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Sunday, January 19, 2025

महाकुंभ में आग की घटना पर प्रशासन की त्वरित कार्यवाही, चंद मिनटों में आग पर पाया क़ाबू...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


महाकुम्भ नगर : प्रयाग के महाकुम्भ मेला क्षेत्र के सेक्टर-19 में आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कुछ ही क्षणों में जानकारी मिलते ही मंत्री ए.के. शर्मा ने मेलाधिकारी से बात करके राहत और बचाव कार्य करने को कहा। फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए और शीघ्र वहां पर पहुँचकर अल्प समय में ही आग पर काबू पा लिया गया। उसके साथ ही मंत्री ए.के. शर्मा ने स्वयं तुरंत घटनास्थल पर जाकर परिस्थिति देखी; पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों और प्रभावित लोगों से बातचीत किया। मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। किसी को गंभीर शारीरिक क्षति होने की भी रिपोर्ट नहीं है। मंत्री ए.के. शर्मा ने मेलाधिकारी को  निर्देशित किया कि: 1.  प्रभावित लोगों का त्वरित पुनःस्थापन करने के साथ हर संभव सहायता किया जाय। 2. रात्रि में उनके ठहरने की व्यवस्था किया जाय। 3. इस घटना के कारणों की समीक्षा कर ऐसी घटनायें भविष्य में न हों, इसका प्रबंध किया जाय। मंत्री ए.के. शर्मा ने यह भी कहा कि हम प्रभावित लोगों के साथ खड़े हैं और प्रार्थना करते हैं कि ईश्वर और माँ गंगा-यमुना उन सबको स्वस्थ-सुखी और सुरक्षित रखें।

मुख्यमंत्री ने कहा राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री सहित अनेक गणमान्य जनों का प्रयागराज आगमन है- प्रस्तावित...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


महाकुम्भ नगर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी गणतंत्र दिवस, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के अवसर पर महाकुम्भ मेला क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन और संचार तंत्र को और बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के अवसर पर अमृत स्नान के दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता चाहिए। भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से इन विशेष दिवसों पर पांटून पुल पर  आवागमन वन-वे रखा जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के अवसर पर पूरे मेला क्षेत्र को नो व्हीकल ज़ोन घोषित किया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की आस्था का पूरा सम्मान होना चाहिए। जिसे भी किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो, व्यवस्था में लगे लोग आगे बढ़कर मदद करें। रविवार को प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री ने पहले मेला क्षेत्र का भ्रमण किया और फिर अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में राष्ट्रपति जी उपराष्ट्रपति जी, प्रधानमंत्री जी और केंद्रीय गृह मंत्री जी सहित अनेक गणमान्य जनों का प्रयागराज में आगमन प्रस्तावित है। 22 जनवरी को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक भी यहां होगी। इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां समय से कर ली जानी चाहिए। आइसीसीसी सभागार में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान स्थिति के अनुसार मेला परिसर में लगभग डेढ़ करोड़ श्रद्धालु उपस्थित हैं। अब तक 07 करोड़ से अधिक लोग त्रिवेणी स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पौषपूर्णिमा और मकर संक्रांति पर आस्था का जन समुद्र उमड़ा था, यह सुखद रहा कि हर आगंतुक श्रद्धालु संतुष्ट होकर यहां से गया। अब आगामी मौनी अमावस्या के मौके पर 08-10 करोड़ लोगों के आगमन का अनुमान है। इससे पहले गणतंत्र दिवस पर भी बड़ी संख्या में लोगों का आगमन होगा। ऐसे में लोगों की सुविधा और सुरक्षा के दृष्टिगत पुख्ता प्रबंध होने चाहिए। बिजली और पेयजल आपूर्ति हो, शौचालय और उसकी सफाई हो, पांटून पुलों का अनुरक्षण हो, अथवा भीड़ के मूवमेंट की रणनीति, हर एक बिंदु पर अच्छी तैयारी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यातायात प्रबंधन/गाड़ियों की पार्किंग के बारे में लगातार प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री ने मेलाक्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क को और बेहतर करने की भी जरूरत बताई। उन्होंने कहा मीडिया और पुलिस हो या आम श्रद्धालु, मोबाइल नेटवर्क की जरूरत सभी को पड़ती है। मौनी अमावस्या के दृष्टिगत टॉवर क्षमता और कवरेज को और बेहतर किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के अवसर पर प्रयास करें कि जो लोग जिस ओर से आ रहे हैं, वहीं के निकटस्थ घाट पर स्नान कर सकें। उन्होंने स्नानार्थियों को कम से कम पैदल चलने के लिए आवश्यक प्रबंध के निर्देश दिये। रेलवे के अधिकारियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुव्यवस्था बनाने में रेलवे की बड़ी भूमिका है। मकर संक्रांति का अनुभव सभी ने किया है। स्नान के बाद श्रद्धालु अपने गंतव्य जाना चाहता है इसलिए मेला स्पेशल ट्रेनें पूरे दिन चलाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रूटीन गाड़ियों और मेला स्पेशल ट्रेनों के लिए अलग-अलग रेलवे स्टेशन हों तो बेहतर होगा। रूटीन ट्रेनों को यथासंभव निरस्त अथवा डाइवर्ट करके चलाना उचित होगा। रेलवे को आगामी 25 जनवरी से 05 फरवरी तक के लिए पूरी सतर्कता के साथ विशेष प्रबंध करने होंगे। उन्होंने कहा कि ट्रेनों के आवागमन, प्लेटफॉर्म संख्या आदि के बारे में लगातार एनाउंसमेंट किया जाता रहे। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित करें कि गाड़ियों के आवागमन के लिए एक बार घोषित प्लेटफार्म संख्या में बदलाव न हो। रेलवे अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि मौनी अमावस्या पर 200 से अधिक मेला स्पेशल ट्रेनें चलाये जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम को शटल बसों की संख्या बढ़ाने और उनके लगातार चलाने के भी निर्देश दिए। 
विभिन्न सेक्टरों में अवस्थापना व अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागवाल से संबंधित सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति, शौचालय की व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत है। कल्पवासियों को कोई समस्या न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल खोया पाया केंद्र के सुचारु संचालन में स्थानीय संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र में अलग लग स्थानों पर अलाव जलाने के भी निर्देश दिये, साथ ही कहा कि घाटों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। जल पुलिस, गंगा दूत एक्टिव रहें।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महिला स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को सम्मानित किया...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


महाकुंभ नगर : महाकुंभ प्रयागराज 2025 के सेक्टर 1 में सूचना विभाग के सांस्कृतिक पंडाल में आज खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में महिला स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को सम्मानित करने हेतु भव्य समारोह का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला समूहों और उद्यमियों को सम्मानित करते हुए उनके कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में फल, शाकभाजी, मसाले, दूध, बेकरी उत्पाद, पास्ता, नूडल्स, गुड़, चिप्स, फूड सप्लीमेंट्स और सोलर प्लांट्स जैसी इकाइयों के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। श्री मौर्य ने इन उत्पादों का अवलोकन किया और महिला समूहों द्वारा की गई पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है। यह क्षेत्र राज्य में आईटी सेक्टर के बाद रोजगार सृजन के सबसे बड़े अवसर प्रदान करता है, जिससे न केवल इस उद्योग का बल्कि अन्य संबंधित क्षेत्रों का भी विकास संभव हो रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अपार संभावनाओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है। वर्तमान में राज्य में 65,000 से अधिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां संचालित हैं, जिनसे 2.55 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। इस क्षेत्र में आटा, चावल, फल-सब्जी, मसाला, हेल्थ फूड, बेकरी, दुग्ध और मांस प्रसंस्करण जैसी इकाइयां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के माध्यम से सरकार ने प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए नई पहल की है। इस नीति के तहत उद्यमियों को इकाई स्थापित करने के लिए 10 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। अब तक 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया गया है, और वित्तीय वर्ष 2024-25 में 70 इकाइयों को 85 करोड़ रुपये का अनुदान वितरित किया गया है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएम एफएमई) की उपलब्धियों पर बात करते हुए श्री मौर्य ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने इस योजना में राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। बैंकों द्वारा 14,300 इकाइयों को 4,500 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है, जिससे 1.50 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। इस योजना के तहत राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की 2,000 महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षित कर 12 करोड़ रुपये का सीड कैपिटल प्रदान किया गया है। कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री मौर्य ने कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता पर जोर दिया और उद्यमियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले प्रस्ताव लेकर आएं, ताकि किसानों और युवाओं को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने पीएम एफएमई योजना की सब्सिडी नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रोजेक्ट स्वीकृति और ऋण मिलने के 30 दिनों के भीतर सब्सिडी प्रदान कर दी जाएगी। समारोह में विधायक फाफामऊ  गुरु प्रसाद मौर्य, निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण  विजय बहादुर द्विवेदी, उप निदेशक  एस.के. चौहान,  कविता पटेल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

महाकुम्भ का एक ही संदेश, एकता से ही अखंड रहेगा देश- सीएम योगी...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


महाकुम्भ नगर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रयागराज दौरे पर मौनी अमावस्या से पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। समीक्षा के बाद पत्रकारों के साथ वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकुम्भ आ रहे हैं। तमाम विदेशी श्रद्धालु भी संगम में स्नान कर अभिभूत नजर आ रहे थे। यूरोप से जुड़े कुछ पर्यटक मिलने आए थे और प्रयागराज की महिमा का जिस भाव से गान कर रहे थे, वह अभिभूत करने वाला था। वो हिंदी नहीं जानते, संस्कृत नहीं जानते, लेकिन हिंदी की चौपाई, संस्कृत के मंत्रों, अवधी की चौपाइयों को और सनातन धर्म से जुड़े स्त्रोत और मंत्रों को सस्वर गा रहे थे। मां गंगा और यहां के धामों के प्रति एक श्रद्धा का भाव उनमें देखने को मिल रहा था। यही तो प्रधानमंत्री जी का संदेश है। महाकुम्भ का एक ही संदेश, एकता से ही अखंड रहेगा यह देश। एकता और अखंडता के संदेश के साथ हम सभी जुड़ रहे हैं। एक करोड़ लोग महाकुम्भ में मौजूद। सीएम योगी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि महाकुम्भ का आयोजन जिसके लिए प्रयागराज जाना जाता है, पूरी भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है।  महाकुम्भ के लिए प्रधानमंत्री जी ने जो विजन दिया है उसको स्थानीय स्तर पर लागू करने के लिए सभी लोग पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। इसके लिए आप सभी को धन्यवाद दूंगा कि प्रयागराज की छवि को एक सकारात्मक रूप से आगे बढ़ाने का कार्य किया है। पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति के मुख्य स्नान संपन्न हो चुके हैं और अब मौनी अमावस्या 29 जनवरी और बसंत पंचमी 3 फरवरी को दो बड़े महास्नान होने हैं जो इस महाकुम्भ की शोभा भी हैं। 7 हजार से अधिक संस्थाएं अब तक यहां पर आ चुकी हैं। आज पूरे महाकुम्भ एरिया का एरियल सर्वे किया है। प्रात काल से संगम तट पर स्नान करने वालों और यहां रहने वाले कल्पवासियों के साथ ही अन्य संस्थाओं से जुड़े हुए लोगों की पूरी संख्या को यदि देखेंगे तो लगभग एक करोड़ से अधिक लोग यहां मौजूद हैं। इतनी बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी तत्परता से यहां पर केंद्र और राज्य के सभी विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं। भव्य, दिव्य और डिजिटल कुम्भ की परिकल्पना को साकार करने के साथ ही श्रद्धालुओं की आस्था को सम्मान देते हुए आधुनिकता के साथ जोड़ने का कार्य हो रहा है। सकुशल संपन्न होंगे दोनों महास्नान। सीएम योगी ने कहा कि इन्हीं सब मुद्दों को देखने के लिए बीच में यहां पर प्रदेश सरकार के चीफ सेक्रेट्री, डीजीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को यहां भेजा था। आज एक बार फिर हमने यह जानने की कोशिश की कि हम कितना कुछ आगे बढ़े हैं। 29 जनवरी और 3 फरवरी के महास्नान को ध्यान में रखते हुए पूरी व्यवस्था का अवलोकन किया है। मुझे पूरा विश्वास है कि भगवान प्रयागराज और मां गंगा की कृपा से हम लोग यहां पर इन दोनों स्नानों को सकुशल संपन्न करने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और गृहमंत्री जी का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी इस समय महाकुम्भ के आयोजन से जुड़े हुए हैं। तमाम राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्रीगण लगातार यहां आ रहे है। उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय से जुड़े हुए न्यायमूर्ति और विभिन्न राज्यों से जुड़े हुए जनप्रतिनिधिगण भी लगातार यहां आकर स्नान कर रहे हैं। लाखों की संख्या में संतों, कल्पवासियों की उपस्थिति वर्तमान में प्रयागराज में है। अनेक धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। चाहे देशी हो या विदेशी, सभी संगम में स्नान कर अभिभूत हो रहे हैं। सीएम ने कहा कि मकर संक्रांति और पौष पूर्णिमा के दिन हमें यह सौभाग्य नहीं मिल सका कि हम भी यहां स्नान कर सकें, क्योंकि हम लोगों ने खुद को प्रतिबंधित कर रखा था। केवल संतों और श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा थी। जो भी यहां आया, उन्होंने आपके माध्यम से जो भी बातें कहीं और खासतौर पर संतों और श्रद्धालुओं की भावना को हम सभी ने जाना।

Friday, January 17, 2025

रवि किशन ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी, सीएम योगी के प्रयासों को सराहा...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू

महाकुम्भ नगर : गोरखपुर के सांसद और बॉलीवुड के सुपरस्टार रवि किशन ने शुक्रवार को त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। इस अवसर पर रवि किशन ने कहा की बड़े सौभाग्य से 144 वर्षों के बाद यह महाकुम्भ आया है। इस महाकुम्भ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए महाराज योगी जी ने बहुत विकास कार्य कराए हैं। यह दिव्य महाकुम्भ है और इस दिव्य महाकुम्भ में स्नान का अवसर आज मुझे मिला है। जो इस पुण्य अवसर पर महाकुम्भ नहीं आया, जिसने यहां संगम त्रिवेणी में आस्था की डुबकी नहीं लगाई, मानो उसका जीवन व्यर्थ है। उन्होंने सभी देशवासियों से प्रयागराज में आकर संगम स्नान करने की अपील की।प्रयागराज का विकास सबको नजर आ रहा। रवि किशन ने कहा की महाकुम्भ को लेकर योगी सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को प्रयागराज का विकास स्वत: देखने को मिल रहा है। डबल इंजन की सरकार ने मिलकर इस बार पूरे प्रयागराज का काया पलट कर दिया है। यह पुण्य अवसर 144 सालों के बाद आया है। इस सुअवसर पर हर देशवासी, हर सनातन धर्मावलंबी को यहां आकर संगम त्रिवेणी में स्नान करना चाहिए। यहां स्नान करने वाले को पुण्य की प्राप्ति होगी। जो 2027 में हारने वाले हैं, वही महाकुम्भ का अपमान कर रहे। महाकुम्भ में 6 दिन के अंदर 7 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की संख्या पर विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर रवि किशन ने कहा कि जो लोग 2027 में हारने जा रहे हैं, वही इस महा आयोजन पर उंगली उठा रहे हैं। यह महाकुम्भ आ रहे श्रद्धालुओं का अपमान है, सनातन धर्म का अपमान है। प्रत्यक्ष को प्रमाण की क्या आवश्यकता है। यहां जो भी आ रहा है वह अपनी आंखों से भीड़ को देख रहा है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के महाकुम्भ आने की खबरों पर उन्होंने कहा कि सबको यहां आकर डुबकी लगानी चाहिए।

Thursday, January 16, 2025

महाकुंभ में एनडीआरएफ की तत्परता से महिला की बची जान...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


महाकुंभ नगर : 144 वर्षों के बाद बने शुभ संयोग पर महाकुंभ मेले में करोड़ों साधु-संन्यासियों और श्रद्धालुओं के विशाल जनसमूह की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनडीआरएफ की 20 टीमें, श्री मनोज कुमार शर्मा, उपमहानिरीक्षक के निर्देशन में, महाकुंभ के जलक्षेत्र और सभी स्नान घाटों पर तैनात हैं।आज सुबह लगभग 11:10 बजे संगम नोज घाट पर 23 वर्षीय महिला स्नानार्थी, वी. तेजस्विनी, जो जिला हैदराबाद की निवासी को संगम पवित्र स्नान के बाद हाइपोथर्मिया के लक्षण अनुभव किए। घटनास्थल पर मौजूद एनडीआरएफ की टीम द्वारा तुरंत सक्रिय होते हुऐ पीड़ित महिला श्रद्धालु को सभी जरूरी प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की गईं। टीम के नर्सिंग सहायक ने स्थिति को संभालते हुए उन्हें गर्म शॉल से ढककर ठंड से राहत दी। इसके बाद, पीड़िता को IRB नाव के माध्यम से वाटर एंबुलेंस तक पहुंचाया गया और तुरंत उन्नत चिकित्सा देखभाल के लिए एंबुलेंस द्वारा भेजा गया। महिला का चिकित्सीय उपचार सेक्टर 24 अस्पताल में किया जा रहा है और महिला की हालत खतरे से बाहर है। यह उल्लेखनीय है कि एनडीआरएफ ने आधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों से सुसज्जित एक वाटर एंबुलेंस गंगा नदी में तैनात की है, जो महाकुंभ के जलक्षेत्र और सभी संवेदनशील घाटों पर लगातार गश्त करती रहती है। इसके अतिरिक्त, नागवासुकी क्षेत्र में एनडीआरएफ द्वारा एक पांच-बेड वाला अस्थायी अस्पताल स्थापित किया गया है, जो दिन-रात मेले में आए श्रद्धालुओं को चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने लगाई संगम में डुबकी, बोले- महाकुम्भ दे रहा दुनिया को एकता का संदेश...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


महाकुम्भ नगर : महाकुम्भ में 10 देशों के 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने संगम क्षेत्र में स्थित विभिन्न अखाड़ों का दौरा किया। इस यात्रा में उन्होंने न केवल महाकुम्भ के धार्मिक महत्व को समझा बल्कि भारतीय संस्कृति के अद्भुत पहलुओं को भी अनुभव किया। त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के बाद प्रतिनिधि दल ने समूचे महाकुम्भ क्षेत्र का दौरा किया। जिससे उन्हें इस विशाल धार्मिक आयोजन की व्यापकता साक्षात देखने को मिली। अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने दुनिया के इस सबसे बड़े आयोजन के भव्य इंतजाम के लिए योगी सरकार की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ दुनिया को एकता का संदेश दे रहा है। भारतीय संस्कृति को देखने और समझने के लिए सभी देशों के लोगों को यहां महाकुम्भनगर जरूर आना चाहिए। संयुक्त अरब अमीरात की प्रतिनिधि बोली-एकता का प्रतीक है महाकुम्भ। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की प्रतिनिधि सैली एल अजाब ने कहा कि वो मध्य पूर्व से भारत आई हैं। यह एक अद्भुत क्षण है। यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। यहां सब कुछ पूरी तरह से व्यवस्थित है। उन्होंने महाकुम्भ की भव्यता की तारीफ करते हुए बताया कि यह आयोजन न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को एकता का संदेश दे रहा है। उन्हें यहां करोड़ों श्रद्धालुओं और उनकी विधिवत सुरक्षा व्यवस्था को देखकर भारतीय संस्कृति की महानता का अहसास हुआ। संतों के विचारों से प्रभावित हुए अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि, भारतीय परंपराओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि दल ने महाकुम्भ के दौरान विभिन्न अखाड़ों का भ्रमण किया। यहां उन्होंने साधु-संतों से मुलाकात की और महाकुम्भ के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जाना। साधु-संतों ने महाकुम्भ की प्राचीन परंपराओं, अखाड़ों की भूमिका और भारतीय संस्कृति की महिमा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि संतों के विचारों से गहरे प्रभावित हुए और उन्होंने भारतीय धार्मिक परंपराओं के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। महाकुम्भ ने सिखाया कि दुनियाभर के  लोग इकट्ठे हो सकते हैं, भले ही उनकी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि अलग-अलग हो। महाकुम्भ का आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और सामाजिक संदर्भ में भी एकता का प्रतीक है। महाकुम्भ के दौरान 10 देशों के 21 प्रतिनिधियों ने इस आयोजन की भव्यता और उसकी वैश्विक पहचान को नजदीक से महसूस किया। महाकुम्भ ने दुनिया को यह संदेश दिया कि दुनिया के विभिन्न कोनों से लोग एकत्रित हो सकते हैं, भले ही उनकी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि अलग-अलग क्यों न हो। फिजी, गुयाना से लेकर दक्षिण अफ्रीका तक के प्रतिनिधि पहुंचे, भारतीय संस्कृति से हुए अभिभूत। महाकुम्भ में फिजी, फिनलैंड, गुयाना, मलेशिया, मॉरीशस, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रतिनिधि पहुंचे हैं। इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि दल ने महाकुम्भ का दौरा करके भारतीय संस्कृति की विविधता और धार्मिक एकता का अनुभव किया। सभी यहां की संस्कृति से अभिभूत नजर आए।उनके लिए यह यात्रा न केवल एक धार्मिक अनुभव है, बल्कि एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा लेने का भी एक शुभ अवसर है।

मौनी अमावस्या पर्व के लिए और फाइन ट्यून करें तैयारियां- मुख्य सचिव...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


महाकुम्भ नगर : पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति के सकुशल संपन्न होने के बाद अब योगी सरकार का पूरा फोकस 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर्व पर होने वाले अमृत स्नान की तैयारियों पर है। इसकी तैयारियों को और पुख्ता करने के लिए गुरुवार को मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने महाकुम्भ क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान मुख्य सचिव और डीजीपी ने आईसीसीसी सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की। मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले दो पर्वों पर सभी व्यवस्थाएं और सुविधाएं अच्छी रही हैं, लेकिन अब हमें इन्हें और फाइन ट्यून करना होगा। उन्होंने बताया कि महाकुम्भ में जल्द ही पीएम की विजिट के साथ ही कैबिनेट बैठक भी संभावित है। इसको लेकर सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि सभी सेक्टर में सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस के साथ ही सभी विभागों के अधिकारी भी अवश्य मौजूद रहें। मुख्य सचिव ने कहा कि पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति पर्व सकुशल संपन्न कराए गए हैं। अब हमें मौनी अमावस्या के प्रमुख पर्व की तैयारी पर जोर देना है। पिछले दो पर्वों में सभी व्यवस्थाएं और सुविधाएं अच्छी रही हैं। अब हमें इन्हें और फाइन ट्यून करना होगा। 144 साल बाद ऐसी स्थिति बनी है जब पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति दोनों एक साथ मनाए गए हैं। यह हमारे लिए मौनी अमावस्या से पहले ड्रेस रिहर्सल का अवसर था। उन्होंने रेलवे द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को लेकर कहा कि रेलवे स्टेशंस पर जाने के लिए साइनेजेज को और बेहतर किया जा सकता है। सभी साइनेजेज ऐसे होने चाहिए जिन पर श्रद्धालुओं को जानकारी दी जाए कि उन्हें कौन से रेलवे स्टेशन पर जाना है। यह स्पष्ट दिखना चाहिए की उनके गंतव्य की ट्रेन उन्हें कहां मिलेगी। डिजिटल स्क्रीन पर ट्रेन और स्टेशन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जाए। साथ ही सभी रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संगम की दूरी भी स्पष्ट रूप से दिखनी चाहिए। रेलवे को यह व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए कि जो यात्री जिस स्टेशन पर उतरा है उसे उसी स्टेशन पर उसकी वापसी की ट्रेन मिले। उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या पर सुबह से ट्रेनों का आवागमन शुरू होना चाहिए, इसके लिए यदि सामान्य ट्रेनों की संख्या कम करनी पड़े तो भी की जा सकती है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा की शहर के महत्वपूर्ण स्थलों पर भी ट्रेन का रनिंग स्टेटस दिखना चाहिए। किसी भी स्थिति में ट्रेनों का प्लेटफार्म चेंज नहीं होना चाहिए

▪️मुख्य सचिव ने मेला क्षेत्र में प्रदान की जा रही सुविधा की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रमुख स्नान पर्व और अमृत स्नान के अवसर पर श्रद्धालुओं को टेलीकॉम की परस्पर सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा की मेला क्षेत्र में टेलीकॉम का इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत मजबूत है। ऐसे में फोन न लगने की शिकायत किसी भी सूरत में नहीं आनी चाहिए। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रयागराज से अधिक बसों का संचालन किया जाए। खास तौर पर अयोध्या के लिए नियमित बसें संचालित हों। उन्होंने निर्देश दिया कि जो स्टेशन बंद हैं, वहां पर भीड़ एकत्रित न हो इसके लिए सूचना का प्रचार प्रसार स्पष्ट रूप से किया जाए। साथ ही ऐसी व्यवस्था बनाए की श्रद्धालुओं को पता चल सके कि उन्हें उनकी बस कहां से मिलेगी। पीडब्लूडी की तैयारी की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा की समस्त पांटून पुलों पर अंत तक लोहे की मजबूत रेलिंग लगाई जाए। कोई भी हिस्सा बिना रेलिंग के नहीं होना चाहिए। साथ ही निर्देशित किया की श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त साइनेज की भी व्यवस्था की जाए। स्वच्छता को लेकर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया की संगम नोज पर टॉयलेट्स और यूरिनल्स पर्याप्त संख्या में होने चाहिए। कहीं भी ओवरफ्लो की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। साथ ही अखाड़ा क्षेत्र में वीआईपी टॉयलेट्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि 20 जनवरी तक सभी डेढ़ लाख टॉयलेट्स स्थापित हो जाने चाहिए। ड्रिंकिंग वॉटर कनेक्शन को लेकर मुख्य सचिव ने कहा कि मेला क्षेत्र में स्थापित सभी पब्लिक और प्राइवेट संस्थाओं में पीने के पानी की सुविधा होनी चाहिए। प्राथमिकता के आधार पर यहां नल के कनेक्शन दिए जाएं। जजेज कॉलोनी और मीडिया कॉलोनी समेत सभी संस्थाओं में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देश दिया की घाटों पर पानी का लेवल और प्योरिटी सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा को लेकर भी मुख्य सचिव और डीजीपी ने समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा सभी स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल होना चाहिए। पुलिस कर्मी टाइम से ड्यूटी पर आएं, यह सुनिश्चित करें। मेला क्षेत्र समेत जहां भी बैरिकेडिंग की आवश्यकता है, वहां पर इसे मजबूती से सुनिश्चित किया जाए। चेकिंग और पेट्रोलिंग लगातार होती रहे। संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जाए। स्नान पर्व और अमृत स्नान के बाद सतर्कता में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। पुलिस यह भी सुनिश्चित करे की रोड पर भंडारे या निशुल्क खाना ना बांटा जाए। भंडारों के लिए जो एरिया तय किया गया है वहीं पर खाने का वितरण होना चाहिए। मुख्य सचिव ने कहा कि 12 किलोमीटर लंबे घाटों में प्रत्येक इंच रिवर बैरिकेडिंग होनी चाहिए। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था को लेकर भी मुख्य सचिव ने दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा की पार्किंग में गाड़ियों की संख्या पूरी होने के बाद दूसरी पार्किंग में डायवर्ट किए जाने की व्यवस्था को मजबूती से लागू किया जाए। सभी पार्किंग में कैमरा के इंस्टॉलेशन की कार्यवाही जल्द से जल्द पूरी की जाए। पार्किंग में बिजली और मैनपावर की कमी नहीं होनी चाहिए। पार्किंग लेआउट प्लान को बेहतर ढंग से लागू किया जाए। बाहर से आने वाले यात्रियों को पार्किंग स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। डीजीपी ने कहा की पार्किंग स्थल पर नंबरिंग वाले बैलून लगाए जाएं, जिससे दूर से ही पार्किंग स्थल को देखा जा सके। मुख्य सचिव और डीजीपी दोनों ने निर्देश दिए की श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संगम नोज पर स्थापित बिजली के खंभों पर नंबरिंग की जाए। इन खंभों पर चारों तरफ से नंबर दिखाई देना चाहिए। प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने कहा कि मेला क्षेत्र में खोया पाया केंद्रों के द्वारा 5 से 10 मिनट के अंतराल में ही अनाउंसमेंट किया जाए। लगातार अनाउंसमेंट से पैनिक की स्थिति ना बने इसे सुनिश्चित करें। डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण ने बताया की आगामी अमृत स्नान पर अखाड़ा क्षेत्र के लिए 3 नए जोन बनाए जाएंगे। बैरीकेडिंग, साइनेज लगाने का काम पुलिस द्वारा ही किया जाएगा। उन्होंने बताया की पांटून पुलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि जहां पर भी पुलिस की ड्यूटी लगाई जा रही है वहां पर पर्याप्त मात्रा में टॉयलेट की भी व्यवस्था सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए की मेले में संचालित हो रही एंबुलेंस का उपयोग सिर्फ पेशेंट को लाने के लिए किया जाए। यदि कोई इसका दुरुपयोग करता दिखाई दे तो उस पर तत्काल कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस अवसर पर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार के अलावा प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, एडीजी प्रयागराज मंडल भानु भास्कर, मेलाधिकारी विजय किरण आनंद और जिलाधिकारी रविन्द्र मांदड़ मौजूद रहे।

गंगा पंडाल में "संस्कृति का संगम", शंकर महादेवन ने "चलो कुंभ चले" गीत से किया मंत्रमुग्ध...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


महाकुंभ नगर : महाकुम्भ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और कलात्मक अभिव्यक्तियों का एक अद्भुत संगम है।  गंगा पंडाल में संस्कृति विभाग के विशेष कार्यक्रम "संस्कृति का संगम" में प्रसिद्ध गायक और संगीतकार शंकर महादेवन ने अपने गीतों से गंगा पंडाल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। महाकुम्भ के भव्य आयोजन के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का किया आभार। मशहूर संगीतकार शंकर महादेवन ने महाकुम्भ जैसे पवित्र आयोजन का हिस्सा बनने को अपना सौभाग्य बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उद्घाटन समारोह में उन्होंने "चलो कुंभ चले" गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया। इसके बाद उन्होंने गणेश वंदना गाकर पूरे पंडाल को गुंजायमान कर दिया। संगम तट पर झंकृत होगी संगीत और कला की दिव्य धारा। गंगा पंडाल में  24 फरवरी तक प्रतिदिन भव्य सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होगा। इसमें देशभर के प्रतिष्ठित गायक, संगीतकार और नृत्य कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। महाकुंभ के इस अलौकिक आयोजन में कैलाश खेर, कविता सेठ, नितिन मुकेश, सुरेश वाडेकर, हरिहरन, कविता कृष्णमूर्ति समेत कई नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। आस्था, संस्कृति और परंपरा का महासंगम। महाकुम्भ का अद्भुत रात्रि दृश्य आस्था की रोशनी से जगमगाता है, जहां लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान कर अपनी आत्मशुद्धि का अनुभव करते हैं। यह आयोजन न केवल भारतीय संस्कृति की भव्यता को दर्शाता है, बल्कि एकता और सद्भाव का संदेश भी देता है। महाकुंभ भारतीय कला, संस्कृति और अध्यात्म का एक भव्य मंच है, जहां लोक संगीत, शास्त्रीय नृत्य और नाट्य कलाएं श्रद्धालुओं को भक्ति और आस्था की अद्भुत अनुभूति कराएंगी। इस अवसर पर महापौर गणेश शंकर केसरवानी, विधायक पूजा पाल समेत जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

Tuesday, January 14, 2025

मकर संक्रांति पर प्रयागराज महाकुम्भ में उमड़ी आस्था, सीएम योगी ने दी बधाई...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू

महाकुम्भ नगर/लखनऊ मकर संक्रांति के पावन अवसर पर महाकुम्भ 2025 में गंगा स्नान करने वालों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर एक भावपूर्ण पोस्ट के जरिए आस्था, समता और एकता के इस महासमागम में शामिल पूज्य संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। सीएम योगी ने  महाकुम्भ को सनातन धर्म की अनुपम शक्ति और आस्था का प्रतीक बताते हुए कहा, "प्रथम अमृत स्नान पर्व पर आज 3.50 करोड़ से अधिक पूज्य संतों और श्रद्धालुओं ने अविरल-निर्मल त्रिवेणी में स्नान का पुण्य लाभ अर्जित किया।" मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुम्भ के प्रथम अमृत स्नान पर्व के सफल आयोजन के लिए सभी संबंधित विभागों और संगठनों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, "सनातन धर्म के आधार सभी पूज्य अखाड़ों, महाकुम्भ मेला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्वच्छताकर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं धार्मिक संस्थाओं, नाविकों तथा महाकुम्भ से जुड़े केंद्र व प्रदेश सरकार के सभी विभागों को हृदय से साधुवाद।" इस मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं दीं और आस्था के इस महायज्ञ के सुचारु रूप से चलने की कामना करते हुए उन्होंने लिखा, "पुण्य फलें, महाकुम्भ चलें।" महाकुम्भ 2025 में मकर संक्रांति पर संगम तट पर उमड़ी भक्तों की भीड़ और उनके उत्साह ने एक बार फिर भारतीय संस्कृति और परंपरा की अद्वितीय छवि प्रस्तुत की।

महाकुंभ में मकर संक्रांति पर 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया अमृत स्नान...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


महाकुंभ नगर : महाकुंभ प्रयागराज 2025 के प्रथम अमृत स्नान पर्व मकर संक्रांति पर देश-विदेश और प्रदेशभर से आए 3 करोड़ 50 लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में अमृत स्नान कर सूर्यदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। स्नान का सिलसिला देर रात से शुरू होकर पूरे दिन जारी रहा। अखाड़ों की भव्य शोभा यात्रा आकर्षण का केंद्र। मकर संक्रांति के अवसर पर अखाड़ों की भव्य शोभा यात्रा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी। 13 अखाड़ों ने पारंपरिक अनुशासन में संगम तट की ओर प्रस्थान किया और अपने निर्धारित क्रम में पवित्र त्रिवेणी में स्नान किया। नागा साधुओं का परंपरागत वेशभूषा, डमरू की ध्वनि, अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन और युद्ध कौशल श्रद्धालुओं को रोमांचित करता रहा। किन्नर अखाड़ा, आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी की अगुवाई में हर-हर महादेव के नारों के साथ शोभा यात्रा में शामिल हुआ और अमृत स्नान कर समाज और मानव कल्याण की कामना की। हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा। प्रदेश सरकार की ओर से श्रद्धालुओं और अखाड़ों पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। गुलाब की पंखुड़ियों से की गई इस पुष्पवर्षा ने श्रद्धालुओं को अभिभूत कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए इस प्रबंध की श्रद्धालुओं ने सराहना की। स्नान और व्यवस्थाएं। महाकुंभ-2025 के इस आयोजन में देश के सभी राज्यों और दुनिया के कई देशों से श्रद्धालुओं ने भाग लिया। स्नानार्थियों ने पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। मकर संक्रांति के दिन स्नान, ध्यान और दान का विशेष महत्व होने के कारण श्रद्धालुओं में अद्भुत उत्साह देखा गया। सुरक्षा और स्वच्छता के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की व्यवस्थाएं काबिले-तारीफ रहीं। सभी स्नान घाटों पर सफाई कर्मी और पुलिसकर्मी तैनात रहे। अपर पुलिस महानिदेशक पीएसी श्री सुजीत पांडेय, पुलिस आयुक्त श्री तरुण गाबा, मण्डलायुक्त श्री विजय विश्वास पंत, मेलाधिकारी श्री विजय किरन आनंद और एसएसपी महाकुंभ श्री राजेश द्विवेदी सहित तमाम अधिकारी व्यवस्थाओं की निगरानी में जुटे रहे। महाकुंभ का महत्व। महाकुंभ 2025 आध्यात्म, आस्था और विश्वास का प्रतीक है। यह आयोजन धार्मिकता के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास का संगम भी प्रस्तुत करता है। श्रद्धालुओं ने न केवल संगम की पवित्रता का अनुभव किया, बल्कि प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कुशल प्रबंधन की प्रशंसा भी की।

हाथों में तिरंगा थामे अमृत स्नान करने महाकुम्भ पहुंचा झारखंड से आया जत्था...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


महाकुम्भ नगर : महाकुम्भ के मकर संक्रांति स्नान पर्व पर प्रयागराज संगम तट पर उमड़ी भीड़ में सामाजिक एकता के साथ ही राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाली आवाजें भी सुनाई देती रहीं। एक ओर अमृत स्नान के लिए निकलने वाले अखाड़ों के साथ चल रहे श्रद्धालु जगह-जगह पर भारत माता की जय और वंदे मातरम का नारा लगाते दिखे तो दूसरी ओर स्नान करने के लिए आए श्रद्धालुओं का जत्था हाथों में तिरंगा थामे राष्ट्रीय एकता का संदेश देता दिखाई दिया। राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत दिख रहे श्रद्धालु। झारखंड से मकर संक्रांति स्नान पर्व पर स्नान करने महाकुम्भ प्रयागराज पहुंचे मनोज कुमार श्रीवास्तव अपने जत्थे के साथ हाथों में तिरंगा थामे और भारत माता की जय, वंदे मातरम के नारे लगाते संगम की ओर बढ़ते दिखे। उनके जत्थे में मौजूद सभी सदस्य उनके साथ भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाते दिखाई दिए। मनोज के साथ स्नान करने महाकुम्भ मेले में पहुंचा 55 लोगों का जत्था काफी उत्साहित दिखाई दिया। साफ सफाई से दिख रहे प्रभावि। मनोज ने कहा कि महाकुम्भ पर्व हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। इस अवसर पर वे हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामकर और राष्ट्र प्रेम के नारे लगाकर राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रसारित कर रहे हैं। मनोज ने इस मौके पर महाकुम्भ मेले में स्नान के दौरान साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की तारीफ की। उनके साथ आए श्रद्धालुओं ने भी कुम्भ स्नान के लिए की गई व्यवस्थाओं की तारीफ की।

त्रिवेणी तट पर नागा साधु बने आकर्षण का केंद्र...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


महाकुम्भ नगर : महाकुम्भ 2025 के प्रथम अमृत स्नान के दौरान नागा साधुओं का अद्भुत प्रदर्शन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना। त्रिवेणी तट पर इन साधुओं की पारंपरिक और अद्वितीय गतिविधियों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। अमृत स्नान के लिए ज्यादातर अखाड़ों का नेतृत्व कर रहे इन नागा साधुओं का अनुशासन और उनका पारंपरिक शस्त्र कौशल देखने लायक था। कभी डमरू बजाते हुए तो कभी भाले और तलवारें लहराते हुए, इन साधुओं ने युद्ध कला का अद्भुत प्रदर्शन किया। लाठियां भांजते और अठखेलियां करते हुए ये साधु अपनी परंपरा और जोश का प्रदर्शन कर रहे थे। घोड़ों पर और पैदल निकली शोभा यात्रा। अमृत स्नान के लिए निकली अखाड़ों की शोभा यात्रा में कुछ नागा साधु घोड़ों पर सवार थे तो कुछ पैदल चलते हुए अपनी विशिष्ट वेशभूषा और आभूषणों से सजे हुए थे। जटाओं में फूल, फूलों की मालाएं और त्रिशूल हवा में लहराते हुए उन्होंने महाकुम्भ की पवित्रता को और भी बढ़ा दिया। स्व-अनुशासन में रहने वाले इन साधुओं को कोई रोक नहीं सकता था, लेकिन वो अपने अखाड़ों के शीर्ष पदाधिकारियों के आदेशों का पालन करते हुए आगे बढ़े। नगाड़ों की गूंज के बीच उनके जोश ने इस अवसर को और भी खास बना दिया। त्रिशूल और डमरू के साथ उनके प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि महाकुम्भ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति और मनुष्य के मिलन का उत्सव है।नृत्य, नगाड़े और उत्साह। शोभायात्रा के दौरान मीडिया ही नहीं, बल्कि आम श्रद्धालुओं के मोबाइल के कैमरे भी नागा साधुओं को कैप्चर करने के लिए हवा में लहरा रहे थे। नागा भी किसी को निराश नहीं कर रहे थे, बल्कि वो अपने हाव भाव से उन्हें आमंत्रित कर रहे थे। कुछ नागा तो आंखों में काला चश्मा लगाकर आम लोगों से इंटरैक्ट भी कर पा रहे थे। उनकी इस स्टाइल को हर कोई कैद कर लेना चाहता था। यही नहीं, नागा साधु नगाड़ों की ताल पर नृत्य करते हुए अपनी परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी जोश और उत्साह से भरपूर गतिविधियों ने श्रद्धालुओं के बीच अपार उत्साह पैदा किया। जितने उत्साहित नागा साधु थे, उतने ही श्रद्धालु भी उनकी हर गतिविधि को देख मंत्रमुग्ध हो गए।स्नान के दौरान भी मस्ती। स्नान के दौरान भी नागा साधुओं का अंदाज निराला था। त्रिवेणी संगम में उन्होंने पूरे जोश के साथ प्रवेश किया और बर्फ के समान पानी के साथ ऐसे अठखेलियां कीं जैसे वो गुनगुने पानी में उतरे हों। इस दौरान सभी नागा आपस में मस्ती करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने मीडिया के साथ भी अठखेलियां कीं और कैमरामैन पर पानी छिड़क दिया।महिला नागा संन्यासी भी जुटीं। पुरुष नागा साधुओं के साथ ही महिला नागा संन्यासियों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। पुरुष नागाओं की तरह ही महिला नागा संन्यासी भी उसी ढंग से तप और योग में लीन रहती हैं। फर्क सिर्फ इतना होता है कि ये गेरुआ वस्त्र धारत करती हैं उसमें भी ये बिना सिलाया वस्त्र धारण करती हैं। उन्हें भी परिवार से अलग होना पड़ता है। खुद के साथ परिवार के लोगों का पिंड दान करना होता है तब जाकर महिला नागा संन्यासी बन पाती हैं। जब एक बार महिला नागा संन्यासी बन जाती हैं तो उनका लक्ष्य धर्म की रक्षा, सनातन की रक्षा करना होता है। इस महाकुम्भ में हर कोई इनके बारे में जानने को उत्सुक नजर आ रहा है। 
श्रद्धालुओं के लिए संदेश।नागा साधुओं ने अपने व्यवहार और प्रदर्शन से यह संदेश दिया कि महाकुम्भ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मनुष्य के आत्मिक और प्राकृतिक मिलन का उत्सव है। उनकी हर गतिविधि में महाकुम्भ की पवित्रता और उल्लास का अद्वितीय अनुभव झलक रहा था। महाकुम्भ 2025 का यह आयोजन नागा साधुओं की विशिष्ट गतिविधियों और उनकी परंपराओं के कारण लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

Monday, January 13, 2025

पीएसी बाढ़ राहत दल की तत्परता से बची श्रद्धालु की जान...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू



महाकुम्भ : प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं/स्नानार्थियों के सुरक्षित स्नान सम्पन्न कराने हेतु महाकुम्भ पुलिस व बाढ़ राहत दल के जवानों द्वारा जल/घाटों व पाण्टून पुलों पर निरन्तर भ्रमण करते हुये कड़ी निगरानी की जा रही है। पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर महाकुम्भ मेला क्षेत्र स्नान करने आए रामराज पुत्र कल्याण निवासी नई आवादी लांबा हरी सिंह मालपुरा राजस्थान स्नान के दौरान शास्त्री ब्रिज और पाण्टून पुल नंबर 10 के मध्य बने स्नान घाट पर अचानक फिसलकर गंगा में गिर गए बहाव तेज होने के कारण बहने लगे। ड्यूटी पर उपस्थित उप निरीक्षक शिवम तिवारी प्रभारी काली चौकी पीपा पुल नंबर 10 थाना अखाड़ा व डियूटी में तैनात 20वीं वाहिनी पीएसी आजमगढ़ के आ० विपिन कुमार, पंकज यादव, विनय जायसवाल व उमेश चौहान द्वारा गंगा में कूदकर सकुशल बाहर निकाल कर बचाया गया एवं एंबुलेंस की सहायता से केंद्रीय अस्पताल त्रिवेणी परेड भेजा गया तत्पश्चात उक्त कर्मियों द्वारा इसकी सूचना महाकुम्भ मेला कन्ट्रोल रूम को दी गई मौके पर उपस्थित जनमानस के द्वारा पुलिस के किये गये जीवनरक्षक व साहसिक कार्य की भूरि भूरि प्रशंसा की गयी। पुलिस उप महानिरीक्षक के द्वारा प्रसंशा करते हुए प्रशस्ति प्रदान किया गया।

योगी सरकार ने महाकुम्भ में स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं पर कराई पुष्पवर्षा, अभिभूत श्रद्धालु बोले- जय श्री राम...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


महाकुम्भ नगर : महाकुम्भ 2025 के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा स्नान के दिन सोमवार को संगम तट पर डुबकी लगाने पहुंचे श्रद्धालुओं पर योगी सरकार ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कराई। हेलीकॉप्टर से सभी घाटों और अखाड़ों पर स्नान के दौरान श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की गई। गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश देख संगम तट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने अभिभूत होकर जय श्री राम के नारे लगाए। महाकुम्भ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं पर स्नान पर्वों के मौके पर पुष्प वर्षा को लेकर योगी सरकार के निर्देश पर उद्यान विभाग ने पिछले काफी समय से तैयारी कर रखी थी। इसके लिए गुलाब की पंखुड़ियों की खास तौर पर व्यवस्था की गई थी। महाकुम्भ के सभी स्नान पर्वों पर पुष्प वर्षा कराने की तैयारी की गई है। प्रत्येक स्नान पर्व पर लगभग 20 कुंतल गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश करने की तैयारी है, जिसकी श्रृंखला में पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा स्नान पर सोमवार को श्रद्धालुओं पर गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं गई। एक ओर जहां हेलीकॉप्टर से महाकुम्भ में स्नान करने आए श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई तो दूसरी ओर इससे मेले की सुरक्षा व्यवस्था की भी निगरानी होती रही। सुरक्षा एजेंसियां मेले में तैनाती के साथ ही हवाई माध्यमों से भी स्नान पर्व के मौके पर लगातार अपनी नजर बनाए रहीं। पुलिस और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी में जुटे रहे।

पौष पूर्णिमा स्नान पर एडीजी, पुलिस आयुक्त, मंडलायुक्त, डीआईजी कुंभ मेला ने मेला क्षेत्र में भ्रमण कर, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू

महाकुम्भ नगर : महाकुम्भ-2025 के सकुशल आयोजन हेतु आज पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज जोन भानु भास्कर,  पुलिस आयुक्त प्रयागराज तरुण गाबा, मण्डलायुक्त प्रयागराज विजय विश्वास पन्त, पुलिस महानिरीक्षक परिक्षेत्र प्रयागराज प्रेम कुमार गौतम, पुलिस उपमहानिरीक्षक कुम्भ मेला वैभव कृष्ण, मेलाधिकारी कुम्भ विजय किरन आनन्द व अन्य प्रशासनिक/पुलिस अधिकारीगण द्वारा इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर (ICCC) व मेला क्षेत्र में निरन्तर भ्रमणशील रहकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। जिससे कि श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित एवं सुखद अनुभूति प्रदान की जा सके।

आस्था का समागम, हर हर गंगे के जयकारों के बीच महाकुम्भ में श्रद्धा का महासंगम...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


महाकुम्भ नगर :  गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर श्रद्धालुओं का अद्भुत नजारा देखने को मिला। महाकुम्भ के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर महाकुंभ में पहले स्नान पर्व पर देशभर से आए श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। आधी रात से ही श्रद्धालु और कल्पवासी संगम तट पर जुटने लगे थे। हर-हर गंगे और जय श्रीराम के गगनभेदी जयकारों से पूरा मेला क्षेत्र गूंज उठा। हर वर्ग में दिखा उत्साह। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं तड़के से ही संगम स्नान के लिए पहुंचने लगे। आस्था का ऐसा आलम था कि सिर पर गठरी का वजन भी उनके उत्साह को कम नहीं कर सका। संगम नोज, एरावत घाट और वीआईपी घाट समेत समस्त घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालु स्नान करते नजर आए। युवाओं ने इस पावन क्षण को कैमरे में कैद किया और सोशल मीडिया पर साझा किया। सनातन संस्कृति का उत्सव। इस बार युवाओं में सनातन संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रति खासा उत्साह देखने को मिला। संगम स्नान और दान-पुण्य में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम तट पर पूजा-अर्चना और दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मेला क्षेत्र में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से चप्पे-चप्पे की निगरानी की जा रही है। डीआईजी और एसएसपी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। आधी रात और सुबह तड़के से ही पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आया श्रद्धालुओं का अभिनंदन। पहले स्नान पर्व के दौरान इंद्रदेव ने भी अपनी कृपा बरसाई। एक दिन पहले हुई हल्की बारिश के बाद ठंडी हवा और हल्की हवा के बीच श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान का आनंद लिया। संगम क्षेत्र में आस्था का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने सनातन संस्कृति और आस्था के प्रति गौरव की अनुभूति कराई। सोशल मीडिया पर छाया महाकुम्भ। स्नान पर्व की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। श्रद्धालु और युवा अपनी संस्कृति और परंपरा पर गर्व महसूस कर रहे हैं। महाकुम्भ का यह पवित्र स्नान पर्व सभी के लिए यादगार बन गया।

Sunday, January 12, 2025

अधिकारियों को सख़्त हिदायत: मेला में आने वालों श्रद्धालुओं को न हो कोई परेशानी- ए.के. शर्मा मंत्री...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू

महाकुंभ नगर : उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा अपने दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को प्रयागराज पहुँचकर महाकुम्भ 2025 को भव्य, दिव्य व अलौकिक बनाने के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का कुम्भ मेला क्षेत्र में जाकर स्थलीय निरीक्षण किया। कुम्भ मेला को आख़िरी स्वरूप देने तथा बेहतर व्यवस्थापन हेतु उच्च अधिकारियों के साथ कुम्भ मेला क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद देर शाम तक आईसीसीसी पर बैठक कर व्यापक चर्चा किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिया। बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास, निदेशक नगरीय निकाय, मंडलायुक्त,  मेलाधिकारी, नगर आयुक्त एवं विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता तथा जल निगम के एमडी और जॉइंट एमडी सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। ए.के. शर्मा ने बैठक के बाद संगम क्षेत्र पर बनाए गए नए घाटों, मार्ग प्रकाश, पीने के पानी सहित अनेक व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि ये सारी व्यवस्थाएँ विश्व स्तर की की जा रही हैं। इसके पश्चात प्रयागराज शहर में घूमकर सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था व सफ़ाई, मार्गों की सफ़ाई, प्रकाश व्यवस्था एवं सुशोभन के कार्यों का विस्तृत जायज़ा लिया। गलियों, नाले/नालियों की सफ़ाई के साथ हवाई अड्डे के नव निर्मित मार्ग पर भव्य कलशनुमा स्तंभ के निर्माण को देखने के बाद अधिकारियों को इन्हें और सुंदर रूप से प्रस्तुत करने के लिए मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने कहा कि महाकुंभ 2025 भारत की श्रद्धा, गौरवगाथा, संस्कृति और यहां की दिव्य व भव्य विरासत के साथ-साथ देश के विकसित व विराट स्वरूप तथा आधुनिक भारत की महानता को दुनिया को दिखाने का भी अवसर है। इस आशय से कुम्भ मेलाक्षेत्र सहित प्रयागराज नगर को वैश्विक स्तर की सुंदरता देने का पूरा प्रयास किया जा रहा हैं। उन्होंने शनिवार को देर रात तक नगर शुशोभन के कार्यों का निरीक्षण करके अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश भी दिये। उन्होंने तीर्थराज प्रयाग को नमन करते हुए कहा कि शास्त्रों में वर्णन है कि स तीर्थ राजो जयति प्रयाग:। श्रुति: प्रमाणम् स्मृतय: प्रमाणम् । पुराणम्प्यत्र परम् प्रमाणम्। यत्रास्ति गंगा यमुना प्रमाणम् स तीर्थ राजो जयति प्रयाग:।। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के दृष्टिगत हज़ारों की संख्या में पीने के पानी के नल कार्यरत करने के अतिरिक्त 250 से ज़्यादा वाटर एटीएम (Water ATM) मेला क्षेत्र में जगह-जगह लगाये गये हैं। वास्तविकता जानने के लिए उन्होंने उनमें से कुछ का औचक निरीक्षण किया। उपस्थित तीर्थयात्रियों ने बताया कि वे सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने शनिवार को देर रात तक प्रयागराज नगर में घूमकर सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति एवं साफ़-सफ़ाई का निरीक्षण किया और जहां कहीं पर भी कमियां मिली उसके लिए ज़रूरी निर्देश दिये। नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने रविवार को प्रयागराज के सर्किट हाउस में मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि माननीय प्रधानमंत्री जी के आशीर्वाद और मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में प्रयागराज महाकुंभ 2025 की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं, कहीं पर भी थोड़ा बहुत कार्य रह गया होगा वह भी जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महाकुंभ को दिव्य, भव्य और अलौकिक बनाने के लिए 15 हज़ार करोड रुपए से अधिक के कार्य कराए गए हैं, इसमें से 07 हज़ार करोड़ रुपए के कार्य राज सरकार द्वारा और 08 हज़ार करोड रुपए के कार्य केंद्र सरकार द्वारा कराए गए, जिसमें रेलवे, एयरपोर्ट, सड़क चौड़ीकरण, घाटों का निर्माण, जल निकासी के लिए नाले/नालियों का निर्माण, सफाई, शहर के द्वार आदि के कार्य हुए हैं। विगत 06 महीने में प्रयागराज की क्रॉसिंग की समस्या का समाधान हुआ है, इसके लिए कई फ्लाइओवर बनाए गए। उन्होंने कहा कि ने महाकुंभ की तैयारी को अंतिम स्वरूप देने तथा कुम्भ मेला क्षेत्र की बेहतर व्यवस्था, साफ-सफाई, स्वच्छ पेय जल, शौचालयों की व्यवस्था, शेल्टर होम्स, लाइटिंग, सुशोभन, रास्तों का निर्माण, घाटों की सफाई आदि व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उपस्थित तीर्थयात्रियों से भी व्यवस्था को लेकर बातचीत की, जिसमें सभी ने इस बार के महाकुंभ के आयोजन को लेकर की गई व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। उन्होंने प्रयागराज शहर की व्यवस्था, साफ-सफाई, सुशोभन, लाइटिंग, आदि का भी एयरपोर्ट तक जाकर निरीक्षण किया, जहां कहीं पर भी कमियां मिलीं या और बेहतर करने की गुंजाइश रही, उसके लिए अधिकारियों का मार्गदर्शन कर जरूरी निर्देश भी दिए। अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रयागराज से जुड़ने वाले सभी मार्गो, निकायों में बेहतर सफ़ाई कराने तथा काशी, विंध्यवासिनी,अयोध्या तथा चित्रकूट धाम के निकायों को श्रद्धालुओं को लेकर बेहतर प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने महाकुंभ के दौरान प्रयाग क्षेत्र में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को ठंढी में रात बाहर न बितानी पड़े इसके लिए पर्याप्त संख्या एवं क्षमता के बनाए गए आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि देश विदेश से इस समय एक करोड़ श्रद्धालु मेला क्षेत्र और घाटों में पहुंच चुके हैं और पवित्र संगम में स्नान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 25 सेक्टर में फैले महाकुंभ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को अपनी लोकेशन बताने तथा बिजली की समस्या पर शिकायत दर्ज करने के लिए 50 हज़ार से ज्यादा विद्युत पोल का GIS सर्वे करके सेक्टर तथा रोड वाइज डाटा कलेक्शन करने के लिए पोल में क्यू आर कोड लग रहा है। इससे सभी श्रद्धालुओं को अपनी लोकेशन जानने में आसानी होगी कि वे किस सेक्टर या फिर किस रोड पर हैं। वे अपने मोबाइल से क्यू आर कोड को स्कैन करके अपने सुझाव व शिकायतें भी कंट्रोल रूम को भेज सकते हैं, जिससे उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने मीडिया के माध्यम से पूरे देश, विदेश तथा प्रदेश के लोगों को महाकुंभ 2025 में आने के लिए आमंत्रित किया। प्रयागराज दौरे के दूसरे दिन भी मंत्री ए.के. शर्मा ने सर्किट हाउस प्रयागराज में उर्जा एवं नगर विकास विभाग के अधिकारियों एवं मेला संबंधित कार्यों एवं सुविधाओं को प्रचारित करने के लिए नगर विकास विभाग की प्रचार प्रसार टीम के साथ बैठक किया। उन्होंने कहा कि आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को सुविधा अनुरूप मेला क्षेत्र की जानकारी एवं अन्य सुविधाओं से संबंधित जानकारी हेतु प्रचार प्रसार का कार्य निरंतर चलता रहना चाहिए, जिससे लोगों को मेला संबंधी जानकारी मिलती रहे। साथ ही मंत्री ए.के. शर्मा ने बिजली विभाग के अधिकारियों को महत्वपूर्ण स्थान, आजाद पार्क ,सभी चौराहे, पब्लिक स्पाट पर, सड़क किनारे वृक्षों व पार्कों में लाइटिंग कराकर तथा हैंगिंग लाईटों को लगाकर महाकुम्भ की शोभा और बढ़ाने के साथ सेल्फी स्पाट भी बनाने हेतु निर्देशित किया। इसके बाद नगर विकास मंत्री ने तीर्थराज प्रयाग में होने वाले इस वैश्विक स्तर के महाकुंभ को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने वाले सभी इन्फ्लूएंसरों को भी बुलाकर उनके साथ बैठक किया और प्रचार प्रसार में क्या अच्छा हो सकता है इस विषय पर चर्चा की। उन्होंने सभी इन्फ्लूएंसरों का मनोबल बढ़ाते हुए उनको इस कार्य को निरंतर करने हेतु प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने ने महाकुम्भ को और भी बेहतर व सुविधाजनक बनाने की दिशा में विचार विमर्श और सुझावों के आदान प्रदान हेतु प्रयागराज व्यापार मंडल और प्रयाग के अन्य प्रतिष्ठित लोगों के साथ सर्किट हाउस में बैठक की।जिसमें उन्होंने सभी व्यापारियों और व्यापार मण्डल के अध्यक्षों का सुझाव लिया और महाकुम्भ में अपने आसपास सफाई रखने, तथा दुकानों व घरों पर लाइटिंग व सजावट करने हेतु अपील की। मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि इस बार का महाकुंभ वैश्विक स्तर का बड़ा आयोजन है, जिसमें देश और विदेश से मेहमान आएंगे और उनके सम्मान में किसी भी प्रकार की कोई कमी न हो, उन्हें किसी भी प्रकार की कोई असुविधा न होने पाए। मेहमानों का आदर सत्कार करना हम भारतीयों की विरासत और संस्कृति रही है इसका विशेष ध्यान रखना है। इससे पूरे विश्व में एक बड़ा संदेश जाएगा कि भारतीय संस्कृति सबसे अद्भुत है। इस दौरान मेयर प्रयागराज गणेश केसरवानी , नगर आयुक्त प्रयागराज, प्रयागराज के सभी व्यापार मंडल के अध्यक्ष व पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

महाकुम्भ पुलिस की मुस्तैदी के बीच अन्तिम अखाड़े श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े का छावनी प्रवेश सकुशल हुआ सम्पन्न...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू

महाकुम्भ नगर :  महाकुम्भ मेला क्षेत्र में श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े की पेशवाई पत्थरचट्टी रामलीला मैदान से निकलकर प्रयाग संगीत समिति के रास्ते विवेकानंद मार्ग, जॉनसेनगंज चौराहा, घंटाघर चौराहा, ओल्ड जीटी रोड के बाएं राम भवन चौराहा के दाहिने मुड़कर आर्य कन्या चौराहा से भार्गव मार्ग होकर यमुना नये पुल मनकामेश्वर के पहले फोर्ड रोड चौराहा के रास्ते त्रिवेणी मार्ग मध्य पाण्टून पुल होते हुये अपने अखाड़ा शिविर में प्रवेश किया। 13 अखाडो के साधु-संतों का महाकुम्भ की नगरी में छवानी प्रवेश का आज अंतिम चरण था इस दौरान आज 13वे एवं अन्तिम अखाड़े श्री पंचायती निर्मल अखाड़े का छावनी प्रवेश हजारों साधु-संतों-महात्माओं के द्वारा ठाट-बाट के साथ हाथी-घोड़े और रथो पर सवार होकर अपने इष्ट देव के साथ धर्म ध्वज लेकर अस्त्र-शस्त्र से युद्ध कौशल का करतब दिखाते हुए कुम्भनगरी में आगे बढ़ा। छावनी प्रवेश में साधु-संतो-महात्माओं को देखने के लिए जगह-जगह पर शहर के स्थानीय लोगों का व मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। महाकुम्भ में अन्तिम अखाड़े के छावनी प्रवेश के दौरान मेला क्षेत्र में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महाकुम्भ के द्वारा साधु-संत-महात्माओं को पुष्पों की पहनाकर सबका स्वागत किया गया, साधु-संत-महात्माओं ने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था से प्रसन्न होकर पुलिस के अधिकारियों को पुष्पों की माला भेंट की एवं सराहना करते हुए आभार प्रकट किया। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महाकुम्भ के दिशा-निर्देशों पर छावनी प्रवेश के दौरान प्रत्येक तिराहें/चौराहे पर पुलिस बल सजग-सतर्क के साथ मुस्तैद रहा, अखाड़े की यात्रा/सुरक्षा व्यवस्था अपर पुलिस अधीक्षक आईसीसीसी व परेड एवं पुलिस के अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों के अथक प्रयास के फलस्वरूप सकुशल संपन्न हुआ।

महाकुम्भ पुलिस ने सम्मान सहित भिक्षुकों को भेजा वृद्धाश्रम...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


महाकुंभ नगर : महाकुम्भ-2025 को सकुशल एवं सुरक्षित संपन्न कराए जाने हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक श्री वैभव कृष्ण आईपीएस के दिशा-निर्देशों पर क्षेत्राधिकारी भिक्षुक दल एवं भिक्षुक दल महाकुम्भ की टीम के द्वारा महावीर जी कॉरिडोर के आस पास से 45 भिक्षुकों को सम्मान सहित नैनी प्रयागराज में स्थित आधारशिला वृद्धाआश्रम (NGO) में  व्यवस्थापित किया गया।

KHABREIN UTTAR RADESH KI NEWS PAPER

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