रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू
प्रयागराज : मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता तथा संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में गेहूँ खरीद, भंडारण व्यवस्थाओं एवं सीएमआर संप्रदान की समीक्षा बैठक संपन्न हुई, जिसमें समस्त व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में यह अवगत कराया गया कि गेहूँ खरीद का कार्य 30 मार्च से प्रारंभ हो चुका है। इस पर निर्देशित किया गया कि सभी क्रय संस्थाएं अपने-अपने केंद्रों पर स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता, बैनर, स्टेशनरी, इलेक्ट्रॉनिक कांटे, पावर डस्टर, नमीमापक यंत्र एवं एनालिसिस किट आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि गेहूँ क्रय कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। साथ ही, सहायक नियंत्रक, बाट-माप को सभी इलेक्ट्रॉनिक कांटों का सत्यापन कराते हुए प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। यह भी निर्देशित किया गया कि गेहूँ खरीद से संबंधित सत्यापन हेतु आवश्यक अभिलेखों की सूची स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए तथा प्रत्येक केंद्र पर जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक केंद्रों का प्रभार है, उनके लिए कार्य के सुचारु निष्पादन हेतु एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए। जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय प्रबंधक/जिला प्रबंधक एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापित सभी गेहूँ क्रय केंद्रों का स्थलीय सत्यापन सुनिश्चित करेंगे। मंडी समिति को निर्देशित किया गया कि सभी क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं, जैसे बैठने की व्यवस्था, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, शासन के निर्देशानुसार किसानों के भुगतान को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मंडी समिति के सचिव को निर्देश दिए गए कि मंडल के सभी 281 केंद्रों पर उपकरणों की पूर्ण कार्यशीलता सुनिश्चित करते हुए एक सप्ताह के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करें। सभी मंडलीय एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे नियमित रूप से गेहूँ क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर उसकी फोटोग्राफ समूह में अपलोड करें, जिससे निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ हो सके। धान खरीद के अंतर्गत जिन कृषकों का भुगतान तकनीकी कारणों से लंबित है, उसे एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करते हुए आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। भारतीय खाद्य निगम एवं संबंधित एजेंसियों से अपेक्षा की गई कि वर्तमान भंडारण क्षमता की स्थिति को देखते हुए नए गोदामों को चिन्हित कर लिया जाए तथा तिरपाल, डन्नेज एवं कवर आदि की व्यवस्थाएं पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली जाएं, जिससे भंडारण में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। इसके अतिरिक्त, मंडी समिति द्वारा सभी केंद्रों पर उपकरणों की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गेहूँ खरीद में बोरों की कमी को दूर करने के लिए यह निर्णय लिया गया कि कोटेदारों से बोरे वापस लेकर उनका उपयोग क्रय कार्य में किया जाएगा, जिसके लिए सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वर्तमान ऊर्जा संकट के दृष्टिगत यह भी निर्देशित किया गया कि जनपदों में चल रहे सीएनजी एवं पीएनजी पाइपलाइन कार्यों से संबंधित सभी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जिलाधिकारी के माध्यम से शीघ्र जारी कराए जाएं, ताकि कार्यों में तेजी लाई जा सके और समस्त व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सकें। बैठक में अनुपस्थित रहने पर संयुक्त निबंधक, सहकारिता प्रयागराज तथा सहायक निबंधक, सहकारिता कौशांबी एवं फतेहपुर से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
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