रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू
प्रयागराज : इंपीरियल स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, मऊआइमा ब्लॉक बाजार, प्रयागराज में शनिवार को छात्रों के लिए साइबर अपराध से बचाव हेतु एक विशेष जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान समय में तेजी से बढ़ते डिजिटल अपराधों को लेकर बच्चों को जागरूक करना था। गोष्ठी में प्रयागराज साइबर सेल से सब इंस्पेक्टर राहुल कुमार, प्रभारी साइबर सेल, गंगानगर, कमिश्नरेट प्रयागराज व साइबर सुरक्षा शिक्षक जयप्रकाश सिंह ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को साइबर खतरों और उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। इस सत्र में विशेष रूप से हैकिंग, फिशिंग, पहचान की चोरी, रैनसमवेयर, मालवेयर जैसे खतरनाक साइबर हमलों पर चर्चा की गई और बताया गया कि ये कैसे सामान्य मोबाइल या कंप्यूटर उपयोगकर्ताओं को भी शिकार बना सकते हैं। विशेष ध्यान छात्रों द्वारा बिना समझे इंटरनेट पर किए जाने वाले गलत प्रयोगों, जैसे कि मीम्स बनाकर मजाक उड़ाना–पर दिया गया। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ जय प्रकाश सिंह ने समझाया कि किसी भी शिक्षक, सार्वजनिक व्यक्ति या नेता के ऊपर मजाक में बनाया गया मीम (Meme) भी कानूनी अपराध की श्रेणी में आ सकता है और ऐसे मामलों में आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई भी हो सकती है। छात्रों को यह स्पष्ट किया गया कि इंटरनेट एक शक्तिशाली माध्यम है, लेकिन उसका दुरुपयोग नहीं, सदुपयोग करना सीखना ज़रूरी है। गोष्ठी के दौरान राहुल कुमार प्रभारी साइबर सेल गंगानगर, कमिश्नरेट प्रयागराज ने बताया कि आजकल ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया हैकिंग, क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, टेलीग्राम स्कैम, फर्जी कोर्स बेचने वाले स्कैमर्स, और डिजिटल अरेस्ट जैसे नए-नए अपराध सामने आ रहे हैं। कई बार बच्चे जाने-अनजाने में ऐसे अपराधियों के संपर्क में आ जाते हैं और खुद को खतरे में डाल देते हैं। इसलिए समय रहते सही जानकारी होना ही सबसे बड़ा बचाव है।विद्यालय प्रशासन ने साइबर टीम का धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल बच्चों को जागरूक करते हैं बल्कि पूरे परिवार और समाज में डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक नई सोच विकसित करते हैं। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि शिक्षा के साथ-साथ साइबर शिक्षा भी आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है।
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