रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू
प्रयागराज : इलाहाबाद उच्च न्यायालय की प्रतिष्ठित परिधि में, विधिक मर्यादाओं एवं सांस्कृतिक विरासत के अनुपालन में, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के तत्वावधान में “गंगा-जमुनी महोत्सव” का भव्य एवं गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा, न्यायिक शिष्टता, सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक एकात्मता का सजीव प्रतीक बनकर उभरा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय न्यायमूर्ति (डॉ.) गौतम चौधरी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही, विशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद जी एवं माननीय न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ला जी ने अपनी उपस्थिति से आयोजन की शोभा को अभिवर्धित किया।
इस अवसर पर भारतवर्ष के विभिन्न अंचलों से पधारे ख्यातिलब्ध कवियों एवं शायरों—श्रीरंग पाण्डेय (संयोजक) ,सत्यपाल सानंद (मेरठ), प्रांजलि दीक्षित (कानपुर), लोटा मुरादाबादी, सुल्तान सिंह सुल्तान, प्रकाश निर्मल बरेली, जावेद शोहरत (प्रयागराज), वसीम मंजर गोरखपुरी, मुकेश मासूम (भोपाल) श्री अकलम बलरामपुरी, अनीता अनुश्री (कानपुर), एवं सुजीत जायसवाल सहित अन्य कवि-कवयित्रियों ने अपनी ओजस्वी एवं भावप्रवण प्रस्तुतियों से समस्त सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। राष्ट्रीय एकता, सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक विविधता तथा मानवीय मूल्यों जैसे विषयों पर आधारित काव्य-पाठ एवं मुशायरे ने उपस्थित जनसमूह के हृदय में गहन संवेदना एवं चिंतन का संचार किया। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा कार्यक्रम का अनुशासित, सुव्यवस्थित एवं उत्कृष्ट संचालन, न्यायिक अनुशासन एवं प्रशासनिक दक्षता का स्पष्ट परिचायक रहा। यह आयोजन “गंगा-जमुनी तहजीब” की उस अमूल्य परंपरा को पुनः सुदृढ़ करने में पूर्णतः सफल रहा, जो भारतीय सांस्कृतिक धरोहर की आधारशिला है। इस अवसर पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, महासचिव श्री अखिलेश कुमार शर्मा सहित बार एसोसिएशन के समस्त पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में अधिवक्तागण गरिमामय उपस्थिति में सहभागी रहे। अतः उक्त आयोजन न केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति का एक सशक्त मंच सिद्ध हुआ, अपितु न्याय, संस्कृति एवं समाज के मध्य समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं अनुकरणीय पहल के रूप में भी प्रतिष्ठित हुआ।
No comments:
Post a Comment