं संचार उपकरणों जैसे बॉडी वॉर्न कैमरा तथा सैटेलाइट फोन आदि का उपयोग कर इन उपकरणों की क्रियाशीलता भी जांची गई । आपदा के समय विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय की कार्यवाही का वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप प्रदर्शन किया गया। मॉक एक्सरसाइज में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, अग्निशमन सेवा, एनडीआरएफ, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं अन्य संबंधित विभागों ने भी सहभागिता कर आपदा प्रबंधन की समेकित कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया। SDRF उत्तर प्रदेश की टीमों ने आधुनिक बचाव उपकरणों एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से बाढ़ आपदा के दौरान प्रभावी एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन किया। इस अभ्यास से विभिन्न एजेंसियों के मध्य समन्वय को और अधिक मजबूत करने तथा वास्तविक आपदा की स्थिति में बेहतर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। यह पूरा अभियान राज्य आपदा मोचन बल उ०प्र०, लखनऊ सेनानायक आईपीएस श्री श्याम नारायण सिंह, उपसेनानायक श्री अशोक कुमार सिंह(प्रशासनिक) और उपसेनानायक श्री हरेन्द्र यादव(ऑपरेशनल) के कुशल निर्देशन, मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायी नेतृत्व में संपन्न हुआ। SDRF उत्तर प्रदेश प्रदेशवासियों की सुरक्षा एवं आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए सदैव तत्पर एवं प्रतिबद्ध है।