रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू
प्रयागराज : मंत्री, सिंचाई एवं जल संसाधन, बाढ़ नियंत्रण, परती भूमि विकास, लघु सिंचाई, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग/प्रभारी मंत्री जनपद प्रयागराज श्री स्वतंत्र देव सिंह जी शुक्रवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर पं0 रामकुमार शुक्ल महाविद्यालय-होलागढ़ सोरांव में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह एवं स्मार्टफोन/टैबलेट वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। माननीय मंत्री जी के द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मंत्री ने मानव के चरित्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका के महत्व को बताते हुए कहा कि देश में जितने भी महापुरुष हुए उनके पीछे उनके गुरुओं की भूमिका रही। मंत्री ने कहा कि शिक्षक उस माली के समान है जो एक बगीचे को अलग-अलग रूप और रंग के फूलों से सजाता है और छात्रों को कांटों पर मुस्कुराते हुए चलने का गुरुमंत्र भी देता है। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्ण एवं विवेकानंद सहित अन्य महापुरुषों का जिक्र करते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए उत्साहित किया। माननीय मंत्री जी ने कहा कि हमारी अगली पीढ़ी को सशक्त बनाना माननीय प्रधानमंत्री जी की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और उनका मानना है कि हमारे देश के भविष्य युवाओं को अच्छी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए प्रधानमंत्री कौशल योजना, पीएम श्रीयोजना के साथ देश में नए आईआईटी और आईआईएम, मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। मुख्य वक्ता के रूप में प्रो० गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, छात्र परिवार की भूमिका के साथ रहे तभी संस्था का विकास एवं राष्ट्र का विकास सम्भव है। इस अवसर पर माननीय मंत्री जी के द्वारा अंग वस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर 20 शिक्षकों को सम्मानित किया गया और 50 छात्रों को टैबलेट दिया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रबंधक श्री रामानुज शुक्ल जी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल, महापौर उमेश चन्द्र गणेश केशरवानी, विधान परिषद के सदस्य सुरेन्द्र चौधरी, विधायक फाफामऊ गुरु प्रसाद मौर्य, विधायक फूलपुर दीपक पटेल, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा आदि अतिथि के रूप में रहे। कार्यक्रम का संचालन अर्चना शुक्ला ने किया। इस मौके पर महाविद्यालय संरक्षक आचार्य पं० रामशंकर शुक्ल, निदेशक डॉ देवेश शुक्ल, डॉ सर्वेश शुक्ल, आशुतोष पाण्डेय, नितेश सिंह, रज्जू मिश्र, ब्रिजेश मिश्र, आशीष पटेल, अम्बुज तिवारी आदि रहे।
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