रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू
प्रयागराज : इलाहाबाद संग्रहालय की पाक्षिक प्रदर्शनी श्रृंखला के अंतर्गत आज वर्षा ऋतु पर आधारित "घनश्याम" शीर्षक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य वन संरक्षक श्री मनोज सोनकर एवं वन संरक्षक श्री तुलसीदास शर्मा द्वारा किया गया। प्रदर्शनी में संग्रहालय के समृद्ध लघुचित्र संग्रह से वर्षा ऋतु पर आधारित राधा-कृष्ण के मनोहारी प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया है, जिनमें कृष्ण एवं प्रकृति स्वरूपा राधा के आध्यात्मिक एवं भावात्मक मिलन का अत्यंत कलात्मक चित्रण किया गया है। प्रदर्शनी में राजस्थानी शैली के बूंदी केंद्र तथा पहाड़ी शैली के कांगड़ा केंद्र के अठारहवीं शताब्दी के दुर्लभ लघुचित्र प्रदर्शित किए गए हैं। पारंपरिक प्राकृतिक रंगों से कागज पर निर्मित ये चित्र भारतीय लघुचित्र परंपरा की उत्कृष्ट कलात्मकता, सूक्ष्म रेखांकन, प्रकृति-सौंदर्य एवं कृष्ण भक्ति की भावधारा को सजीव रूप में अभिव्यक्त करते हैं। बूंदी शैली वर्षा, मेघ एवं हरित प्राकृतिक परिवेश के प्रभावशाली चित्रण के लिए प्रसिद्ध है, जबकि कांगड़ा शैली अपनी कोमल रंग-संयोजना, भावप्रधान अभिव्यक्ति एवं प्रकृति के काव्यात्मक सौंदर्य के लिए विशेष पहचान रखती है। इसी अवसर पर इलाहाबाद संग्रहालय एवं उत्तर प्रदेश वन विभाग की संयुक्त पहल के अंतर्गत "वृक्षारोपण महायज्ञ–2026" का शुभारंभ किया गया। अभियान के तहत संग्रहालय परिसर एवं अन्य चिन्हित स्थलों पर मौलसिरी के पौधों का रोपण किया गया। साथ ही, 15 जुलाई तक आयोजित मानसून उत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन संग्रहालय आने वाले प्रथम 100 आगंतुकों को निःशुल्क फलदार एवं छायादार पौधे वितरित किए जाएंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनसहभागिता को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। इस अवसर पर मंडलायुक्त एवं निदेशक, इलाहाबाद संग्रहालय श्रीमती सौम्या अग्रवाल ने कहा कि इलाहाबाद संग्रहालय केवल पुरातात्त्विक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण का केंद्र ही नहीं, बल्कि संस्कृति, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं जनसहभागिता का सशक्त मंच बनकर निरंतर विकसित हो रहा है। संग्रहालय द्वारा नियमित रूप से आयोजित पाक्षिक प्रदर्शनियों, रचनात्मक कार्यशालाओं एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों, युवाओं एवं आमजन को भारतीय कला, संस्कृति और विरासत से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। 'वृक्षारोपण महायज्ञ–2026' के संबंध में उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी नागरिकों, विशेषकर बच्चों एवं युवाओं, से अधिकाधिक वृक्ष लगाने, उनकी देखभाल सुनिश्चित करने तथा प्रकृति संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान इलाहाबाद संग्रहालय द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का भी समापन हुआ। कार्यशाला में कैरिकेचर पेंटिंग, एक्सकेवेशन, वित्तीय साक्षरता, चित्रकला सहित विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। समापन अवसर पर बच्चों ने अपने अभिभावकों की उपस्थिति में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दीं। मंडलायुक्त ने प्रतिभागी बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए भविष्य में भी संग्रहालय की विविध कार्यशालाओं एवं गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया तथा अभिभावकों से बच्चों को अधिकाधिक रचनात्मक एवं सांस्कृतिक अवसर उपलब्ध कराने का आग्रह किया। प्रदर्शनी का संयोजन डॉ. संजू मिश्रा, सहायक संग्रहाध्यक्ष द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदर्शनी प्रभारी डॉ. अजय कुमार मिश्र, श्रीमती श्वेता सिंह, डॉ. वामन वानखेड़े, श्री सुनील कुमार पाण्डेय, डॉ. सोनिका तिवारी, डॉ. सुशील शुक्ल सहित संग्रहालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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