Thursday, April 16, 2026

जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने नगर-निकाय के कार्यों एवं डूंडा के कार्यों की समीक्षा की...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


कौशाम्बी : जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने आज कार्यालय कक्ष में नगर पालिका परिषद/नगर पंचायतों के निर्माण कार्यों एवं डूंडा के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के अन्तर्गत नगर-निकायों में कराए जा रहें कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान नगर पालिका परिषद भरवारी में निर्माण कार्य लम्बित पाए जाने पर नाराजगी प्रकट करते हुए अधिशासी अधिकारी को आगामी बैठक तक सभी कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने अधिशासी अधिकारी दारा नगर एवं चरवा को भी मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के सभी लम्बित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अपर जिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर को नगर निकायों के निर्माण कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।  जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों से कहा कि विद्यालयों में बाउण्ड्रीवाल, शौचालय एवं टाईलीकरण आदि कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाय। नगर निकायों में साफ-सफाई के कार्यों की मॉनिटरिंग किया जाय। जिलाधिकारी ने 15वॉ वित्त आयोग, वंदन योजना, नगरोदय योजना तथा सीवरेज व जल निकासी योजना के अन्तर्गत निकाय वार कराए जा रहें कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूर्ण कराई जाय। इसके साथ ही उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्माण कार्यों का प्रभावी अनुश्रवण करने एवं मौके पर भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो गया है, उन परियोजनाओं को हैण्डओवर भी करा दिया जाए। बैठक में पश्चिम शरीरा, चायल एवं दारा नगर में निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि नगर निकाय पश्चिम शरीरा में पेयजल परियोजना का कार्य 31 अगस्त, 2026 तक पूर्ण करा लिया जाएगा। इसी प्रकार नगर निकाय चायल में पेयजल परियोजना का कार्य इस माह तक पूर्ण हो जाएगा तथा नगर निकाय दारा नगर में पेयजल परियोजना का कार्य 20 जून तक पूर्ण हो जाएगा। जिलाधिकारी ने डूडा के कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत अधूरे आवासों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करवाया जाय। बैठक में अपर जिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहें।

जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने उच्च प्राथमिक विद्यालय बिदनपुर आमद करारी का किया निरीक्षण...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


कौशाम्बी : जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने उच्च प्राथमिक विद्यालय बिदनपुर आमद करारी का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक से नामांकित विद्यार्थियों की संख्या एवं अध्यापकों की संख्या आदि जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि बच्चां की उपस्थिति और बढ़ाई जाए एवं शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाय। उन्होंने विद्यालय में निपुण तालिका लगा हुआ न पाए जाने पर नाराजगी प्रकट करते हुए प्रधानाध्यापक को निपुण तालिक लगवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चां को मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन प्रदान किया जाय। विद्यालय में अनुशासन बनाए रखा जाय।

मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी ने की व्यापार बन्धु समिति की बैठक...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू 

कौशाम्बी : मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी ने उदयन सभागार में आयोजित जिला व्यापार बन्धु समिति की बैठक में व्यापारियों की समस्याओं को सुनकर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। बैठक में ओसा मण्डी परिसर के अन्दर तौल के लिए धर्मकांटा लगवाये जाने की मांग पर बताया गया कि धर्मकांटा लगाए जाने के लिए स्वीकृति प्राप्त होने के उपरान्त प्रयागराज मण्डल को पत्र पेषित कर दिया गया है। बैठक में नगर पंचायत दारा नगर के वार्ड नं0-06 में विद्युतीकरण के कार्य कराए जाने के प्रकरण पर अधिशासी अभियंता विद्युत ने बताया कि कार्य पूर्ण हो गया है।   बैठक में नगर पंचायत सराय अकिल के मुक्तिधाम में समर सेबल लगने की मांग पर अधिशासी अधिकारी ने बताया कि समरसेबल लगाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। बैठक में व्यापारियों ने अवगत कराया कि नवीन मण्डी समिति ओसा में अधिष्ठापित हैण्डपम्प क्रियाशील नहीं है, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने उपायुक्त वाणिज्यकर को हैण्डपम्प के क्रियाशीलता की स्थिति का सत्यापन कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक में रमेश अग्रहरि, प्रवेश केसरवानी एवं अरूण केसरवानी सहित आदि व्यापारीगण उपस्थित रहें।

पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने फरियादियों की सुनी समास्याएं, संबंधित को दिए दिशा निर्देश...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


कौशाम्बी : पुलिस कार्यालय कौशाम्बी में पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण द्वारा आम जनमानस की समस्याओं के प्रभावी निस्तारण हेतु जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए, जिन्हें पुलिस अधीक्षक द्वारा अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना गया। मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारियों एवं शाखा प्रभारियों को मौके पर जाकर त्वरित और निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी न होकर गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, जिससे पीड़ित व्यक्ति को वास्तविक न्याय और राहत मिल सके। सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाए।

Saturday, April 11, 2026

उप जिलाधिकारी, सिराथू ने ग्राम गनपा में भूमि विवाद की शिकायतों का मौके पर निस्तारण कराया...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


कौशाम्बी : उप जिलाधिकारी, सिराथू योगेश कुमार गौड़ ने “टॉप 10 भूमि विवादों का मौके पर समाधान” अभियान के अंतर्गत आज ग्राम गनपा में कैम्प आयोजित कर राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा भूमि विवाद से संबंधित शिकायतों का ग्राम स्तर पर ही त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया गया।उप जिलाधिकारी की उपस्थिति में कुल  03 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया। इनमें गाटा संख्या 600 व 618, जो कि बंजर खाते की भूमि है,पर हुए अवैध कब्जे को हटवाया गया। इन शिकायतों के निस्तारण से शिकायतकर्ता संतुष्ट हैं।  कैम्प में आमजन को भूमि विवाद से बचने एवं कोर्ट से भूमि विवाद निपटाने की प्रक्रिया की भी जानकारी दिया गया। उप जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में भी इसी प्रकार संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने थाना महेवाघाट का आकस्मिक निरीक्षण किया...

ररिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


 कौशाम्बी : पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत द्वारा थाना महेवाघाट का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, कार्यालय अभिलेख, मालखाना, हवालात, शस्त्रागार, बैरक एवं साफ-सफाई की व्यवस्था का गहनता से निरीक्षण किया गया। इस दौरान अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण तथा थाना परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही पुलिस कर्मियों को अनुशासन, तत्परता एवं जनसुनवाई में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रो. राजेन्द्र सिंह रज्जू भय्या विश्वविद्यालय में 25 नव निर्मित शैक्षणिक सुविधाओं का लोकार्पण किया...

रिपोर्ट- ईश्वर दीन साहू


प्रयागराज : प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय, प्रयागराज परिसर में 25 नव निर्मित शैक्षणिक सुविधाओं का बटन दबाकर लोकार्पण किया। सर्वप्रथम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने कुलाधिपति को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्रम प्रदान कर अभिनंदन किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में माननीय राज्यपाल जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए निर्मित शैक्षणिक सुविधाएं उत्कृष्ट एवं उच्च गुणवत्ता की होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से प्रयोगशालाओं के प्रभावी एवं नियमित उपयोग पर बल देते हुए कहा कि इनके माध्यम से विद्यार्थी अधिक व्यावहारिक ज्ञान अर्जित कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे शिक्षा अधिक पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी बन सके। उन्होंने अभिभावकों से भी आह्वान किया कि वे समय-समय पर विश्वविद्यालय आकर यह अवलोकन करें कि उनके बच्चे क्या सीख रहे हैं और किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में उन्होंने वर्तमान विश्व परिस्थितियों एवं संघर्षों का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि किसी भी राष्ट्र का विकास उसकी दूरदर्शिता पर निर्भर करता है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए माननीय राज्यपाल जी ने कहा कि वे स्वयं को केवल अपने परिवार की अपेक्षाओं तक सीमित न समझें, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों के सपनों का प्रतिनिधि मानते हुए अपने लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे यह विचार करें कि वे राष्ट्र निर्माण में क्या योगदान दे सकते हैं, क्योंकि प्रत्येक युवा की सकारात्मक सोच एवं प्रयास ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज का भारत अवसरों से परिपूर्ण है, जहां प्रत्येक विद्यार्थी के पास अपने सपनों को साकार करने की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल रोजगार तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार, शोध एवं सृजनात्मक कार्यों के माध्यम से देश के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि आज का भारत एक आकांक्षी भारत है, जहां हर व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक, नवाचार एवं डिजिटल क्रांति का युग है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों ने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को प्रभावित किया है। तकनीक के साथ-साथ मानवीय मूल्यों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे केवल तकनीकी रूप से दक्ष न बनें, बल्कि नैतिक रूप से भी सशक्त बनें तथा अपने ज्ञान का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के कल्याण के लिए करें। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का वर्तमान दशक चुनौतियों एवं संभावनाओं का संगम है, जहां वैश्विक परिस्थितियों के बीच आत्मनिर्भरता की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। भारत ने कठिन परिस्थितियों को अवसर में परिवर्तित करने की क्षमता प्रदर्शित की है तथा तकनीकी क्षेत्र में तीव्र गति से प्रगति करते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। माननीय राज्यपाल जी ने देश में सेमीकंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हो रहे विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत के तकनीकी आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्थापित हो रहे सेमीकंडक्टर संयंत्र देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने बताया कि जनभवन, उत्तर प्रदेश की पहल पर डॉ० ए०पी०जे० अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय एवं सीमेंस कंपनी के मध्य हुए समझौते के तहत सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन एवं सिमुलेशन जैसे क्षेत्रों में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जा रही है। इसके अंतर्गत लगभग 200 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, जो आगे चलकर हजारों विद्यार्थियों को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इस प्रकार की पहलें युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी दक्षता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि आज का भारत केवल परिवर्तन का साक्षी नहीं, बल्कि परिवर्तन का नेतृत्वकर्ता बन चुका है। ऊर्जा, तकनीक एवं नवाचार के क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे समय के साथ चलने के साथ-साथ समय को दिशा देने का संकल्प लें, ताकि वे स्वयं के साथ-साथ राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम के दौरान माननीय राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित देवालय का भी दर्शन किया। इसके पश्चात उन्होंने फार्मेसी विभाग, विज्ञान विभाग एवं कृषि विभाग के नव-निर्मित एवं उद्घाटित प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं एवं अन्य शैक्षिक अवसंरचनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने इन सुविधाओं की गुणवत्ता, आधुनिकता एवं उपयोगिता की प्रशंसा करते हुए इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही विश्वविद्यालय के लोकार्पित मुख्य पूर्वी द्वार का भी भ्रमण किया। कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में राज्यपाल जी का अभिनंदन करते हुए कहा कि माननीय कुलाधिपति महोदया ज्ञान, प्रेरणा और शक्ति का स्त्रोत है जिनके कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लोकार्पण के माध्यम से आधुनिक युग के मार्गदर्शन की दिशा और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भय्या) के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि मूल्य एवं विचारों का भी संवाहक है। विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न शैक्षिक योजनाओं, नवीन पाठ्यक्रमों तथा अधोसंरचनात्मक विकास कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नव स्थापित प्रयोगशालाओं में विद्यार्थी केवल शोध कार्य ही नहीं करेंगे, बल्कि तर्क, विश्लेषण एवं नवाचार की क्षमता भी विकसित करेंगे। यहाँ से निकलने वाले शोध समाज एवं राष्ट्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। नव निर्मित सुविधाओं के अन्तर्गत सम्मेलन कक्ष, संगोष्ठी सभागार, बायोकेमेस्ट्री प्रयोगशाला, यंत्र कक्ष, प्लांट एंड जेनेटिक ब्रीडिंग प्रयोगशाला, पूर्वी मुख्य द्वार, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली, फार्मास्यूटिकल प्रयोगशाला, फर्माकोलाजी प्रयोगशाला, नवनिर्मित देवालय, एस्पेक्टिक रूम, वनस्पति विज्ञान प्रयोगशाला, भौतिक विज्ञान प्रयोगशाला, फार्माकोग्नासी प्रयोगशाला, रसायन प्रयोगशाला, हॉर्टिकल्चर प्रयोगशाला, डाटा सेंटर, कंप्यूटर लैब, जीव विज्ञान प्रयोगशाला, स्मार्ट कक्ष, रसायन विज्ञान प्रयोगशाला, फार्मास्यूटिकल रसायन प्रयोगशाला, एग्रोनॉमी प्रयोगशाला इत्यादि हैं, जिनका कुलाधिपति महोदया ने संयुक्त रुप से लोकार्पण किया।कुलसचिव डॉ. विनीता यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी आस्था तिवारी, कुलानुशासक प्रो. राजकुमार गुप्त, अधिष्ठाता विद्यार्थी कल्याण प्रो.आशुतोष कुमार सिंह, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. विवेक कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी, प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गीतांजलि श्रीवास्तव ने किया।

KHABREIN UTTAR RADESH KI NEWS PAPER

KHABREIN UTTAR RADESH KI NEWS PAPER

VIDEOS