रिपोर्ट - ईश्वर दीन साहू
प्रयागराज : पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट प्रयागराज के निर्देशन में तथा अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था ) व अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) के कुशल पर्यवेक्षण में श्रीमान पुलिस उपायुक्त अपराध/नोडल साइबर क्राइम, कमिश्नरेट प्रयागराज की उपस्थिति में HDFC Bank की Investigation Team, लखनऊ के विशेषज्ञ श्री पवन सिंह एवं श्री प्रशांत सिंह द्वारा कमिश्नरेट प्रयागराज के समस्त थाना स्तरीय साइबर सेल के नोडल अधिकारियों एवं विवेचकों हेतु साइबर अपराध से संबंधित एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइबर वित्तीय अपराधों के नवीनतम तरीकों, डिजिटल फ्रॉड की रोकथाम, त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई तथा बैंकिंग संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय के संबंध में तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यशाला के दौरान HDFC Bank के विशेषज्ञों द्वारा UPI Fraud, Digital Arrest, Phishing, Vishing, Internet Banking Fraud, Credit/Debit Card Fraud, Online Gaming Related Fraud, Fake Customer Care Fraud, Investment Fraud सहित विभिन्न प्रकार के साइबर वित्तीय अपराधों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही National Cyber Crime Reporting Portal (NCRP), हेल्पलाइन नंबर 1930, संदिग्ध बैंक खातों की पहचान, धनराशि के लेन-देन की ट्रेल, बैंक खातों पर त्वरित कार्रवाई तथा पीड़ित की धनराशि को सुरक्षित कराने की प्रक्रिया के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। कार्यशाला के दौरान साइबर अपराधों की विवेचना एवं रोकथाम में पुलिस एवं बैंकिंग संस्थानों के मध्य त्वरित सूचना आदान-प्रदान तथा प्रभावी समन्वय की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। इस दौरान अधिकारियों एवं विवेचकों द्वारा साइबर अपराधों की विवेचना में आने वाली विभिन्न तकनीकी एवं बैंकिंग संबंधी समस्याओं के संबंध में प्रश्न किए गए, जिनका HDFC Bank के विशेषज्ञों द्वारा आवश्यक तकनीकी जानकारी एवं व्यावहारिक समाधान प्रदान करते हुए मार्गदर्शन किया गया। गोष्ठी के समापन पर HDFC Bank के विशेषज्ञ श्री पवन सिंह को उनके व्याख्यान के लिए प्रशंसा-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही समस्त थाना स्तरीय साइबर सेल के नोडल अधिकारियों एवं विवेचकों को निर्देशित किया गया कि साइबर अपराधों से संबंधित शिकायतों एवं अभियोगों को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करते हुए प्रत्येक प्रकरण में त्वरित, निष्पक्ष एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ-साथ पीड़ितों को शीघ्र न्याय एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सके। कार्यशाला में कमिश्नरेट प्रयागराज के 150 से अधिक पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
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