रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू
कौशाम्बी : जनफी में पत्रकार इश्तियाक अहमद की गिरफ्तारी को लेकर जनपद का पत्रकार समाज खुलकर सड़क पर उतर आया है। संदीपनघाट थाना पुलिस पर नेताओं के दबाव में फर्जी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए पत्रकारों ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार बताया। उनका कहना है कि घटना के समय इश्तियाक मौके पर मौजूद नहीं थे, इसके बावजूद साजिशन नामजद कर गिरफ्तार किया गया। प्रेस क्लब कौशाम्बी के अध्यक्ष बृजेश गौतम के नेतृत्व में पत्रकार पहले मंझनपुर पुलिस कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके बाद सभी पत्रकार डायट मैदान पहुंचे और दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान नारेबाजी करते हुए पत्रकारों ने स्पष्ट कहा कि अन्याय के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। पत्रकारों ने मांग की कि इश्तियाक अहमद को तत्काल रिहा किया जाए, दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष समीक्षा हो तथा भविष्य में बिना ठोस जांच के किसी भी पत्रकार पर मुकदमा दर्ज न किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। धरना स्थल पर पहुंचे जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। डीएम ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद फिलहाल धरना स्थगित किया गया। हालांकि पत्रकारों ने साफ कर दिया है कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक इश्तियाक अहमद को न्याय नहीं मिल जाता। अध्यक्ष बृजेश गौतम ने आह्वान किया कि शुक्रवार सुबह 11 बजे पुनः डायट मैदान में जिलेभर के पत्रकार एकत्रित होकर आगे की रणनीति तय करेंगे। धरने में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब अध्यक्ष अली मुक्तेदा, जिया रिज़वी, रमेश अकेला, डीएस यादव, अभिसार भारतीय, करन सिंह यादव, इंतजार रिज़वी, अखिलेश गौतम, प्रसिद्ध मिश्रा, नावेद शेख, इम्तियाज अहमद, ताहिर रिजवी, गुलाम वारिस, मोहम्मद रजी समेत बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
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