Thursday, June 11, 2026

राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज का किया गया आयोजन

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


प्रयागराज : राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, भारत सरकार, नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वाधान में गुरूवार को राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज का आयोजन तहसील सदर के वी0आई0पी0 घाट, किला घाट (नाव पलटने एवं डूबना), तहसील करछना के अरैल, (बाढ़ में फंसे लोगों को डूबने से बचाना), तहसील बारा के ग्राम-कंजासा, (अग्निकाण्ड से रोकथाम एवं बचाव), तहसील हण्डिया के जी0जी0आई0सी0 सैदाबाद (अग्निकाण्ड से रोकथाम एवं बचाव), तहसील मेजा ग्राम समहन (नदी कटान), तहसील सोरांव के फाफामऊ (बाढ़ में फंसे लोगों की निकासी) एवं तहसील फूलपुर के झूंसी (मेरूण्ड ग्राम में बाढ़ में फंसे लोगों की निकासी) में जिला आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण द्वारा किया गया।मॉक एक्सरसाइज कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें अपर जिलाधिकारी, (वि0/रा0) व टीम, पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग, समस्त उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार, चीफ वार्डन, उप नियन्त्रक नागरिक सुरक्षा व टीम, कमाण्डेंट जिला होमगार्ड व टीम, आर्मी व उनकी टीम, स्वास्थ्य विभाग व टीम, पशुपालन विभाग व टीम, एस0डी0आर0एफ उत्तर प्रदेश टीम एवं एस0डी0आर0एफ0 मध्य प्रदेश टीम, 34, 42 एवं 4  बटालियन पी0ए0सी0, जल पुलिस व टीम, एन0सी0सी0 व टीम, आशा व ए0एन0एम0 तथा अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज में ई0ओ0सी0 द्वारा अवगत कराया गया कि बाढ़ के कारण तहसील सदर के वी0आई0पी0 घाट, किला घाट पर जल स्तर बढ रहा है और एस0डी0आर0एफ0, जल पुलिस, पी0ए0सी0 की दोनो टीम एवं आर्मी की टीम घटना स्थल पर तुरंत पहुंचे तथा बाढ पीडितो को रेस्क्यू का कार्य किया गया तथा सेना के जवानों एवं गोताखोर की मदद से खोज एवं बचाव का कार्य सम्पादित किया गया। जिसके पश्चात प्रभावित व्यक्तियों को मेडिकल कैम्प पर पहुंचाया गया एवं कैम्प पर मौजूद डॉक्टर द्वारा बाढ पीडितों का इलाज किया गया।जनमानस को डूबने से बचाव हेतु ‘‘क्या करें एवं क्या न करें’’ के बारे में दी गयी जानकारी। क्या करेंः- तुरंत सहायता के लिये शोर मचाएं और आसपास के लोगों को सतर्क करें। 101 (फायर), 108 (एम्बुलेंस) या 112 (आपातकालीन सहायता) पर तुरंत काल करें। यदि आप तैरना जानते हैं और सुरक्षा साधन (जैसे लाइफ जैकेट, टायर ट्यूब, रस्सी आदि) उपलब्ध हैं, तो सावधानीपूर्वक मदद करें-बिना साधन के पानी में न उतरें। डूब रहे व्यक्ति की ओर तैरते समय पीछे से पकड़े ताकि वह घबराहट में आपको भी न डुबो दे। यदि व्यक्ति को निकाल लिया गया हो लेकिन वह बेहोश है तो यदि आप प्रशिक्षित हैं, सी0पी0आर0 (हृदय और श्वास पुनर्जीवन तकनीक) देने की कोशिश करें। व्यक्ति को गर्म और सूखी जगह पर रखें और तुरंत चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें। स्कूल या घर के पास जलाशयों (तालाब, नदी, कुआं, टंकी आदि) को ढंककर रखें या चेतावनी बोर्ड लगाए तथा बच्चों को तैराकी का उचित प्रशिक्षण दें और उन्हें केवल वयस्क की निगरानी में ही जलस्रोतों के पास जाने दें। क्या न करेंः- बिना तैराकी ज्ञान या सुरक्षा उपकरणों के पानी में कूदें नहीं, डूबते व्यक्ति को सामने से पकड़कर खीचनें की कोशिश न करें-इससे दोनो डूब सकते हैं। अशांत, गहरे या तेज बहाव वाले पानी में बच्चों को खेलने न दें। शराब या नशे की हालत में तैराकी न करें। डूबे हुये व्यक्ति को हिलाएं-डुलाएं नहीं, जब तक आप नहीं जानते कि उसकी रीढ़ की हड्डी को चोट तो नहीं लगी। बिना विशेषज्ञ के सलाह के सी0पी0आर0 न दें यदि आापको इसका तरीका सही से नहीं आता। घबराएं नहीं या समय न गंवाएं-मदद जल्दी बुलाना सबसे जरूरी कदम है।

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