रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू
प्रयागराज : मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में मंडलीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मंडल के चारों जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों सहित संबंधित मंडलीय एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। विभागवार समीक्षा के दौरान पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन, कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सर्वप्रथम पिछली मंडलीय बैठक की अनुपालन आख्या की समीक्षा की गई। स्वयं सहायता समूहों के संबंध में पूर्व में दिए गए निर्देशों के क्रम में प्रत्येक जनपद में एक कमजोर एवं एक मजबूत समूह को साथ बैठाकर बैठक कराने तथा मजबूत समूह के अनुभवों से कमजोर समूह की कार्यक्षमता बढ़ाने के प्रयासों की जनपदवार जानकारी ली गई। मुख्य विकास अधिकारियों ने बताया कि नॉन-परफॉर्मिंग समूहों में जागरूकता, रुचि एवं सहयोग की कमी प्रमुख कारणों में शामिल है। सभी जनपदों के लर्निंग पॉइंट्स संकलित कर नॉन-परफॉर्मिंग समूहों की समस्याओं एवं उनके समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसकी आख्या आगामी सोमवार तक प्रस्तुत करने तथा चयनित नॉन-परफॉर्मिंग समूहों को मंडलायुक्त के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि उनके सुधार का आकलन किया जा सके। दीपावली के दृष्टिगत स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले दीयों एवं अन्य उत्पादों को प्रोत्साहित कर उनकी प्रभावी मार्केटिंग कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जनपदों में समूहों द्वारा किए जा रहे नए एवं नवाचारपूर्ण व्यवसायों की पहचान कर उन्हें भी बढ़ावा देने को कहा गया, जिससे समूहों की आय एवं स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ सकें। मंडल में ओडीओपी प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। प्रत्येक जनपद को अपने द्वितीय प्रमुख उत्पाद को भी व्यवस्थित रूप से बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए प्रतापगढ़ के आंवला उत्पादों की पैकेजिंग बेहतर करने तथा आंवला के बाय-प्रोडक्ट्स को भी गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग के साथ बड़े बाजारों एवं आसपास के जनपदों में उपलब्ध कराने को कहा गया। मार्केटिंग एजेंसियों से टाईअप कर बेहतर ब्रांडिंग एवं बाजार विस्तार की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। पशुपालन विभाग की समीक्षा में अपर निदेशक पशुपालन से अब तक निरीक्षण की गई गौशालाओं, पाई गई कमियों एवं निरीक्षण की प्रक्रिया की जानकारी ली गई। मंडल के चारों जनपदों की गौशालाओं में गोबर प्रबंधन एवं निस्तारण की व्यवस्था की विस्तृत आख्या मांगी गई। अगले एक माह में 20 गौशालाओं का निरीक्षण कर जलभराव, बीमार पशुओं, पशु मृत्यु एवं मृत पशुओं के निस्तारण, रखरखाव, हरे चारे, टीकाकरण तथा कार्यरत कर्मियों के भुगतान की स्थिति की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया। संबंधित मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों (सीवीओ) को गौशालाओं का निरंतर निरीक्षण करते हुए निरीक्षण के फोटो मंडलायुक्त कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए। इसकी मॉनिटरिंग संबंधित मुख्य विकास अधिकारी करेंगे। जल निगम के कार्यों की समीक्षा में वर्ष 2021 में नगर निगम के विस्तारित क्षेत्र में शामिल किए गए नैनी के 10 नए वार्डों में पेयजल आपूर्ति के लिए लगभग ₹273 करोड़ की लागत से ‘वॉटर सप्लाई स्कीम फॉर नैनी एक्सटेंडेड एरिया’ के अंतर्गत निर्माणाधीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के पिछले निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों की प्रगति जानी गई। पर्ट चार्ट के अनुसार निर्धारित एवं पूर्ण कार्यों, पूर्व में पाई गई कमियों के सुधार तथा वर्तमान स्थिति की विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया। प्लांट से जलापूर्ति वाले वार्डों का मैप भी मांगा गया, जिसमें पाइपलाइन के मार्ग तथा कार्य के दौरान संभावित नागरिक असुविधा की जानकारी शामिल हो। पूर्व एवं वर्तमान कार्यों के चित्र भी रिपोर्ट में संलग्न करने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में शास्त्री ब्रिज सहित शहर की 54 सड़कों के अनुरक्षण एवं पैचिंग कार्यों की जानकारी ली गई। शास्त्री ब्रिज की अप्रोच रोड के सुधार एवं 54 सड़कों की कारपेटिंग का कार्य 30 सितंबर से शुरू कराने तथा सभी कार्यों के फोटो प्रस्तुत करने को कहा गया। स्टैनली रोड पर पॉटहोल सुधार कार्य में सब-स्टैंडर्ड वर्क पाए जाने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए गुणवत्ता की विशेष निगरानी और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित कराने को कहा। आईसीडीएस के कार्यों की समीक्षा में सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली गई। सभी जनपदों में ऐसे बच्चों का चिन्हांकन एवं नीड एनालिसिस कर 15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। रिपोर्ट में जनपद एवं विकासखंडवार बच्चों की संख्या, कमियों एवं आवश्यक सुधार का विवरण शामिल करने को कहा गया। मुख्य विकास अधिकारियों के माध्यम से रिपोर्ट संबंधित बीडीओ को उपलब्ध कराकर सुधारात्मक कार्रवाई कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही, मुख्य विकास अधिकारियों को मेडिकल कॉलेजों से समन्वय कर संबंधित बच्चों के अभिभावकों को बुलाकर जागरूक एवं संवेदनशील बनाने के निर्देश दिए गए। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम द्वारा प्रयागराज में आवास विकास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन होम्योपैथिक भवन में अपेक्षित गुणवत्ता न पाए जाने की जानकारी मुख्य विकास अधिकारी द्वारा दिए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई। संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग की समीक्षा में मुख्य अभियंता ग्रामीण को जनवरी से सितंबर 2026 के बीच पूरे मंडल में विद्युत दुर्घटनाओं से हुई जनहानि की विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया। हाल में लगाए गए मीटरों की संख्या, कितने घरों में कनेक्शन हुए तथा कितने मामलों में अभी भी विद्युत चोरी हो रही है, इसकी भी रिपोर्ट मांगी गई। पूर्व निर्देशों के क्रम में सभी ट्रांसफॉर्मरों पर फेंसिंग की प्रगति की जानकारी ली गई। बताया गया कि शहरी क्षेत्र के अब तक 50 ट्रांसफॉर्मरों पर फेंसिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में प्रत्येक जनपद में एक मॉडल सीएचसी/पीएचसी विकसित करने के कार्यों की जनपदवार समीक्षा की गई। कौशांबी की सराय अकील सीएचसी में कराए गए उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए इमरजेंसी रूम सहित शेष आवश्यक कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। प्रयागराज की होलागढ़ सीएचसी को मॉडल सीएचसी के रूप में विकसित करने में अपेक्षित प्रगति न मिलने एवं लापरवाही बरतने पर सीएमओ प्रयागराज का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए गए। मैटरनल डेथ सर्विलांस एवं रिस्पांस की समीक्षा में प्रयागराज एवं फतेहपुर में मातृ मृत्यु की स्थिति अधिक पाए जाने पर संबंधित आशा कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। सभी पंजीकृत गर्भवती महिलाओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं निगरानी तथा चिकित्सकों व सर्जनों की कमी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरा करने के निर्देश दिए गए। इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी की समीक्षा में फतेहपुर में 57.6 एवं प्रतापगढ़ में 68.2 प्रतिशत संस्थागत प्रसव पाए जाने पर संबंधित सीएमओ से विस्तृत डेटा एवं कम प्रतिशत के कारणों की आख्या मांगी गई। शिक्षा विभाग की समीक्षा में अपर निदेशक बेसिक को ऐसे विद्यालयों की जनपदवार सूची प्रस्तुत करने को कहा गया, जहां पहुंच मार्ग, जलभराव अथवा विद्युत कनेक्शन की समस्या है। संबंधित विभागों से समन्वय कर इन समस्याओं का समाधान कराने के निर्देश दिए गए।
No comments:
Post a Comment